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सीबीआई अधिकारी बन लोगों से लाखों ठगे
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
Updated Sat, 26 Sep 2015 11:22 PM IST
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मोतीझील निवासी राजकुमार की छह महीने पूर्व बांकेबिहारी मंदिर में लवकुमार पांडेय उर्फ राजदीप निवासी पटियाली, कासगंज से दोस्ती हो गई। युवक ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए वृंदावन में किराए का मकान दिलाने की बात कही। राजकुमार ने लवकुमार को मोतीझील क्षेत्र निवासी श्याम सुंदर के मकान में कमरा दिला दिया।
लवकुमार ने आसपास के लोगों से संपर्क बढ़ाकर सीबीआई का अधिकारी बताते हुए रेलवे में नौकरी दिलाने की बात करने लगा। उसने राजकुमार की बेटियों की रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन किश्तों में पांच लाख रुपये ले लिए। श्याम सुंदर से 47 हजार, कृष्ण मुरारी से 40 हजार रुपये ले लिए। राजकुमार के अनुसार उन्हें लवकुमार पर उस समय शक हुआ जब उसने गुंजन को पांच नवंबर 2015 को रेलवे में नौकरी का ज्वाइनिंग लैटर दे दिया।
राजकुमार ने नैट पर सर्च कर ज्वाइनिंग लैटर की जानकारी की तब लवकुमार की सच्चाई समाने आ गई। इसके बाद राजकुमार ने वृंदावन पुलिस से इसकी शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस को लवकुमार ने अपने को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए आईकार्ड दिखाया। एक बार पुलिस भी उसके झांसे में आ गई, लेकिन कुछ अन्य लोगों ने भी रुपये लेने की शिकायत पर पुलिस उसे कोतवाली ले आई।
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पुलिस की तलाशी में लवकुमार के कमरे से चार महंगे मोबाइल, दर्जन भर सिम, लैपटॉप, डेविट कार्ड, ज्वाइनिंग और प्रमोशन लैटर, वोटर आईडी, सीबीआई का आईकार्ड बरामद किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। लवकुमार पांडेय उर्फ राजदीप 2013 दिल्ली में शीतल प्रसाद से पांच लाख की ठगी के आरोप में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पुलिस इस ओर से भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने सीबीआई हेडक्वार्टर इसकी सूचना दी थी वहां से पता चला है कि इस नाम का कोई अधिकारी उनके यहां नहीं है।
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लवकुमार ने आसपास के लोगों से संपर्क बढ़ाकर सीबीआई का अधिकारी बताते हुए रेलवे में नौकरी दिलाने की बात करने लगा। उसने राजकुमार की बेटियों की रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन किश्तों में पांच लाख रुपये ले लिए। श्याम सुंदर से 47 हजार, कृष्ण मुरारी से 40 हजार रुपये ले लिए। राजकुमार के अनुसार उन्हें लवकुमार पर उस समय शक हुआ जब उसने गुंजन को पांच नवंबर 2015 को रेलवे में नौकरी का ज्वाइनिंग लैटर दे दिया।
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राजकुमार ने नैट पर सर्च कर ज्वाइनिंग लैटर की जानकारी की तब लवकुमार की सच्चाई समाने आ गई। इसके बाद राजकुमार ने वृंदावन पुलिस से इसकी शिकायत की। मौके पर पहुंची पुलिस को लवकुमार ने अपने को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए आईकार्ड दिखाया। एक बार पुलिस भी उसके झांसे में आ गई, लेकिन कुछ अन्य लोगों ने भी रुपये लेने की शिकायत पर पुलिस उसे कोतवाली ले आई।
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पुलिस की तलाशी में लवकुमार के कमरे से चार महंगे मोबाइल, दर्जन भर सिम, लैपटॉप, डेविट कार्ड, ज्वाइनिंग और प्रमोशन लैटर, वोटर आईडी, सीबीआई का आईकार्ड बरामद किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। लवकुमार पांडेय उर्फ राजदीप 2013 दिल्ली में शीतल प्रसाद से पांच लाख की ठगी के आरोप में गिरफ्तार भी किया जा चुका है। पुलिस इस ओर से भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने सीबीआई हेडक्वार्टर इसकी सूचना दी थी वहां से पता चला है कि इस नाम का कोई अधिकारी उनके यहां नहीं है।