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सिपाहियों के मोबाइल सीडीआर खोलेगी एजेंटों की पोल
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कोसीकलां में शराब तस्करी में पकड़ी गई सिपाही की थाने में खड़ी कार।
- फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। कोटवन चौकी पर पुलिसकर्मियों ने तस्करों से मिलकर शराब चोरी में कौन-कौन शामिल है, इसका खुलासा सिपाहियों की मोबाइलों की सीडीआर से होगा। इसको लेकर पुलिस सक्रिय हो गई है। आरोपी सिपाहियों के मोबाइल खंगाले जा रहे है।
गत शनिवार को पुलिस ने चौकी पर खड़े शराब के वाहनों से शराब की पेटियां चोरी करते हुए एक युवक को पकड़ लिया। लेकिन दो लोग भागने में सफल रहे थे। इसकी भनक पुलिस के आला अधिकारियों को लगी। यह बात उनके गले नहीं उतरी तो स्टिंग के बाद एसएसपी ने कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल सत्येन्द्र पचौरी, शराब तस्कर विष्णु निवासी अजीजपुर सहित फैक्टरी के चौकीदार थान सिंह निवासी दहगांव को गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज बालेन्द्र सिंह और हेड मोहर्रिर अनुज को निलंबित कर दिया। इससे महकमें में हड़कंप मच गया। मामले के खुलासे के बाद पुलिस टीम जांच में जुट गई है। चौकी पर तैनात सिपाहियों के मोबाइलों की सीडीआर खंगाली जा रही है। जिससे सिपाहियों के शराब तस्करों से संबंधों का खुलासा हो सके। सूत्र बताते हैं कि कोसी, छाता, नंदगांव, बरसाना, नौहझील, शेरगढ़, गोपाल बाग के शराब एजेंट सिपाहियों के संपर्क में थे।
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निजी वाहनों से आपूर्ति
शराब की आपूर्ति के लिए सिपाही अपने रुतबे व वाहनों का इस्तेमाल करते थे और शराब एजेंट के स्थान तक पहुंचाते थे। सिपाहियों के पास चार पहिया वाहन होते थे। इसका खुलासा तब हुआ जब स्टिंग के दौरान तस्कर के यहां से सिपाही की कार बरामद हुई। सिपाही चौकी के सामने बनी फैक्ट्री में बने गोदाम से बोरों में भरकर देशी शराब ले जाते थे। अंग्रेजी की आपूर्ति ऑन डिमांड मिलने के बाद की जाती थी। इस काम को वह तड़के अंजाम देते थे।
दिन भर जांच में जुटे रहे अधिकारी
कोटवन चौकी पर पुलिस के आला अधिकारी दिन भर जांच में जुटे रहे। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र, सीओ जगदीश कालीरमन, इंस्पेक्टर आजादपाल सिंह अधीनस्थों के साथ मिलकर शराब तस्करी से जुड़े 40 मामलों के सत्यापन में जुटे रहे। अभी यह पता लगाना मुश्किल है कि चौकी पर कितनी शराब की पेटियां पकड़ी गई थी और कितनी बेच दी गई।
पुलिस हर एंगल से जांच करने में जुटी हुई है। सिपाहियों के मोबाइलों के सीडीआर निकलवाकर जांच कराई जाएगी, ताकि पता लग सके कि कौन सिपाही किस क्षेत्र में शराब एजेंट, तस्कर के संपर्क में था। - श्रीशचंद्र, एसपी ग्रामीण
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गत शनिवार को पुलिस ने चौकी पर खड़े शराब के वाहनों से शराब की पेटियां चोरी करते हुए एक युवक को पकड़ लिया। लेकिन दो लोग भागने में सफल रहे थे। इसकी भनक पुलिस के आला अधिकारियों को लगी। यह बात उनके गले नहीं उतरी तो स्टिंग के बाद एसएसपी ने कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल सत्येन्द्र पचौरी, शराब तस्कर विष्णु निवासी अजीजपुर सहित फैक्टरी के चौकीदार थान सिंह निवासी दहगांव को गिरफ्तार कर लिया है।
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वहीं, प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर चौकी इंचार्ज बालेन्द्र सिंह और हेड मोहर्रिर अनुज को निलंबित कर दिया। इससे महकमें में हड़कंप मच गया। मामले के खुलासे के बाद पुलिस टीम जांच में जुट गई है। चौकी पर तैनात सिपाहियों के मोबाइलों की सीडीआर खंगाली जा रही है। जिससे सिपाहियों के शराब तस्करों से संबंधों का खुलासा हो सके। सूत्र बताते हैं कि कोसी, छाता, नंदगांव, बरसाना, नौहझील, शेरगढ़, गोपाल बाग के शराब एजेंट सिपाहियों के संपर्क में थे।
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निजी वाहनों से आपूर्ति
शराब की आपूर्ति के लिए सिपाही अपने रुतबे व वाहनों का इस्तेमाल करते थे और शराब एजेंट के स्थान तक पहुंचाते थे। सिपाहियों के पास चार पहिया वाहन होते थे। इसका खुलासा तब हुआ जब स्टिंग के दौरान तस्कर के यहां से सिपाही की कार बरामद हुई। सिपाही चौकी के सामने बनी फैक्ट्री में बने गोदाम से बोरों में भरकर देशी शराब ले जाते थे। अंग्रेजी की आपूर्ति ऑन डिमांड मिलने के बाद की जाती थी। इस काम को वह तड़के अंजाम देते थे।
दिन भर जांच में जुटे रहे अधिकारी
कोटवन चौकी पर पुलिस के आला अधिकारी दिन भर जांच में जुटे रहे। एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र, सीओ जगदीश कालीरमन, इंस्पेक्टर आजादपाल सिंह अधीनस्थों के साथ मिलकर शराब तस्करी से जुड़े 40 मामलों के सत्यापन में जुटे रहे। अभी यह पता लगाना मुश्किल है कि चौकी पर कितनी शराब की पेटियां पकड़ी गई थी और कितनी बेच दी गई।
पुलिस हर एंगल से जांच करने में जुटी हुई है। सिपाहियों के मोबाइलों के सीडीआर निकलवाकर जांच कराई जाएगी, ताकि पता लग सके कि कौन सिपाही किस क्षेत्र में शराब एजेंट, तस्कर के संपर्क में था। - श्रीशचंद्र, एसपी ग्रामीण