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कुर्की करने गई पुलिस एक फोन पर वापस लौटी
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 10 Oct 2016 11:45 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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फर्जी प्रस्ताव बनाकर कंपनी की संपत्ति को बेचने के मामले केे आरोपी दो साल से बेखौफ घूम रहे हैं। हाईवे पुलिस इन आरोपियों को पकड़ ही नहीं पाई। दो साल बाद सोमवार को क्राइम ब्रांच की टीम कुर्की करने पहुंची। आरोपी के घर का सामान बाहर निकाल लिया गया। इसी बीच एक फोन कॉल आने के बाद सामान को घर में दोबारा रखवा दिया।
मामला 2014 का है। ए-20, 21 मोतीकुंज निवासी विश्वनाथ अग्रवाल ने थाना हाईवे में दिनेश कुमार अग्रवाल निवासी मोतीकुंज, अजय सक्सेना निवासी नटवर नगर और अब्दुल हनीफ निवासी चंदनवन के खिलाफ थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि तीनों ने मिलकर फर्जी प्रस्ताव तैयार कराकर कंपनी की संपत्ति बेचने का षड्यंत्र रचा। मुकद्दमा दर्ज होने के बाद तीनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। कोर्ट से तीनों आरोपियों के गैर जमानती वारंट भी जारी हो गए।
इसी बीच अजय सक्सेना ने दूसरे मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया गया है कि पुलिस ने सरेंडर के बाद वारंट तामील कराकर इस मामले में शामिल कर लिया। करीब दो साल से दो आरोपी बेखौफ घूम रहे हैं। मार्च 2016 में दोनों आरोपियों के खिलाफ कुर्की से पहले कार्रवाई के आदेश जारी हुए।
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जून 2016 में कुर्की के आदेश हो गए। सोमवार को क्राइम ब्रांच के एसआई डीएन मिश्रा आरोपी दिनेश कुमार अग्रवाल के यहां कुर्की के लिए पहुंचे। सामान भी बाहर निकाल लिया गया लेकिन एक फोन कॉल के बाद सामान को अंदर रखवाकर बैरंग लौट आए। मामले में डीएन मिश्रा ने बताया कि एसीजेएम-चतुर्थ के आदेश पर कुर्की के लिए गए थे। बिना कुर्की के वापस लौटने पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए।
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मामला 2014 का है। ए-20, 21 मोतीकुंज निवासी विश्वनाथ अग्रवाल ने थाना हाईवे में दिनेश कुमार अग्रवाल निवासी मोतीकुंज, अजय सक्सेना निवासी नटवर नगर और अब्दुल हनीफ निवासी चंदनवन के खिलाफ थाना हाईवे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि तीनों ने मिलकर फर्जी प्रस्ताव तैयार कराकर कंपनी की संपत्ति बेचने का षड्यंत्र रचा। मुकद्दमा दर्ज होने के बाद तीनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। कोर्ट से तीनों आरोपियों के गैर जमानती वारंट भी जारी हो गए।
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इसी बीच अजय सक्सेना ने दूसरे मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया गया है कि पुलिस ने सरेंडर के बाद वारंट तामील कराकर इस मामले में शामिल कर लिया। करीब दो साल से दो आरोपी बेखौफ घूम रहे हैं। मार्च 2016 में दोनों आरोपियों के खिलाफ कुर्की से पहले कार्रवाई के आदेश जारी हुए।
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जून 2016 में कुर्की के आदेश हो गए। सोमवार को क्राइम ब्रांच के एसआई डीएन मिश्रा आरोपी दिनेश कुमार अग्रवाल के यहां कुर्की के लिए पहुंचे। सामान भी बाहर निकाल लिया गया लेकिन एक फोन कॉल के बाद सामान को अंदर रखवाकर बैरंग लौट आए। मामले में डीएन मिश्रा ने बताया कि एसीजेएम-चतुर्थ के आदेश पर कुर्की के लिए गए थे। बिना कुर्की के वापस लौटने पर कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए।