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Mathura News: चैत्र नवरात्र आज से, घर-घर होगी शक्ति की आराधना
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मथुरा। नवरात्र की पूर्व संध्या पर देवी पूजन के लिए मिट्टी के बर्तन खरीदते लोग।
- फोटो : mathura
मथुरा। चैत्र नवरात्र की शुरुआत रविवार से हो रही है। घर-घर मातारानी की आराधना होगी। शनिवार को देर शाम तक मंदिरों में सजावट व तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाता रहा। उधर, बाजार में खरीदारों की भीड़ से रौनक रही। कुट्टू के आटे, साबूदाना चिप्स, आलू चिप्स, मेवा सहित अन्य चीजों की मांग बढ़ गई है। इस बार नवरात्र आठ दिन होंगे।
अधिकांश लोग पूरे व्रत रखते हैं, जिसके लिए फलाहार का बाजार पूरी तरह तैयार है। सिघाड़े, चौलाई और मिक्स आटा की मांग खूब है। वहीं, मेवा और मखाना मिक्स शाही मखाना खीर की मांग भी खूब है। साबूदाना, समा का चावल, फलहारी नमकीन, मेवा सहित आलू एवं साबूदाना चिप्स भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। वहीं केला, आलू चिप्स के साथ ही साबूदाना पापड़, मखाना, मूंगफली नमकीन की मांग है। भरतपुर गेट, कोतवाली रोड, होली गेट बाजरा में खूब भीड़ है।
मेवा की मांग, मखाना, किशमिश के बढ़े दाम
उपवास रखने वालों के लिए फलहार के सामान के साथ मेवा की मांग है। काजू, बादाम, मखाना, किशमिश की मांग सर्वाधिक है। मखाने और किशमिश के दाम ने बाजार प्रभावित किया है। मखाने के दामों में 400 से 500 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है और मूल्य 1400 से 1500 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। वहीं किशमिश के मूल्यों में 100 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि से मूल्य 300 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। इसके बाद भी दिनभर खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही।
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प्रथम दिन होगी मां शैलपुत्री की आराधना
चैत्र नवरात्र की शुरुआत माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ शुरू होगी। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में जगह-जगह मंदिरों में पूरे नवरात्र श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ अनुष्ठान कराने की तैयारी की है। पंडित शरद चतुर्वेदी ने बताया कि मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए सफेद रंग का बहुत महत्व है। मान्यता है कि माता शैलपुत्री की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को अच्छे वर की प्राप्ति होती है।
66 साल पहले हुई थी ब्रज सिद्ध पीठ श्रीकाली मंदिर की स्थापना
मथुरा। ब्रज सिद्ध पीठ श्रीकाली मां मंदिर की अपनी अलग ही मान्यता है। मंदिर की स्थापना वर्ष 1959 में महाशिवरात्रि के दिन हुई थी। मंदिर की स्थापना का श्रेय मथुरा विद्युत निगम के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर सेठ कालीचरण भगत को जाता है। उनके हृदय में यहां मंदिर हो, ऐसी भावना का संचार हुआ और उन्होंने स्वर्गीय मुकुंद राम चौबे नौहरे वालों से इस संबंध में बात की।
