फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   conspiracy of ramvriksh was from jail to police stations

थानों से जेल तक फैला था रामवृक्ष का घूसतंत्र

Fri, 10 Jun 2016 11:56 PM IST
पुनीत शर्मा
पुनीत शर्मा Updated Fri, 10 Jun 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
conspiracy of ramvriksh was from jail to police stations
जवाहर बाग - फोटो : अमर उजाला
जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष का घूसतंत्र थानों से लेकर जेल तक फैला था। कब किसे कितने पैसे दिए इसकी पोल खुद उसकी डायरी खोल रही है। गाड़ियों को निकालने को किस थाने पर कितना पैसा दिया। थाने में बंद गाड़ी छुड़ाने को कितनी रिश्वत दी। जेल में मिलाई के लिए कितनी रकम गई। एक-एक पैसे का उल्लेख मिला है। पुलिस ने भी इस डायरी को विवेचना का हिस्सा बनाते हुए जांच शुरू कर दी है।  
विज्ञापन


रामवृक्ष ने जवाहर बाग को कब्जाने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। उसके संपर्क में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और झारखंड के कई बड़े शातिर अपराधी थे। कई तो बाकायदा जवाहर बाग में ही शरण लिए हुए थे। क्योंकि उन्हें इससे बड़ा सुरक्षित ठिकाना कोई लग नहीं रहा था।
विज्ञापन


वहीं रामवृक्ष भी इनके जरिए अपनी ताकत बना रहा था। तमाम ऐसे परिवारों को भी उसने अपने संपर्क में ले लिया था जिनका कोई अपना किसी अपराध में जेल में बंद है और वह तंगी के कारण उसकी जमानत नहीं करा पा रहे हैं। डायरी में साफ लिखा है कि रामवृक्ष का दाहिना हाथ कहलाए जाने वाला पश्चिम बंगाल निवासी चंदन बोस यह सारा काम देखता था। डायरी में किसी एक सचिव का भी उल्लेख है जिसे जगह-जगह सचिव साहब लिखा गया है।      
विज्ञापन
विज्ञापन



ये दर्ज है डायरी में
-दिल्ली में वकील साहब को दिए-80,000 रुपये
-सचिव साहब ने थाना बारादरी में बंद गाड़ी का भुगतान किया-38200 रुपये
-एक वकील साहब के खाते में भेजा गया धन-60,000 रुपये
-दिल्ली में जमानतियों का किराया और नाश्ता-7000 रुपये
-जेल में विनोद को मिलाई के वास्ते दिए-4000 रुपये
-जेल में खाना खर्च, धर्मशाला में ठहरने का खर्च- 5535 रुपये
-जमानतदारों का नाश्ता-11000 रुपये
-पुलिस को दिए-20,000 रुपये
-जेल में दिए गए-5,000 रुपये
-एक जेल में दिए-3700 रुपये
-गिनती कटवाने को दिए-1100 रुपये
-पेशी के दौरान खर्च हुए-1800 रुपये
(डायरी में दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, बरेली, आजमगढ़, कन्नौज, फतेहगढ़, हरदोई, पटना जेल का उल्लेख है।)

सबसे ज्यादा चंदा देने वाले कन्नौज में
रामवृक्ष के संगठन को सबसे ज्यादा चंदा कन्नौज से मिला। यहां से किसी ने पांच हजार रुपये तो किसी ने चार हजार रुपये दिए हैं। जवाहर बाग से मिले एक रजिस्टर में एक-एक हजार रुपये देने वालों की संख्या तो दर्जनों में है। कन्नौज के साथ बरेली, अलीगढ़, कुशीनगर, बुलंदशहर, आजमगढ़, कानपुर, गोरखपुर, देवरिया, बदायूं समेत कई जनपदों के नाम भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed