{"_id":"6ab4275c34e557db9305668b","slug":"convicts-appeal-in-cheque-bounce-case-dismissed-mathura-news-c-369-1-mt11002-153120-2026-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: चेक बाउंस मामले में दोषी की अपील खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: चेक बाउंस मामले में दोषी की अपील खारिज
विज्ञापन
मथुरा। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-3 राजेश पाराशर ने बुधवार को चेक बाउंस के मामले में दोषी हुकम सिंह की अपील खारिज कर दी। अदालत ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष के कारावास और 12 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा को बरकरार रखा है।
राया के नया नगला निवासी नथिया देवी ने वर्ष 2019 में जमुनापार के डहरुआ रोड स्थित सिद्धार्थ नगर कॉलोनी निवासी हुकम सिंह के खिलाफ वाद दायर कराया था। इसमें आरोप लगाया कि हुकम सिंह का मकान उसके पड़ोस में था। उसने मकान बेचने की बात कहते हुए 22 लाख रुपये में सौदा तय किया। महिला ने अपने बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकालकर हुकम सिंह को नकद दे दिए।
रकम लेने के बाद हुकम सिंह ने नया मकान बनाने के लिए कुछ समय मांगा। इसके बाद उसने मकान खाली नहीं किया। रकम वापसी के लिए 20 जनवरी 2018 को हुकम सिंह ने पीड़िता को 10 लाख रुपये का चेक दिया। पीड़िता ने इसे बैंक में जमा कराया तो वह चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
इस पर महिला ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत मुकदमा दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद 8 जुलाई 2024 को निचली अदालत ने हुकम सिंह को एक वर्ष के कारावास और 12 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। फैसले के खिलाफ हुकम सिंह ने अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-3 में अपील दाखिल की थी।
विज्ञापन
राया के नया नगला निवासी नथिया देवी ने वर्ष 2019 में जमुनापार के डहरुआ रोड स्थित सिद्धार्थ नगर कॉलोनी निवासी हुकम सिंह के खिलाफ वाद दायर कराया था। इसमें आरोप लगाया कि हुकम सिंह का मकान उसके पड़ोस में था। उसने मकान बेचने की बात कहते हुए 22 लाख रुपये में सौदा तय किया। महिला ने अपने बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकालकर हुकम सिंह को नकद दे दिए।
विज्ञापन
रकम लेने के बाद हुकम सिंह ने नया मकान बनाने के लिए कुछ समय मांगा। इसके बाद उसने मकान खाली नहीं किया। रकम वापसी के लिए 20 जनवरी 2018 को हुकम सिंह ने पीड़िता को 10 लाख रुपये का चेक दिया। पीड़िता ने इसे बैंक में जमा कराया तो वह चेक बाउंस हो गया।
विज्ञापन
इस पर महिला ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत मुकदमा दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद 8 जुलाई 2024 को निचली अदालत ने हुकम सिंह को एक वर्ष के कारावास और 12 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। फैसले के खिलाफ हुकम सिंह ने अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-3 में अपील दाखिल की थी।