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श्रीनाथजी शैली में गिरिराज प्रभु का अनूठा शृंगार
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:09 PM IST
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श्रीगिर्राजधरण सेवा समिति कोटा के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को गोवर्धनधाम में छप्पन भोग महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें गिरिराज प्रभु को अर्पित छप्पन भोग श्रीनाथजी की शैली में अनूठे शृंगार के बीच नजर आए।
राजस्थानी वेशभूषा में श्रीकृष्ण की भक्ति में चुनरी पहनी महिलाएं तो कुर्ता धोती और सिर पर पगड़ी बांधे पुरुष कार्यक्रम की शोभा बने हुए थे। मथुरा में श्रीकृष्ण की लीलाओं की साक्षात धरोहर यमुना में चुनरी मनोरथ के बाद आज कलियुग के प्रथम देवता गिरिराज महाराज का दुग्धाभिषेक किया गया।
कोटा राजस्थान से हजारों की संख्या में आए भक्तों ने प्रभु के समक्ष शुद्ध देसी घी से बने व्यंजनों के भोग लगाए। आरती कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने उतारी। इस अवसर पर जगदीश कुमार सैनी, मांगीलाल अजमेरा, बाबूलाल कछावा, तेजकरण गुप्ता, डॉ. पृथ्वीराज मालव, गुलाब चन्द नागर, दीपचन्द सुमन, प्रेम सिंह गौड़, रामस्वरूप, जगदीश शर्मा आदि मौजूद थे।
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राजस्थानी वेशभूषा में श्रीकृष्ण की भक्ति में चुनरी पहनी महिलाएं तो कुर्ता धोती और सिर पर पगड़ी बांधे पुरुष कार्यक्रम की शोभा बने हुए थे। मथुरा में श्रीकृष्ण की लीलाओं की साक्षात धरोहर यमुना में चुनरी मनोरथ के बाद आज कलियुग के प्रथम देवता गिरिराज महाराज का दुग्धाभिषेक किया गया।
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कोटा राजस्थान से हजारों की संख्या में आए भक्तों ने प्रभु के समक्ष शुद्ध देसी घी से बने व्यंजनों के भोग लगाए। आरती कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज ने उतारी। इस अवसर पर जगदीश कुमार सैनी, मांगीलाल अजमेरा, बाबूलाल कछावा, तेजकरण गुप्ता, डॉ. पृथ्वीराज मालव, गुलाब चन्द नागर, दीपचन्द सुमन, प्रेम सिंह गौड़, रामस्वरूप, जगदीश शर्मा आदि मौजूद थे।
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