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दागदार वर्दी: मंदिरों के शहर में फल-फूल रहा नशे का धंधा

Sat, 18 Apr 2020 09:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Apr 2020 09:39 PM IST
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कोटवन चौकी पर शराब की गिनती में जुटे मजदूर। - फोटो : KOSI
मथुरा। मंदिरों के शहर में नशे का धंधा खूब फल-फूल रहा है। थाना कोसीकलां की कोटवन चौकी में जब्त शराब को तस्कर से मिलीभगत कर पुलिसकर्मियों द्वारा बेचने के मामले ने जिले में इस धंधे की हकीकत को उजागर कर दिया है। लॉकडाउन में भी शराब का धंधा जारी है। कच्ची शराब बनाई व दूसरे प्रदेशों की शराब बेची जा रही है। इसका प्रमाण है कि 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अब तक आबकारी विभाग ने 578 लीटर शराब पकड़ी है। आबकारी विभाग की कार्रवाई महज खानापूरी तक ही सीमित रही।
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प्रदेश सरकार ने मथुरा में वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधा कुंड, गोकुल तथा बल्देव में शराब की बिक्री पूर्णतया प्रतिबंधित कर दी है। पुलिस तथा आबकारी विभाग द्वारा तमाम तरह के दावे किए जाते हैं कि इन क्षेत्रों में शराब की बिक्री नहीं हो रही हैं परंतु ये गलत साबित हो रहे हैं। जब-जब आला अधिकारियों की नजर में अधीनस्थों को अपना गुडवर्क दिखाना होता है। वह छोटे-मोटे अवैध शराब बेचने वालों को अपना निशाना बनाकर इतिश्री कर लेते हैं। आबकारी विभाग के मुताबिक 25 मार्च से 16 अप्रैल तक उसने जनपद से 578 लीटर शराब पकड़ी है। इनमें कच्ची, अंग्रेजी तथा हरियाणा ब्रांड की शराब भी शामिल हैं। शराब उन क्षेेत्रों में भी पकड़ी गई, जो ड्राई एरिया हैं। जहां शराब बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
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थाना पुलिस द्वारा भी ड्राई एरिया में शराब पकड़ी गई हैं। जिससे साफ जाहिर है कि दोनों विभागों के पास शराब बिक्री की पूरी जानकारी तो है परंतु वह कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आबकारी अधिकारी ओमवीर सिंह ने बताया कि जैसे ही सूचना मिलती है वह कार्रवाई करते हैं। इसी जानकारी के अनुसार उन्होंने विगत दिनों जनपद भर में कुल 578 लीटर शराब भी पकड़ी है।
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पुलिस और आबकारी अफसरों में तालमेल नहीं
लक्ष्य एक, काम एक परंतु आपसी तालमेल कतई नहीं। यही हाल है अवैध शराब के मामले में पुलिस और आबकारी विभाग का। दोनों के पास पर्याप्त सूचना होने के बाद भी अलग-अलग प्रकार से काम करते हैं। जिसकी वजह से न तो कोई शराब माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो पाती है और न ही अवैध शराब का धंधा रुक पाता है।

600 दुकानदार हैं आबकारी के सूत्र
आबकारी विभाग की अवैध शराब बिक्री की जानकारी उनसे संबंधित 600 दुकानदार ही देते हैं। जब-जब उनकी दुकानों पर शराब की बिक्री प्रभावित होती है। उस क्षेत्र में कौन शराब की सप्लाई कर रहा है इसकी जानकारी वह अपने विभाग को देते हैं।
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