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फेल साबित हुए पुलिस के सुरक्षा इंतजाम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 06 Sep 2016 12:06 AM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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वन विभाग के रेंजर से चौकी बागबहादुर से मात्र 50 मीटर दूरी पर दिन दहाड़े दस लाख की लूट ने पुलिस के सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। प्रतिदिन दिन बैंकों की चेकिंग करने का दावा करने वाली मथुरा पुलिस को लुटेरों ने चुनौती दे डाली है।
सोमवार की सुबह शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में लूट की वारदात हुई, कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी होने के बाद भी लुटेरे आसानी से भाग निकले। इससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बैंकों से कैश निकालने जाने से लोग डर रहे हैं।
पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
वन विभाग के रेंजर से दस लाख रुपये की लूट की वारदात के बाद पुलिस ने बैंक, होटल, रेस्टोरेंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखीं। बैंकों के आसपास घूमने वाले संदिग्ध लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बैंक के आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस लूट की वारदात का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा।
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चेकिंग में जुटी रही पुलिस
लूट की वारदात की खबर पर एसएसपी बबलू कुमार, एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी, सीओ (सिटी) चक्रपाणि त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंचे। यहां निरीक्षण करने के बाद एसएसपी ने तत्काल रेंज स्कीम लागू कर दी। जिले के अलावा शहर के चौराहे-तिराहों पर पुलिस के जवान चेकिंग में जुटे दिखाई दिए। दोपहिया और चौपहिया वाहनों की सघन तलाशी ली गई। वारदात के बाद से चेकिंग में व्यस्त रही पुलिस को असफलता ही हाथ लगी।
पांच-पांच लाख के दो बंडल थे बैग में
सौंख अड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से वन विभाग के रेंजर मुकेश मीणा ने 10 लाख रुपए निकाले। बकौल रेंजर मुकेश मीणा उसने कैश काउंटर से धनराशि नहीं निकाली, बल्कि अंदर से कैशियर से चेक का भुगतान लिया। इसमें पांच सौ के नोटों का पांच लाख रुपये का बंधा बंडल था, वहीं दूसरा पांच सौ खुला बंडल था।
..तो पीछे-पीछे आए बदमाश
मथुरा (ब्यूरो)। बदमाशों ने जिस तरह से लूट की वारदात को अंजाम दिया उससे साफ है कि बदमाशों के पास कैश के संबंध में पूरी जानकारी थी। जाहिर है कि वन विभाग के दफ्तर से ही किसी तरह सूचना मिली होगी। तभी तो बदमाश पूरी प्लानिंग के साथ बैंक के बाहर खड़े थे।
रेंजर दस लाख का कैश लेकर बाहर आए और दो मिनट में बैग छीनकर फरार हो गए। पुलिस ढाई किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। अभी तीन कैमरों की रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग की जिप्सी के पीछे-पीछे एक बाइक दौड़ रही है।
एक प्वाइंट पर तीन बाइक नजर आ रही हैं। अब पुलिस इनकी तलाश में लग गई है। पुलिस यह भी मान रही है कि हो सकता है कि बदमाश बैंक के भीतर रहे हों। उन्होंने रेंजर को कैश लेते देख लिया और फिर उसके बाहर आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही वह बाहर आया थैला छीन लिया।
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सोमवार की सुबह शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में लूट की वारदात हुई, कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी होने के बाद भी लुटेरे आसानी से भाग निकले। इससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बैंकों से कैश निकालने जाने से लोग डर रहे हैं।
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पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज
वन विभाग के रेंजर से दस लाख रुपये की लूट की वारदात के बाद पुलिस ने बैंक, होटल, रेस्टोरेंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखीं। बैंकों के आसपास घूमने वाले संदिग्ध लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि बैंक के आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इस लूट की वारदात का जल्द खुलासा कर लिया जाएगा।
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चेकिंग में जुटी रही पुलिस
लूट की वारदात की खबर पर एसएसपी बबलू कुमार, एसपी (सिटी) आलोक प्रियदर्शी, सीओ (सिटी) चक्रपाणि त्रिपाठी और कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंचे। यहां निरीक्षण करने के बाद एसएसपी ने तत्काल रेंज स्कीम लागू कर दी। जिले के अलावा शहर के चौराहे-तिराहों पर पुलिस के जवान चेकिंग में जुटे दिखाई दिए। दोपहिया और चौपहिया वाहनों की सघन तलाशी ली गई। वारदात के बाद से चेकिंग में व्यस्त रही पुलिस को असफलता ही हाथ लगी।
पांच-पांच लाख के दो बंडल थे बैग में
सौंख अड्डा स्थित पंजाब नेशनल बैंक से वन विभाग के रेंजर मुकेश मीणा ने 10 लाख रुपए निकाले। बकौल रेंजर मुकेश मीणा उसने कैश काउंटर से धनराशि नहीं निकाली, बल्कि अंदर से कैशियर से चेक का भुगतान लिया। इसमें पांच सौ के नोटों का पांच लाख रुपये का बंधा बंडल था, वहीं दूसरा पांच सौ खुला बंडल था।
..तो पीछे-पीछे आए बदमाश
मथुरा (ब्यूरो)। बदमाशों ने जिस तरह से लूट की वारदात को अंजाम दिया उससे साफ है कि बदमाशों के पास कैश के संबंध में पूरी जानकारी थी। जाहिर है कि वन विभाग के दफ्तर से ही किसी तरह सूचना मिली होगी। तभी तो बदमाश पूरी प्लानिंग के साथ बैंक के बाहर खड़े थे।
रेंजर दस लाख का कैश लेकर बाहर आए और दो मिनट में बैग छीनकर फरार हो गए। पुलिस ढाई किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। अभी तीन कैमरों की रिपोर्ट के मुताबिक वन विभाग की जिप्सी के पीछे-पीछे एक बाइक दौड़ रही है।
एक प्वाइंट पर तीन बाइक नजर आ रही हैं। अब पुलिस इनकी तलाश में लग गई है। पुलिस यह भी मान रही है कि हो सकता है कि बदमाश बैंक के भीतर रहे हों। उन्होंने रेंजर को कैश लेते देख लिया और फिर उसके बाहर आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही वह बाहर आया थैला छीन लिया।