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UP: अपनी ही बच्ची की चोरी के आरोप में जेल भेजी मां...सीएम कार्यालय से कार्रवाई के लिए कहा, तो भेजा ये जवाब
Thu, 13 Feb 2025 01:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Feb 2025 01:12 PM IST
सार
मथुरा में एक शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने निर्दोष मां समेत पांच लोगों को अपनी ही बच्ची को जेल भेजे के मामले का संज्ञान लिया। विशेष सचिव मुख्यमंत्री ने बेगुनाह लोगों को जेल भेजे जाने के मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई कराते हुए अवगत कराने के आदेश दिए थे, लेकिन पुलिस उपाधीक्षक रेलवे आगरा ने बजाए कार्रवाई के सीएम कार्यालय को ये लिखकर भेज दिया कि कार्रवाई की कोई जरूरत ही नहीं है।
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बालिका की फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार अलेडिया ने मथुरा जंक्शन से बच्ची चोरी के आरोप में उसकी मां हिना चौहान समेत पांच बेगुनाह लोगों को जेल भेजे जाने का मुद्दा उठाया था। डीएनए जांच में ये साबित हो गया कि जो बच्ची बरामद बच्ची की असली मां पुलिस द्वारा आरोपी बनाई गई हिना चौहान ही है। इसके बाद 15 माह बाद जेल से 8 फरवरी को उसे रिहा कर दिया गया था।
डीएनए रिपोर्ट सामने आने के बाद सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक शिकायत भेजकर बेगुनाह लोगों को जेल भेजने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। सीएम कार्यालय के विशेष सचिव ने अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ को मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई कराते हुए, कार्रवाई से अवगत कराने के आदेश दिए थे।
अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे ने ये पत्र पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा को भेजा था। पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा ने पुलिस उपाधीक्षक रेलवे आगरा नजमुल हसन को इसके लिए आदेशित किया था। सारे आरोप साबित होने के बाद भी सीओ रेलवे आगरा ने निर्दोषों को जेल भेजने वाले विवेचक वरिष्ठ उप निरीक्षक गौरव वर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा ये लिखकर जवाब भेज दिया गया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय और बाल कल्याण समिति को उसकी प्रति भेज दी गई है। विधिक कार्रवाई की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। 12 फरवरी को यही आख्या अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे की ओर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है।
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क्या दोषी नहीं बेगुनाह मां समेत पांच को जेल भेजने वाले
मथुरा जंक्शन से फूलवती ने अपनी बच्ची चोरी होने का मुकदमा 8 जनवरी 2023 को मथुरा जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में दर्ज कराया था। मामले में विवेचक वरिष्ठ उप निरीक्षक गौरव वर्मा ने मय टीम के 11 अक्तूबर 2023 को दिल्ली से एक बच्ची व अन्य पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में शामिल हिना बच्ची को अपनी बेटी बता रही थी लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी। सभी आरोपियों को बच्चा चोर गिराेह बताते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया था। सवाल ये है कि, ऐसे में क्या उन पुलिसकर्मियों का कोई दोष नहीं या उन पर कोई कार्रवाई नहीं बनती है।
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डीएनए रिपोर्ट सामने आने के बाद सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय को एक शिकायत भेजकर बेगुनाह लोगों को जेल भेजने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। सीएम कार्यालय के विशेष सचिव ने अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे लखनऊ को मामले में जांच कर विधिक कार्रवाई कराते हुए, कार्रवाई से अवगत कराने के आदेश दिए थे।
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अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे ने ये पत्र पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा को भेजा था। पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा ने पुलिस उपाधीक्षक रेलवे आगरा नजमुल हसन को इसके लिए आदेशित किया था। सारे आरोप साबित होने के बाद भी सीओ रेलवे आगरा ने निर्दोषों को जेल भेजने वाले विवेचक वरिष्ठ उप निरीक्षक गौरव वर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा ये लिखकर जवाब भेज दिया गया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद न्यायालय और बाल कल्याण समिति को उसकी प्रति भेज दी गई है। विधिक कार्रवाई की कोई आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है। 12 फरवरी को यही आख्या अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे की ओर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई है।
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क्या दोषी नहीं बेगुनाह मां समेत पांच को जेल भेजने वाले
मथुरा जंक्शन से फूलवती ने अपनी बच्ची चोरी होने का मुकदमा 8 जनवरी 2023 को मथुरा जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में दर्ज कराया था। मामले में विवेचक वरिष्ठ उप निरीक्षक गौरव वर्मा ने मय टीम के 11 अक्तूबर 2023 को दिल्ली से एक बच्ची व अन्य पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में शामिल हिना बच्ची को अपनी बेटी बता रही थी लेकिन पुलिस ने किसी की एक नहीं सुनी। सभी आरोपियों को बच्चा चोर गिराेह बताते हुए पुलिस ने जेल भेज दिया था। सवाल ये है कि, ऐसे में क्या उन पुलिसकर्मियों का कोई दोष नहीं या उन पर कोई कार्रवाई नहीं बनती है।