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आठ लोग हिरासत में, छरौरा में सन्नाटा
अमर उजाला वृंदावन
Updated Thu, 20 Oct 2016 11:37 PM IST
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छरौरा में सन्नाटा
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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थाना कोतवाली के गांव छरौरा में बुधवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस खामोश है। गुरुवार को दिन भर पुलिस मुकदमा दर्ज कराने वालों का इंतजार करती रही। शाम तक कोई तहरीर न आने पर भी पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज करने की जरूरत नहीं समझी। इससे घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि घटना के बाद आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को करवाचौथ पर थाना यमुनापार के लक्ष्मी नगर निवासी संजय और मनीष अपने तीसरे भाई रवि और चार लोगों के साथ रात में गांव छरौरा स्थित ससुराल आए थे। बताया गया है कि यहां मनीष की पत्नी मालती और रवि की पत्नी गीता को ले जाने की बात पर ससुरालवालों से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। गांव में हल्ला मचा कि बदमाश घुस आए हैं। देखते ही देखते गांव के लोग लाठी-डंडे और असलहे लेकर दौड़ पड़े। मनीष और संजय की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।
वारदात के बाद से रवि लापता है। मारपीट में दो महिलाओं सहित दस लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हत्याकांड के बारे में गांव में कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं है। गलियां सुनसान हैं और लोगों के बीच दहशत भरा सन्नाटा है। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने भी गुरुवार दोपहर घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने गांव से दो महिलाओं सहित आठ लोगाें को हिरासत में लिया है। इनमें मनीष की पत्नी के साथ ही ससुर डोरीलाल, धर्म सिंह के अलावा कई अन्य लोग शामिल हैं।
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मामले में कोतवाली प्रभारी मुनीषचंद्र का कहना है कि मृतक मनीष का परिवार मूल रूप से लक्ष्मी नगर का निवासी है, लेकिन बीते 25 वर्षों से वे कहीं और रह रहे हैं। परिवार से लगातार संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही है। दोपहर बाद तक कोई तहरीर नहीं मिली। मृतकों के भाई रवि के लापता होने बारे में बताया कि लोगों ने उसे आखिरी बार घायल अवस्था में नेशनल हाईवे की ओर भागते देखा था।
बवाल पर अलग-अलग बोल
गांव छरौरा में बुधवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड के बारे में लोग एकमत नहीं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि रवि और मनीष अपनी पत्नियों को जबरन ले जाने लगे। इस पर ससुर डोरीलाल ने विरोध किया तो उन पर भाइयों ने हमला कर दिया। इससे गांव में बदमाश आने का हल्ला मच गया और लोगों ने सभी को पीटना शुरू कर दिया। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि तीनों भाई सुलह के उद्देश्य से आए थे। शुरुआती दौर में बातचीत भी सकारात्मक रही।
किसी ने उन पर अपने ही साले पर तेजाब डालने का आरोप लगाया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद सिलसिला दो लोगों की हत्या के बाद जाकर रुका। गांववासी बताते हैं कि चार साल पहले रवि और मनीष की शादी डोरीलाल की पुत्रियों के साथ हुई थी। दहेज को लेकर दोनों परिवारों में विवाद हुआ और करीब दो साल से मालती और गीता बच्चों को लेकर अपने पिता के साथ ही रह रहीं थीं।
इधर बुधवार की रात से गांव के कई युवा और अधेड़ भूमिगत हो गए हैं। हत्या के मामले में पुलिस की धरपकड़ तेज है। असली हत्यारोपी की पहचान न होने के कारण संदिग्धों को हिरासत में लिया जा रहा है। ऐसे में रात को ही कई घरों के युवा और अधेड़ गांव से चले गए।
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गौरतलब है कि बुधवार को करवाचौथ पर थाना यमुनापार के लक्ष्मी नगर निवासी संजय और मनीष अपने तीसरे भाई रवि और चार लोगों के साथ रात में गांव छरौरा स्थित ससुराल आए थे। बताया गया है कि यहां मनीष की पत्नी मालती और रवि की पत्नी गीता को ले जाने की बात पर ससुरालवालों से विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। गांव में हल्ला मचा कि बदमाश घुस आए हैं। देखते ही देखते गांव के लोग लाठी-डंडे और असलहे लेकर दौड़ पड़े। मनीष और संजय की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई।
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वारदात के बाद से रवि लापता है। मारपीट में दो महिलाओं सहित दस लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हत्याकांड के बारे में गांव में कोई कुछ बोलने का तैयार नहीं है। गलियां सुनसान हैं और लोगों के बीच दहशत भरा सन्नाटा है। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने भी गुरुवार दोपहर घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने गांव से दो महिलाओं सहित आठ लोगाें को हिरासत में लिया है। इनमें मनीष की पत्नी के साथ ही ससुर डोरीलाल, धर्म सिंह के अलावा कई अन्य लोग शामिल हैं।
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मामले में कोतवाली प्रभारी मुनीषचंद्र का कहना है कि मृतक मनीष का परिवार मूल रूप से लक्ष्मी नगर का निवासी है, लेकिन बीते 25 वर्षों से वे कहीं और रह रहे हैं। परिवार से लगातार संपर्क कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही जा रही है। दोपहर बाद तक कोई तहरीर नहीं मिली। मृतकों के भाई रवि के लापता होने बारे में बताया कि लोगों ने उसे आखिरी बार घायल अवस्था में नेशनल हाईवे की ओर भागते देखा था।
बवाल पर अलग-अलग बोल
गांव छरौरा में बुधवार की रात हुए दोहरे हत्याकांड के बारे में लोग एकमत नहीं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि रवि और मनीष अपनी पत्नियों को जबरन ले जाने लगे। इस पर ससुर डोरीलाल ने विरोध किया तो उन पर भाइयों ने हमला कर दिया। इससे गांव में बदमाश आने का हल्ला मच गया और लोगों ने सभी को पीटना शुरू कर दिया। वहीं कुछ लोग कह रहे हैं कि तीनों भाई सुलह के उद्देश्य से आए थे। शुरुआती दौर में बातचीत भी सकारात्मक रही।
किसी ने उन पर अपने ही साले पर तेजाब डालने का आरोप लगाया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद सिलसिला दो लोगों की हत्या के बाद जाकर रुका। गांववासी बताते हैं कि चार साल पहले रवि और मनीष की शादी डोरीलाल की पुत्रियों के साथ हुई थी। दहेज को लेकर दोनों परिवारों में विवाद हुआ और करीब दो साल से मालती और गीता बच्चों को लेकर अपने पिता के साथ ही रह रहीं थीं।
इधर बुधवार की रात से गांव के कई युवा और अधेड़ भूमिगत हो गए हैं। हत्या के मामले में पुलिस की धरपकड़ तेज है। असली हत्यारोपी की पहचान न होने के कारण संदिग्धों को हिरासत में लिया जा रहा है। ऐसे में रात को ही कई घरों के युवा और अधेड़ गांव से चले गए।