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Mathura News: खूब बिका रंग और गुलाल, पिचकारियों ने खींचा ध्यान
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होलिका दहन के लिए बाल व होरे खरीदती महिलाएं।
मथुरा। होली को लेकर बाजार में रंग, गुलाल और पिचकारी की धूम मची है। बाजार में जगह-जगह रंग-गुलाल और पिचकारी की फड़ों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी।
बुधवार को होली खेलने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने इसकी तैयारियां कर ली हैं। दुकानों पर एक बढ़कर एक पिचकारी बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बाजार में महिलाएं हर्बल गुलाल की मांग कर रही हैं। हर्बल गुलाल की कीमत 500 से 600 रुपये किलो है। हर्बल गुलाल 100 ग्राम का पाउच 50 रुपये तक में बाजार में उपलब्ध है।
कोतवाली रोड स्थित विनोद अग्रवाल ने बताया कि बच्चों के लिए वाटर बैलून और होली की आतिश ट्रेंडिंग में चल रही है। दुकानों पर बच्चों के लिए पिट्ठू पिचकारी, मलिंगा, बॉर्बी डॉल, डोरीमॉन, थ्री डी, प्रेशर लोटा सहित अन्य पिचकारियों की खासी मांग है। मुखौटे, होली कीटीशर्ट और खास सफेद रंग की पोशाकों की बिक्री भी हो रही है।
गेंहू, जौ और होरा खूब बिकीं
होलिका दहन के पूजन के लिए लोग चना, गेहूं और जौ की बालियों को जलती हुई होली की अग्नि में भूनने के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। इसका आशय नई फसल का पहला अंश अग्नि देवता को अर्पित करने का प्रतीक माना जाता है। बाजार में होरा 60-80 रुपये किलो और 15-20 बालियों की गुच्छी को 20-25 रुपये में बिक्री की जा रही है।
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बुधवार को होली खेलने के लिए लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोगों ने इसकी तैयारियां कर ली हैं। दुकानों पर एक बढ़कर एक पिचकारी बच्चों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बाजार में महिलाएं हर्बल गुलाल की मांग कर रही हैं। हर्बल गुलाल की कीमत 500 से 600 रुपये किलो है। हर्बल गुलाल 100 ग्राम का पाउच 50 रुपये तक में बाजार में उपलब्ध है।
कोतवाली रोड स्थित विनोद अग्रवाल ने बताया कि बच्चों के लिए वाटर बैलून और होली की आतिश ट्रेंडिंग में चल रही है। दुकानों पर बच्चों के लिए पिट्ठू पिचकारी, मलिंगा, बॉर्बी डॉल, डोरीमॉन, थ्री डी, प्रेशर लोटा सहित अन्य पिचकारियों की खासी मांग है। मुखौटे, होली कीटीशर्ट और खास सफेद रंग की पोशाकों की बिक्री भी हो रही है।
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गेंहू, जौ और होरा खूब बिकीं
होलिका दहन के पूजन के लिए लोग चना, गेहूं और जौ की बालियों को जलती हुई होली की अग्नि में भूनने के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। इसका आशय नई फसल का पहला अंश अग्नि देवता को अर्पित करने का प्रतीक माना जाता है। बाजार में होरा 60-80 रुपये किलो और 15-20 बालियों की गुच्छी को 20-25 रुपये में बिक्री की जा रही है।
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