मंदिर के पुजारी दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर एक बजे तक खुला रहेगा। इस दौरान नित्यप्रति दैनिक पूजन अर्चन के बाद गणेश पूजन, कलश पूजन, पंचोपकार पूजन, नवग्रह पूजन, दुर्गासप्तसती का पाठ होगा। शाम को भी प्रतिदिन नया शृंगार बंगला के भव्य दर्शन छह बजे से 11 बजे तक होंगे। आरती रात को 12 बजे होगी। छह अप्रैल को छप्पन भोग रात्रि जागरण के साथ नवरात्रि उत्सव की पूर्णाहुति होगी। मंदिर के संरक्षक महेश चतुर्वेदी ने बताया पूरे विश्व में ऐसी चमत्कारिक सूक्ष्म प्रतिमा कहीं नहीं है। यहां महामाई की छह इंच की प्रतिमा है। मान्यता है कि नवरात्र में जो हर दिन आकर माता रानी के समक्ष दीप जलाता है, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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अधिकांश लोग पूरे व्रत रखते हैं, जिसके लिए फलाहार का बाजार पूरी तरह तैयार है। सिघाड़े, चौलाई और मिक्स आटा की मांग खूब है। वहीं, मेवा और मखाना मिक्स शाही मखाना खीर की मांग भी खूब है। साबूदाना, समा का चावल, फलहारी नमकीन, मेवा सहित आलू एवं साबूदाना चिप्स भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। वहीं केला, आलू चिप्स के साथ ही साबूदाना पापड़, मखाना, मूंगफली नमकीन की मांग है। भरतपुर गेट, कोतवाली रोड, होली गेट बाजरा में खूब भीड़ है।
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मेवा की मांग, मखाना, किशमिश के बढ़े दाम
उपवास रखने वालों के लिए फलहार के सामान के साथ मेवा की मांग है। काजू, बादाम, मखाना, किशमिश की मांग सर्वाधिक है। मखाने और किशमिश के दाम ने बाजार प्रभावित किया है। मखाने के दामों में 400 से 500 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है और मूल्य 1400 से 1500 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। वहीं किशमिश के मूल्यों में 100 रुपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि से मूल्य 300 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गए हैं। इसके बाद भी दिनभर खरीदारी के लिए भीड़ लगी रही।
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प्रथम दिन होगी मां शैलपुत्री की आराधना
चैत्र नवरात्र की शुरुआत माता शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ शुरू होगी। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में जगह-जगह मंदिरों में पूरे नवरात्र श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन के साथ अनुष्ठान कराने की तैयारी की है। पंडित शरद चतुर्वेदी ने बताया कि मां शैलपुत्री को प्रसन्न करने के लिए सफेद रंग का बहुत महत्व है। मान्यता है कि माता शैलपुत्री की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को अच्छे वर की प्राप्ति होती है।
66 साल पहले हुई थी ब्रज सिद्ध पीठ श्रीकाली मंदिर की स्थापना
मथुरा। ब्रज सिद्ध पीठ श्रीकाली मां मंदिर की अपनी अलग ही मान्यता है। मंदिर की स्थापना वर्ष 1959 में महाशिवरात्रि के दिन हुई थी। मंदिर की स्थापना का श्रेय मथुरा विद्युत निगम के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर सेठ कालीचरण भगत को जाता है। उनके हृदय में यहां मंदिर हो, ऐसी भावना का संचार हुआ और उन्होंने स्वर्गीय मुकुंद राम चौबे नौहरे वालों से इस संबंध में बात की।
मंदिर के पुजारी दिनेश चतुर्वेदी ने बताया कि नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिर सुबह 6:30 बजे से दोपहर एक बजे तक खुला रहेगा। इस दौरान नित्यप्रति दैनिक पूजन अर्चन के बाद गणेश पूजन, कलश पूजन, पंचोपकार पूजन, नवग्रह पूजन, दुर्गासप्तसती का पाठ होगा। शाम को भी प्रतिदिन नया शृंगार बंगला के भव्य दर्शन छह बजे से 11 बजे तक होंगे। आरती रात को 12 बजे होगी। छह अप्रैल को छप्पन भोग रात्रि जागरण के साथ नवरात्रि उत्सव की पूर्णाहुति होगी। मंदिर के संरक्षक महेश चतुर्वेदी ने बताया पूरे विश्व में ऐसी चमत्कारिक सूक्ष्म प्रतिमा कहीं नहीं है। यहां महामाई की छह इंच की प्रतिमा है। मान्यता है कि नवरात्र में जो हर दिन आकर माता रानी के समक्ष दीप जलाता है, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।