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Mathura News: डिप्थीरिया पर प्रहार, स्कूलों में विशेष टीकाकरण अभियान
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मथुरा। डिप्थीरिया जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में स्कूल आधारित विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत सरकारी और निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को उनकी आयु के अनुसार डीपीटी और टीडी के टीके लगाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों में पहुंचकर टीकाकरण कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल डिप्थीरिया का कोई पुष्ट मामला नहीं है, लेकिन बीमारी की रोकथाम के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि अभियान के पहले चरण में तीन अगस्त को 2,568 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इनमें 891 बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 1,449 बच्चों को टीडी-10 और 288 बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया गया।
अभियान के दूसरे दिन छह अगस्त को 7,244 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इनमें 2,120 बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 3,721 बच्चों को टीडी-10 और 1,403 बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया गया। इस प्रकार दो दिन में कुल 9,812 बच्चों को टीकाकरण का लाभ मिला।
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डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि 5 से 6 वर्ष आयु के कक्षा एक के बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 10 वर्ष आयु के कक्षा चार-पांच के बच्चों को टीडी-10 और 16 वर्ष आयु के कक्षा 10-11 के विद्यार्थियों को टीडी-16 का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, गले में सफेद परत या झिल्ली बन जाना, गले में दर्द और भोजन निगलने में कठिनाई शामिल है। यह बीमारी प्रायः 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों में अधिक देखी जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में फिलहाल डिप्थीरिया का कोई पुष्ट मामला नहीं है, लेकिन बीमारी की रोकथाम के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि अभियान के पहले चरण में तीन अगस्त को 2,568 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इनमें 891 बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 1,449 बच्चों को टीडी-10 और 288 बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया गया।
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अभियान के दूसरे दिन छह अगस्त को 7,244 बच्चों का टीकाकरण किया गया। इनमें 2,120 बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 3,721 बच्चों को टीडी-10 और 1,403 बच्चों को टीडी-16 का टीका लगाया गया। इस प्रकार दो दिन में कुल 9,812 बच्चों को टीकाकरण का लाभ मिला।
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डॉ. रोहताश सिंह ने बताया कि 5 से 6 वर्ष आयु के कक्षा एक के बच्चों को डीपीटी-2 बूस्टर, 10 वर्ष आयु के कक्षा चार-पांच के बच्चों को टीडी-10 और 16 वर्ष आयु के कक्षा 10-11 के विद्यार्थियों को टीडी-16 का टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया एक संक्रामक बीमारी है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, गले में सफेद परत या झिल्ली बन जाना, गले में दर्द और भोजन निगलने में कठिनाई शामिल है। यह बीमारी प्रायः 5 से 15 वर्ष आयु के बच्चों में अधिक देखी जाती है।