{"_id":"ac1e3eaa2061d3e2106c97fc5c09f13d","slug":"cricket-tournament-in-gl-bajaj-institution-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएल बजाज में बरसे चौके-छक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएल बजाज में बरसे चौके-छक्के
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में फैकल्टी क्रिकेट लीग-2016 का आयोजन किया गया। पूरे स्टाफ को तीन टीम जीएल बजाज स्पार्टन्स, जीएल बजाज रायल्स और शिव वारियर्स में बांटा गया था।
लीग का उद्घाटन निदेशक डा. मीनू गुप्ता ने गेंद खेलकर किया। तीनों टीमों में सम्मिलित रूप से बराबर-बराबर महिला और पुरुष फैकल्टी को रखा गया था। फाइनल में स्पार्टन्स और शिव वारिर्यस के बीच कांटे का मुकाबला हुआ।
स्पार्टन्स ने केवल एक रन से विजेता टीम का ताज पहनने में सफलता पाई। आर्किटेक्ट पीयूष पंत को मैन आफ द मैच चुना गया।
संस्थान की निदेशक डा. मीनू गुप्ता ने कहा कि जीएल बजाज का स्टाफ जिस तरह उर्जा से सरोबार है वह वाकई काबिल के तारीफ है। खास तौर पर जिस तरीके से महिला फैकल्टी ने खेल के दौरान अपनी क्षमताओं और शक्ति का परिचय दिया है, वह सराहनीय है।
विज्ञापन
डा. गुप्ता ने आगे कहा कि फैकल्टी में एनर्जी रिजूविनेशन का जो सिलसिला शुरू हुआ है वह अब संस्थान के कार्यक्रम में स्थायी रूप से शामिल कर लिया गया है और विभिन्न खेलों और प्रोग्रामों के जरिए यह आगे भी चलता रहेगा।
विज्ञापन
लीग का उद्घाटन निदेशक डा. मीनू गुप्ता ने गेंद खेलकर किया। तीनों टीमों में सम्मिलित रूप से बराबर-बराबर महिला और पुरुष फैकल्टी को रखा गया था। फाइनल में स्पार्टन्स और शिव वारिर्यस के बीच कांटे का मुकाबला हुआ।
विज्ञापन
स्पार्टन्स ने केवल एक रन से विजेता टीम का ताज पहनने में सफलता पाई। आर्किटेक्ट पीयूष पंत को मैन आफ द मैच चुना गया।
संस्थान की निदेशक डा. मीनू गुप्ता ने कहा कि जीएल बजाज का स्टाफ जिस तरह उर्जा से सरोबार है वह वाकई काबिल के तारीफ है। खास तौर पर जिस तरीके से महिला फैकल्टी ने खेल के दौरान अपनी क्षमताओं और शक्ति का परिचय दिया है, वह सराहनीय है।
विज्ञापन
डा. गुप्ता ने आगे कहा कि फैकल्टी में एनर्जी रिजूविनेशन का जो सिलसिला शुरू हुआ है वह अब संस्थान के कार्यक्रम में स्थायी रूप से शामिल कर लिया गया है और विभिन्न खेलों और प्रोग्रामों के जरिए यह आगे भी चलता रहेगा।