{"_id":"57a2366e4f1c1bc3762b9c7d","slug":"fraud-in-nhm-in-schools-of-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में हेल्थ चेकअप के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
स्कूलों में हेल्थ चेकअप के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
अजय खंडेलवाल
Updated Wed, 03 Aug 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइमरी स्कूलों में हेल्थ चेकअप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्कूलों में कैंप लगाने और दवाओं का वितरण करने जाने वाले डाक्टरों ने चारपहिया वाहनों का किराया मांगा है जबकि सभी लोग मोटरसाइकिलों से जा रहे हैं। खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की सेहत का परीक्षण करने को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हर ब्लाक पर चिकित्सकों की दो-दो टीमें बनाई गईं हैं। इस टीम के शामिल डाक्टर स्कूलों में जाकर बच्चों को दवाओं का वितरण भी करते हैं।
डाक्टरों ने जो रिपोर्ट दी थी उसमें कहा था कि वह चार पहिया वाहनों से स्कूलों तक जाते हैं। शक होने पर बाल स्वास्थ्य मिशन ने जांच शुरू करा दी। डाक्टर जिन वाहनों से स्कूलों में जा रहे थे उनके नंबर भी मांग लिए गए। पता चला कि वह नंबर मोटरसाइकिल और टाटा मैजिक के थे। आटो के भी नंबर निकले।
विज्ञापन
खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि मथुरा में जिन वाहनों का भुगतान किया जा रहा है उनमें फरह ब्लॉक में एक नंबर मोटर साइकिल का पाया गया है। छाता में टाटा मैजिक का। कई दूसरे ब्लाक से भी ऐसी ही रिपोर्ट आई है। कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आईं हैं।
वाहन संचालन में अनियमितताएं
- मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा लिए गए वाहनों के नहीं कराए जा रहे टेंडर
- टैक्सी परमिट वाहन के स्थान पर दिए जा रहे कार, स्कूटर, थ्री व्हीलर, मोटर साइकिल के नंबर
- एक ही नंबर के वाहन को एक से अधिक ब्लॉक चलता दर्शाया
- एक जिले के वाहन दूसरे जिलों में चलते दर्शा कर दोनों स्थानों से भुगतान मांगा
- मोबाइल हेल्थ टीम के लिए स्वीकृत वाहनों को जिले की अनुश्रवण और मूल्यांकन में अनुमन्य वाहनों के रूप में चलाकर दोहरा भुगतान लिया जा रहा है।
- बिलों के साथ लॉगबुक की सत्यापित कापी प्रस्तुत नहीं की जा रही है
ये है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विकास खंड पर चिकित्सकों की दो टीम लगाई गई हैं। प्रत्येक दिन वाहन चिकित्सकों की दोनों टीमों को अलग-अलग समय पर लेकर प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में जाता है। जहां चिकित्सक बच्चों की आंखों का परीक्षण, दवाओं का वितरण, चिकित्सीय जांच आदि करते हैं। वाहनों में फर्जीवाड़े के खुलासे ने साबित कर दिया है पूरी योजना महज कागजों में ही चलाई जा रही है और सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की सेहत का परीक्षण करने को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हर ब्लाक पर चिकित्सकों की दो-दो टीमें बनाई गईं हैं। इस टीम के शामिल डाक्टर स्कूलों में जाकर बच्चों को दवाओं का वितरण भी करते हैं।
विज्ञापन
डाक्टरों ने जो रिपोर्ट दी थी उसमें कहा था कि वह चार पहिया वाहनों से स्कूलों तक जाते हैं। शक होने पर बाल स्वास्थ्य मिशन ने जांच शुरू करा दी। डाक्टर जिन वाहनों से स्कूलों में जा रहे थे उनके नंबर भी मांग लिए गए। पता चला कि वह नंबर मोटरसाइकिल और टाटा मैजिक के थे। आटो के भी नंबर निकले।
विज्ञापन
खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि मथुरा में जिन वाहनों का भुगतान किया जा रहा है उनमें फरह ब्लॉक में एक नंबर मोटर साइकिल का पाया गया है। छाता में टाटा मैजिक का। कई दूसरे ब्लाक से भी ऐसी ही रिपोर्ट आई है। कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आईं हैं।
वाहन संचालन में अनियमितताएं
- मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा लिए गए वाहनों के नहीं कराए जा रहे टेंडर
- टैक्सी परमिट वाहन के स्थान पर दिए जा रहे कार, स्कूटर, थ्री व्हीलर, मोटर साइकिल के नंबर
- एक ही नंबर के वाहन को एक से अधिक ब्लॉक चलता दर्शाया
- एक जिले के वाहन दूसरे जिलों में चलते दर्शा कर दोनों स्थानों से भुगतान मांगा
- मोबाइल हेल्थ टीम के लिए स्वीकृत वाहनों को जिले की अनुश्रवण और मूल्यांकन में अनुमन्य वाहनों के रूप में चलाकर दोहरा भुगतान लिया जा रहा है।
- बिलों के साथ लॉगबुक की सत्यापित कापी प्रस्तुत नहीं की जा रही है
ये है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक विकास खंड पर चिकित्सकों की दो टीम लगाई गई हैं। प्रत्येक दिन वाहन चिकित्सकों की दोनों टीमों को अलग-अलग समय पर लेकर प्राइमरी और जूनियर विद्यालयों में जाता है। जहां चिकित्सक बच्चों की आंखों का परीक्षण, दवाओं का वितरण, चिकित्सीय जांच आदि करते हैं। वाहनों में फर्जीवाड़े के खुलासे ने साबित कर दिया है पूरी योजना महज कागजों में ही चलाई जा रही है और सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।