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पेट के कीड़ों की दवा खाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ी
ब्यूरो अमर उजाला
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:44 PM IST
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बीमार बच्चे
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फरह और चौमुंहा के स्कूलों में पेट के कीड़े मारने की दवा खाते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेजी से सर्दी लगी और चक्कर आने लगे। बार-बार टायलेट जाना पड़ रहा था। सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां से उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई है।
फरह ब्लाक के दीनदयाल धाम में स्थित गुलाब मेमोरियल पब्लिक स्कूल में सोमवार दोपहर को लंच के बाद बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजॉल) दी गई। सभी को एक-एक गोली दी गई थी। दवा खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को सर्दी लगने लगी और टॉयलेट आने लगा। कुछ बच्चों को चक्कर भी आए। बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही पब्लिक स्कूल के मैनेजर श्रीगोपाल ने फरह के स्वास्थ्य केंद्र में सूचना दी। वहां से एंबुलेंस पहुंची और 36 बच्चों को अस्पताल ले आई। चिकित्सकों ने सभी का उपचार शुरू किया। हालांकि ट्रीटमेंट के बाद कुछ देर में सभी बच्चे ठीक हो गए। दोपहर को तीन बजे तक सभी बच्चों को घर भेज दिया गया।
इधर, चौमुंहा ब्लाक के बरौली गांव में जूनियर हाईस्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दवा खाते ही बच्चों को सर्दी लगने लगी और चक्कर आने लगे। स्कूल के 25 बच्चों को अस्पताल भेजा गया। सभी की हालत ठीक है। अधिकांश को घर भेज दिया गया है। सीएमओ डा. आरके नैयर सूचना मिलने के बाद फरह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चों का हाल जाना।
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अस्पताल पहुंचे मम्मी-पापा
जिसने भी सुना कि स्कूल में दवा खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है वह सभी भागकर अस्पताल पहुंच गए। बच्चों को देखकर कुछ महिलाएं तो बिलखने लगी थीं। डाक्टरों ने सभी को समझा बुझाकर शांत किया। बताया गया कि बच्चे पूरी तरह से ठीक हैं। फरह और चौमुंहा के अस्पतालों में यही स्थिति रही।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके नैय्यर ने बताया कि ये दवा भारत सरकार की सप्लाई में आई है। दवा लेने के बाद कुछ दुष्प्रभाव मसलन जी मिचलाना, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत आ जाती है। फरह और चौमुंहा में इस प्रकार की शिकायतें आईं। स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी बच्चों को दवा दी जा रही है। अब बच्चों की तबीयत सामान्य है।
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फरह ब्लाक के दीनदयाल धाम में स्थित गुलाब मेमोरियल पब्लिक स्कूल में सोमवार दोपहर को लंच के बाद बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजॉल) दी गई। सभी को एक-एक गोली दी गई थी। दवा खाने के कुछ देर बाद ही बच्चों को सर्दी लगने लगी और टॉयलेट आने लगा। कुछ बच्चों को चक्कर भी आए। बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही पब्लिक स्कूल के मैनेजर श्रीगोपाल ने फरह के स्वास्थ्य केंद्र में सूचना दी। वहां से एंबुलेंस पहुंची और 36 बच्चों को अस्पताल ले आई। चिकित्सकों ने सभी का उपचार शुरू किया। हालांकि ट्रीटमेंट के बाद कुछ देर में सभी बच्चे ठीक हो गए। दोपहर को तीन बजे तक सभी बच्चों को घर भेज दिया गया।
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इधर, चौमुंहा ब्लाक के बरौली गांव में जूनियर हाईस्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। दवा खाते ही बच्चों को सर्दी लगने लगी और चक्कर आने लगे। स्कूल के 25 बच्चों को अस्पताल भेजा गया। सभी की हालत ठीक है। अधिकांश को घर भेज दिया गया है। सीएमओ डा. आरके नैयर सूचना मिलने के बाद फरह स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बच्चों का हाल जाना।
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अस्पताल पहुंचे मम्मी-पापा
जिसने भी सुना कि स्कूल में दवा खाने से बच्चों की तबीयत बिगड़ गई है वह सभी भागकर अस्पताल पहुंच गए। बच्चों को देखकर कुछ महिलाएं तो बिलखने लगी थीं। डाक्टरों ने सभी को समझा बुझाकर शांत किया। बताया गया कि बच्चे पूरी तरह से ठीक हैं। फरह और चौमुंहा के अस्पतालों में यही स्थिति रही।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. आरके नैय्यर ने बताया कि ये दवा भारत सरकार की सप्लाई में आई है। दवा लेने के बाद कुछ दुष्प्रभाव मसलन जी मिचलाना, पेट में दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत आ जाती है। फरह और चौमुंहा में इस प्रकार की शिकायतें आईं। स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी बच्चों को दवा दी जा रही है। अब बच्चों की तबीयत सामान्य है।