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Mathura News: बांके बिहारी मंदिर के पुनर्निर्माण पर बनी सहमति
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गोवर्धन। आन्यौर गांव में प्राचीन बांके बिहारी मंदिर के संरक्षण को लेकर पांच दिन से चल रहा ग्रामीणों का धरना सोमवार को समाप्त हो गया। मथुरा स्थित अवागढ़ हाउस में हुई पंचायत में मंदिर निर्माण और परिसर से लगी भूमि पर पांच बिंदुओं पर सहमति बनी। विधायक मेघश्याम सिंह की मौजूदगी में यह समझौता हुआ।
गंगा दशहरा पर पांच ईंटें रखकर मंदिर निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी। पंचायत में तय हुआ कि बांके बिहारी मंदिर का पुनर्निर्माण आगरा निवासी प्रदीप कंसल कराएंगे। शिवजी और हनुमानजी के मंदिरों का निर्माण ग्रामीण आपसी सहयोग और चंदे से करेंगे। मंदिर परिसर और उससे लगी भूमि पर आगरा निवासी व्यापारी बंधुओं का कोई अधिकार नहीं रहेगा। हालांकि, उनके आवागमन पर रोक नहीं होगी। मंदिर के पुजारी की नियुक्ति ग्रामवासियों की सहमति से की जाएगी।
माधव ठाकुर के अनुसार, करीब सौ वर्ष पहले विशंभर दास बाबा ने ग्रामीणों के सहयोग से बांके बिहारी मंदिर बनवाया था। यह मंदिर लंबे समय से ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। आरोप है कि कुछ लोग मंदिर को तोड़कर नया निर्माण करा रहे थे। इसके विरोध में ग्रामीणों ने धार्मिक विरासत के संरक्षण की मांग उठाई और धरना शुरू किया।
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गंगा दशहरा पर पांच ईंटें रखकर मंदिर निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी। पंचायत में तय हुआ कि बांके बिहारी मंदिर का पुनर्निर्माण आगरा निवासी प्रदीप कंसल कराएंगे। शिवजी और हनुमानजी के मंदिरों का निर्माण ग्रामीण आपसी सहयोग और चंदे से करेंगे। मंदिर परिसर और उससे लगी भूमि पर आगरा निवासी व्यापारी बंधुओं का कोई अधिकार नहीं रहेगा। हालांकि, उनके आवागमन पर रोक नहीं होगी। मंदिर के पुजारी की नियुक्ति ग्रामवासियों की सहमति से की जाएगी।
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माधव ठाकुर के अनुसार, करीब सौ वर्ष पहले विशंभर दास बाबा ने ग्रामीणों के सहयोग से बांके बिहारी मंदिर बनवाया था। यह मंदिर लंबे समय से ग्रामीणों की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। आरोप है कि कुछ लोग मंदिर को तोड़कर नया निर्माण करा रहे थे। इसके विरोध में ग्रामीणों ने धार्मिक विरासत के संरक्षण की मांग उठाई और धरना शुरू किया।
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