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कानपुर में मिली कार का कनेक्शन मथुरा से
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मथुरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कानपुर रैली और जनसभा के वक्त जिस कार पर भाजपा के झंडे बैनर लगाकर उसे आग लगाई गई थी, उस कार को मथुरा के एक व्यक्ति से खरीदा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच टीम अब मथुरा में उस कार विक्रेता को ढूंढ रही है, जिसकी कार में योजनाबद्ध तरीके से आग लगाकर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की गई थी।
सपा के नेताआेें ने योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन इस कार को खरीदा था और ताज्जुब इस बात का है कि खरीदार ने इस कार को अपने नाम भी ट्रांसफर नहीं कराया था। कार का मालिक वर्तमान में अंकुर पटेल है, जो सपा के पिछड़ा प्रकोष्ठ का सचिव बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री के कानपुर दौरे के समय जिस कार में भाजपा के झंडे लगे थे, उसे बुरी तरह तोड़ा- फोड़ा और जलाया गया था। इस मामले में अब यह नया खुलासा हुआ है कि आरोपियों मेें शामिल कार का मालिक अंकुर पटेल ने पूछताछ में बताया है कि उसने यह कार मथुरा के राधारमन सिंह से खरीदी थी, लेकिन उसने खरीदारी के बाद उस कार को अपने नाम नहीं कराया।
बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी के वक्त अंकुर पटेल ने कहा कि जांच करा लो, यह कार मेरी नहीं है। उसने यह कहकर और भी जांच टीम को परेशान कर दिया। इस मामले में अंकुर पटेल समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार मथुरा के राधारमन सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे ऑनलाइन वेबसाइड से खरीदा गया था। केवल 10 रुपये के स्टांप पेपर पर खरीद-फरोख्त की गई। इससे जाहिर हो रहा है कि पटेल ने जानबूझकर ऐसा किया, जिससे वह पकड़ा जाए तो कार के रजिस्ट्रेशन में उसका नाम न आए।
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सपा के नेताआेें ने योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन इस कार को खरीदा था और ताज्जुब इस बात का है कि खरीदार ने इस कार को अपने नाम भी ट्रांसफर नहीं कराया था। कार का मालिक वर्तमान में अंकुर पटेल है, जो सपा के पिछड़ा प्रकोष्ठ का सचिव बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री के कानपुर दौरे के समय जिस कार में भाजपा के झंडे लगे थे, उसे बुरी तरह तोड़ा- फोड़ा और जलाया गया था। इस मामले में अब यह नया खुलासा हुआ है कि आरोपियों मेें शामिल कार का मालिक अंकुर पटेल ने पूछताछ में बताया है कि उसने यह कार मथुरा के राधारमन सिंह से खरीदी थी, लेकिन उसने खरीदारी के बाद उस कार को अपने नाम नहीं कराया।
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बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेशी के वक्त अंकुर पटेल ने कहा कि जांच करा लो, यह कार मेरी नहीं है। उसने यह कहकर और भी जांच टीम को परेशान कर दिया। इस मामले में अंकुर पटेल समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार मथुरा के राधारमन सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे ऑनलाइन वेबसाइड से खरीदा गया था। केवल 10 रुपये के स्टांप पेपर पर खरीद-फरोख्त की गई। इससे जाहिर हो रहा है कि पटेल ने जानबूझकर ऐसा किया, जिससे वह पकड़ा जाए तो कार के रजिस्ट्रेशन में उसका नाम न आए।
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