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अगवा व्यापारी नेता परिवार सहित मुक्त
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 02 Jan 2016 10:41 PM IST
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बालाजी से दर्शन कर परिवार सहित बरेली लौट रहे व्यापारी दीपक गुप्ता को लुटेरों ने परिवार सहित अगवा कर लिया। लुटेरे उनको हाथिया ले जा रहे थे लेकिन दीपक, उनके बेटे के साहस और पुलिसकर्मियों की सजगता से लुटेरों के मंसूबे कामयाब नहीं हुए। परिवार लुटेरों के चंगुल से निकल आया और एक लुटेरे को पकड़ लिया गया।
बरेली के नवाबगंज निवासी व्यापारी और व्यापार संगठन के नेता दीपक गुप्ता पत्नी, दो बच्चों, चालक के साथ राजस्थान के दौसा जनपद स्थित महुआ बालाजी में दर्शन कर लौट रहे थे। शुक्रवार की रात करीब ढाई बजे राया रोड पर सैयद के निकट पीछे से आए स्कार्पियो सवार लुटेरों ने ओवरटेक कर उनकी कार रुकवा ली।
दीपक गुप्ता के चालक को अपनी स्कार्पियो में बैठा लिया। तीन लुटेरों ने दीपक के परिवार का कार सहित अपहरण कर लिया और हाथिया की ओर ले जाने लगे। बताया गया कि एक लुटेरा कार चला रहा था, दीपक उसकी बगल में बैठे थे। आगे लुटेरों की स्कार्पियो कार चल रही थी। कृष्णापुरी तिराहे पर पुलिसकर्मियों को देखकर दीपक ने कार की चाबी घुमा दी।
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कार एकाएक रुक गई। इधर पीछे की सीट पर बैठा दीपक का बेटा कार का दरवाजा खोलकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गया। घबराए लुटेरों ने दीपक के परिवार को छोड़ा और अपनी स्कार्पियो की ओर दौड़ पड़े। दीपक गुप्ता और तिराहे पर तैनात सिपाही भी उनके पीछे दौड़ पड़े। आगे जाकर उन्होंने एक लुटेरे तौफीक निवासी हाथिया थाना बरसाना को दबोच लिया। ऐसे में अन्य लुटेरों ने स्कार्पियो से दीपक के चालक को उतारा और भाग निकले। पुलिस के अनुसार फरार लुटेरे तौफीक के साथी इकराम, साहुन और तालीम निवासी हाथिया थाना बरसाना हैं। एसएसपी ने चारों सिपाहियों को पांच हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
दीपक ने कहा, बेटे के साहस ने बचाया
दीपक गुप्ता अपने परिवार के लुटेरों से बचने का श्रेय अपने 12 साल के बेटे वरुण को देते हैं। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने रात ढाई बजे उनका और परिवार का अपहरण किया था। एक लुटेरे ने उनकी कार की स्टीयरिंग संभाल ली। दूसरा लुटेरा उनकी बगल में हथियार लिए बैठ गया। तीसरा पीछे की सीट पर हथियार ताने बैठा था। गाड़ी में बैठते ही लुटेरोें ने उनसे 40 हजार नकदी, चार अंगूठी, चार मोबाइल, एटीएम आदि लूट लिया था।
कृष्णापुरी तिराहे के निकट जब चार सिपाही खड़े दिखे तो उन्होंने चुपके से गाड़ी की चाबी चुपके से घुमा दी। इस पर गाड़ी बंद हो गई। लुटेरे उन पर हथियार ताने थे लेकिन पीछे की सीट पर बैठे वरुण ने तेजी से दरवाजा खोला और दौड़कर सिपाहियों के पास पहुंच गया। इससे ही लुटेरे घबरा गए और उनको छोड़कर आगे खड़ी अपनी स्कार्पियो की ओर भागे।
दिल्ली के व्यापारी से वसूली थी 60 लाख फिरौती
हाथिया के इकराम गैंग ने चार माह पूर्व दिल्ली के एक स्क्रैप व्यापारी का अपहरण किया था। उसे चार दिन हाथिया के जंगलों में रखा और 60 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद छोड़ा। साहुन सहित छह से अधिक बदमाशों का गैंग उसके साथ है।
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बरेली के नवाबगंज निवासी व्यापारी और व्यापार संगठन के नेता दीपक गुप्ता पत्नी, दो बच्चों, चालक के साथ राजस्थान के दौसा जनपद स्थित महुआ बालाजी में दर्शन कर लौट रहे थे। शुक्रवार की रात करीब ढाई बजे राया रोड पर सैयद के निकट पीछे से आए स्कार्पियो सवार लुटेरों ने ओवरटेक कर उनकी कार रुकवा ली।
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दीपक गुप्ता के चालक को अपनी स्कार्पियो में बैठा लिया। तीन लुटेरों ने दीपक के परिवार का कार सहित अपहरण कर लिया और हाथिया की ओर ले जाने लगे। बताया गया कि एक लुटेरा कार चला रहा था, दीपक उसकी बगल में बैठे थे। आगे लुटेरों की स्कार्पियो कार चल रही थी। कृष्णापुरी तिराहे पर पुलिसकर्मियों को देखकर दीपक ने कार की चाबी घुमा दी।
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कार एकाएक रुक गई। इधर पीछे की सीट पर बैठा दीपक का बेटा कार का दरवाजा खोलकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंच गया। घबराए लुटेरों ने दीपक के परिवार को छोड़ा और अपनी स्कार्पियो की ओर दौड़ पड़े। दीपक गुप्ता और तिराहे पर तैनात सिपाही भी उनके पीछे दौड़ पड़े। आगे जाकर उन्होंने एक लुटेरे तौफीक निवासी हाथिया थाना बरसाना को दबोच लिया। ऐसे में अन्य लुटेरों ने स्कार्पियो से दीपक के चालक को उतारा और भाग निकले। पुलिस के अनुसार फरार लुटेरे तौफीक के साथी इकराम, साहुन और तालीम निवासी हाथिया थाना बरसाना हैं। एसएसपी ने चारों सिपाहियों को पांच हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की है।
दीपक ने कहा, बेटे के साहस ने बचाया
दीपक गुप्ता अपने परिवार के लुटेरों से बचने का श्रेय अपने 12 साल के बेटे वरुण को देते हैं। उन्होंने बताया कि लुटेरों ने रात ढाई बजे उनका और परिवार का अपहरण किया था। एक लुटेरे ने उनकी कार की स्टीयरिंग संभाल ली। दूसरा लुटेरा उनकी बगल में हथियार लिए बैठ गया। तीसरा पीछे की सीट पर हथियार ताने बैठा था। गाड़ी में बैठते ही लुटेरोें ने उनसे 40 हजार नकदी, चार अंगूठी, चार मोबाइल, एटीएम आदि लूट लिया था।
कृष्णापुरी तिराहे के निकट जब चार सिपाही खड़े दिखे तो उन्होंने चुपके से गाड़ी की चाबी चुपके से घुमा दी। इस पर गाड़ी बंद हो गई। लुटेरे उन पर हथियार ताने थे लेकिन पीछे की सीट पर बैठे वरुण ने तेजी से दरवाजा खोला और दौड़कर सिपाहियों के पास पहुंच गया। इससे ही लुटेरे घबरा गए और उनको छोड़कर आगे खड़ी अपनी स्कार्पियो की ओर भागे।
दिल्ली के व्यापारी से वसूली थी 60 लाख फिरौती
हाथिया के इकराम गैंग ने चार माह पूर्व दिल्ली के एक स्क्रैप व्यापारी का अपहरण किया था। उसे चार दिन हाथिया के जंगलों में रखा और 60 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के बाद छोड़ा। साहुन सहित छह से अधिक बदमाशों का गैंग उसके साथ है।