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दंगे के आरोपी पर कार्रवाई से आक्रोश
अमर उजाला कोसीकलां
Updated Fri, 24 Jun 2016 11:40 PM IST
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पुलिस
- फोटो : Demo Pic
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चार साल पहले नगर में हुए दंगे के मामले पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को पकड़ कर चालान कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है।
कोसी दंगे की जांच डीआईजी अलीगढ़ कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोसी पुलिस ने दंगे में वांछित चल रहे लक्ष्मण निवासी राठौर नगर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। इसकी जानकारी नगरवासियों को हुई तो पंचायतों का दौर शुरू हो गया।
देर शाम अग्रवाल धर्मशाला में बैठक हुई इसमें वक्ताओं ने पुलिस के रवैये की निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि रमजान के महीने में ये कार्रवाई माहौल बिगाड़ सकती है। एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एसएसपी बबलू कुमार से मुलाकात करेगा। बैठक के बाद देर शाम एक प्रतिनिधिमंडल ने इंस्पेक्टर नरेन्द्र कुमार यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला, पूर्व चेयरमैन छाता जगपाल सिंह, भानुप्रताप सिंह, धर्मवीर शर्मा, तरुण सेठ, सतवीर सांगवान, निर्भय पांडेय आदि थे। इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि करीब 10 से 15 लोगों के नाम वारंट आ चुके हैं। इन पर भी कार्रवाई होनी है।
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बता दें कि दंगे में पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, एमएलसी लेखराज चौधरी, पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला सहित 156 नामजद और 1200 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।
ऐसे बिगड़े थे हालात
एक जून 2012 को सरायशाही में एक धार्मिक स्थल के बाहर हुए पानी को लेकर हुए मामूली विवाद ने दंगे का रूप ले लिया था। पहले एक पक्ष ने उपद्रव किया फिर दूसरा पक्ष भी सामने आ गया। हिंसक भीड़ ने चार दर्जन से अधिक दुकानों, मकानों और दो कालेजों को आग के हवाले कर दिया। एक दर्जन दोपहिया और चौपहिया वाहन फूंक दिए गए। पेट्रोल बम फेंके गए और घर में घुस कर महिलाओं से अभद्रता की गई। इस संघर्ष में दो लोगों को जिंदा जलाने सहित चार की मौत और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस दौरान करीब 25 दिन तक बाजार भी बंद रहा था।
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कोसी दंगे की जांच डीआईजी अलीगढ़ कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोसी पुलिस ने दंगे में वांछित चल रहे लक्ष्मण निवासी राठौर नगर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया। इसकी जानकारी नगरवासियों को हुई तो पंचायतों का दौर शुरू हो गया।
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देर शाम अग्रवाल धर्मशाला में बैठक हुई इसमें वक्ताओं ने पुलिस के रवैये की निंदा की। वक्ताओं ने कहा कि रमजान के महीने में ये कार्रवाई माहौल बिगाड़ सकती है। एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को एसएसपी बबलू कुमार से मुलाकात करेगा। बैठक के बाद देर शाम एक प्रतिनिधिमंडल ने इंस्पेक्टर नरेन्द्र कुमार यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला, पूर्व चेयरमैन छाता जगपाल सिंह, भानुप्रताप सिंह, धर्मवीर शर्मा, तरुण सेठ, सतवीर सांगवान, निर्भय पांडेय आदि थे। इधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि करीब 10 से 15 लोगों के नाम वारंट आ चुके हैं। इन पर भी कार्रवाई होनी है।
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बता दें कि दंगे में पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी, एमएलसी लेखराज चौधरी, पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला सहित 156 नामजद और 1200 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है।
ऐसे बिगड़े थे हालात
एक जून 2012 को सरायशाही में एक धार्मिक स्थल के बाहर हुए पानी को लेकर हुए मामूली विवाद ने दंगे का रूप ले लिया था। पहले एक पक्ष ने उपद्रव किया फिर दूसरा पक्ष भी सामने आ गया। हिंसक भीड़ ने चार दर्जन से अधिक दुकानों, मकानों और दो कालेजों को आग के हवाले कर दिया। एक दर्जन दोपहिया और चौपहिया वाहन फूंक दिए गए। पेट्रोल बम फेंके गए और घर में घुस कर महिलाओं से अभद्रता की गई। इस संघर्ष में दो लोगों को जिंदा जलाने सहित चार की मौत और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस दौरान करीब 25 दिन तक बाजार भी बंद रहा था।