फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   rambraksh's relation with naxaloids

रामवृक्ष के उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ के सारंडाह के नक्सलियों से थे संबंध

Mon, 06 Jun 2016 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Mon, 06 Jun 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
rambraksh's relation with naxaloids
जवाहर बाग
जवाहर बाग का मास्टर माइंड रामवृक्ष तीन हजार लोगों का पूरा खर्चा यूं ही नहीं उठा रहा था। उसके उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ के नक्सलियों से संबंध थे और वहां से लाखों की रकम हर माह उसके लिए आती थी। जवाहर बाग में रहने वाले कब्जाधारियों को वह कमांडर की तरह निर्देशित करता था।
विज्ञापन


रविवार को अपराह्न तीन बजे अलीगढ़ कमिश्नर चंद्रकांत के निरीक्षण के बाद जवाहर बाग में पत्रकारों को प्रवेश दिया गया। अंदर भंडार गृह में पुलिस को एक भीगा हुआ मोटा रजिस्टर मिला। उसमें रामवृक्ष यादव और उसकी आजाद हिंद सरकार को मिलने वाली आर्थिक मदद और खर्चे का पूरा विवरण है।
विज्ञापन


 इसमें उड़ीसा के रंगलाल राठौर से हर माह 22 लाख रुपये मिलना अंकित है। बनारस के नारायण सिंह से 10 लाख, कन्नौज के मानसिंह से सात लाख और उन्नाव के एक व्यक्ति से आठ लाख रुपये से अधिक की राशि मिलने का विवरण भी इसमें है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा नक्सल प्रभावित जनपदों में उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़, सारडाह की पहाड़ियों में स्थित नक्सल प्रभावित इलाके के दर्जनों लोगों के नाम और लाखों की राशि भंडारे के नाम आने का विवरण भी अंकित है। 

रजिस्टर में राशि लाने वालों के  संगत सेवादारों और इलाका प्रमुखों का पदनाम दिया गया है। रजिस्टर में 20 से अधिक पन्नों में भंडारे और अन्य खर्चे अंकित हैं। इसमें जवाहर बाग में लगवाई गई तिरपाल पर 10 लाख से अधिक का खर्चा होना अंकित है। 

तीन हजार से अधिक का रोज बनता था खाना 
यहां रहने वाले लोगों के खाने-पीने और कपड़ों आदि का पूरा खर्चा रामवृक्ष यादव ही वहन करता था। एक बार में तीन हजार लोगों का खाना बनता था। एक-एक हजार लोगों को पंगत बनाकर खाना खिलाया जाता था। 

पजेरो में करता था सवारी 
जवाहर बाग का मास्टर माइंड रामवृक्ष यादव 22 लाख की पजेरो गाड़ी में बाहर निकलता था। साथ में पांच से सात गाड़ियों के काफिले में 24 से अधिक लोग साथ होते। जवाहर बाग में हुई आगजनी में 20 से अधिक वाहन जल गए। इनमें 10 जीप, कार, ट्रक, ट्रैक्टर, टेंपो, मिनी ट्रक और बाइक शामिल हैं। 

पेड़ पर बांस की चारपाई बना कर बनाए थे आशियाने 
रामवृक्ष यादव अपनी टीम को पूरे तरीके से नक्सली ट्रेनिंग देता था। इसके लिए उसने जवाहरबाग में पेड़ों पर बांस बल्ली की चारपाई बनाकर रहने तक के अशियाने बना रहे थे। अब वे आशियाने आग में जलकर थोड़े बहुत अवशेष बचे हैं। जले हुए बांस बल्ली व लाठी डँडों का ढ़ेर पड़ा हुआ है। 


रोज सुबह होती थी सुभाष प्रार्थना व ट्रेनिंग 
रामवृक्ष यादव अपनी टीम के लोगों को रोजाना सुबह प्रार्थना सभा के बाद ट्रेनिंग देता था। इसमें लाठी से वार करना व हर समय लाठी में नीला झंडा लगाए लोगों को रखने की आदत में शुमार कराता था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed