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Mathura News: छाता के पूर्व चेयरमैन के भाई की नकाबपोशों ने गोली मारकर की हत्या
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मथुरा। छाता कोतवाली के पास मंगलवार देर रात बाइक सवार दो नकाबपोशों ने छाता के पूर्व चेयरमैन स्व. प्रताप चौधरी के छोटे भाई प्रेम सिंह की सिर में गोली मार कर हत्या कर दी। घटना उस वक्त हुई जब प्रेम सिंह पेप्सी कंपनी में ड्यूटी खत्म कर रात 10:30 बजे करीब दोस्त संग बाइक पर बैठकर गांव लौट रहे थे। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। चार नामजदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बुधवार दोपहर बाद शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया। शाम को अंतिम संस्कार हुआ।
प्रेम सिंह चौधरी (35) पुत्र स्व. छिद्दी सिंह निवासी सिंगू थोक, छाता पेप्सी कंपनी में काम करते थे। उनकी पिछले कई दिनों से दोपहर दो से रात 10 बजे तक की ड्यूटी थी। मंगलवार को वह ड्यूटी खत्म कर गांव के ही रत्न सिंह के साथ बाइक पर घर आ रहे थे। करीब 10:30 बजे छाता कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर आगरा-दिल्ली हाईवे पर होटल टॉप मोस्ट के सामने पीछे से बाइक पर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने प्रेम सिंह के सिर पर असलहा सटाकर गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
रत्न सिंह से हड़बड़ाहट में बाइक गिर गई। उन्होंने तत्काल पुलिस व प्रेम सिंह के परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस प्रेम सिंह को एक निजी मेडिकल कॉलेज में लेकर गई। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। देर रात मौके पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी देहात त्रिगुण बिसेन, सीओ छाता आशीष शर्मा, फील्ड यूनिट, स्वाट, एसओजी टीम के साथ पहुंचे। परिजनों, गांव वालों से हत्या के संबंध में पूछताछ की। शक के आधार पर पांच लोगों को देर रात ही हिरासत में लिया गया। मृतक के भतीजे मनीष ने गांव के अमित उर्फ पिंटू, उसके पिता हर प्रसाद, दोस्त नवीन निवासी मोरकुटी, पलवल और चाचा रामवीर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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परिवार के अनुसार पुरानी रंजिश में हुई हत्या, दुश्मन हुए एक
परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि प्रेम सिंह के भतीजे मंजीत से गांव के अमित उर्फ पिंटू से तीन माह पहले लड़ाई हुई थी। इसमें मंजीत पर फायरिंग भी हुई थी। मगर, इस विवाद में भी मुकदमा दर्ज होने के एक सप्ताह बाद समझौता हो गया था। इसी रंजिश में उसके चाचा की हत्या की है। पिंटू को लेकर बताया कि करीब दो साल पहले उनके घर में वह घुस आया था। तभी उसे पकड़कर पिटाई लगाई थी। थाने के हवाले भी किया था। मगर, गांव व राजनीतिक लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। पिंटू के चाचा रामवीर से बीती दिवाली पर पटाखे चलाने को लेकर विवाद हो गया था। इसमें हथियार तक निकल आए थे। इधर, इस विवाद में भी समझौता हो गया था। प्रेम सिंह की हत्या के लिए यह सभी दुश्मन एक हो गए।
लूट की खातिर हत्या से पुलिस व परिजनों ने किया इन्कार
इस वारदात के पीछे लूट का भी उद्देश्य शुरुआत में सामने आया। मगर, पुलिस ने जैसे ही जांच शुरू की। कुछ ही देर में लूट की खातिर हत्या के एंगल से मना कर दिया। इधर, परिजनों ने भी इसको लेकर मना किया है। रत्न सिंह से भी पूछताछ हुई। उसने भी पुलिस को बताया कि हत्यारों ने पीछे से आकर सीधे सिर में हथियार सटाकर गोली मारी है। अगर, उनका इरादा लूट का होता तो वह रोकते, रकम, मोबाइल मांगते। कोई विरोध होने पर हत्या करते। मगर, ऐसा नहीं हुआ। इधर, स्व. छिद्दी सिंह के तीन बेटे थे। इनमें प्रीतम चौधरी सबसे बड़े थे, जो कि चेयरमैन रह चुके हैं। उनकी कैंसर की वजह से मौत हुई थी। प्रेम सिंह दूसरे नंबर के थे। अब परिवार में तीसरे नंबर का भाई रूपचंद ही बचे हैं। रूपचंद प्रॉपर्टी डीलर हैं। इस हत्याकांड के बाद मंगलवार रात से ही गांव में मातम पसर गया। बुधवार को गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
प्रेम की हत्या की खबर पाते ही शिमला से लौटा परिवार
प्रेम सिंह के भाई रूपचंद, उनकी पत्नी, तीनों बच्चे और प्रेम सिंह के दोनों बच्चे 24 जून को शिमला घूमने गए थे। मंगलवार रात को जैसे ही यह वारदात हुई। परिजनों ने उन्हें फोन पर तत्काल सूचना दी। सूचना पाते ही वह मथुरा के लिए वहां से रवाना हो लिए। बुधवार दोपहर बाद वह गांव लौटे। रूपचंद भाई का शव देख फफक-फफक कर रो उठे। शाम को प्रेम सिंह के शव को मुखाग्नि दी गई। दस वर्ष के बेटे अंश ने उनको मुखाग्नि दी।
वर्जन
घटना दुखद है। दो नकाबपोशों द्वारा वारदात को अंजाम देना बताया जा रहा है। हत्या के पीछे का उद्देश्य और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं। इसकी जांच की जा रही है। खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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प्रेम सिंह चौधरी (35) पुत्र स्व. छिद्दी सिंह निवासी सिंगू थोक, छाता पेप्सी कंपनी में काम करते थे। उनकी पिछले कई दिनों से दोपहर दो से रात 10 बजे तक की ड्यूटी थी। मंगलवार को वह ड्यूटी खत्म कर गांव के ही रत्न सिंह के साथ बाइक पर घर आ रहे थे। करीब 10:30 बजे छाता कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर आगरा-दिल्ली हाईवे पर होटल टॉप मोस्ट के सामने पीछे से बाइक पर आए दो नकाबपोश बदमाशों ने प्रेम सिंह के सिर पर असलहा सटाकर गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
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रत्न सिंह से हड़बड़ाहट में बाइक गिर गई। उन्होंने तत्काल पुलिस व प्रेम सिंह के परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस प्रेम सिंह को एक निजी मेडिकल कॉलेज में लेकर गई। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। देर रात मौके पर एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय, एसपी देहात त्रिगुण बिसेन, सीओ छाता आशीष शर्मा, फील्ड यूनिट, स्वाट, एसओजी टीम के साथ पहुंचे। परिजनों, गांव वालों से हत्या के संबंध में पूछताछ की। शक के आधार पर पांच लोगों को देर रात ही हिरासत में लिया गया। मृतक के भतीजे मनीष ने गांव के अमित उर्फ पिंटू, उसके पिता हर प्रसाद, दोस्त नवीन निवासी मोरकुटी, पलवल और चाचा रामवीर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
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परिवार के अनुसार पुरानी रंजिश में हुई हत्या, दुश्मन हुए एक
परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि प्रेम सिंह के भतीजे मंजीत से गांव के अमित उर्फ पिंटू से तीन माह पहले लड़ाई हुई थी। इसमें मंजीत पर फायरिंग भी हुई थी। मगर, इस विवाद में भी मुकदमा दर्ज होने के एक सप्ताह बाद समझौता हो गया था। इसी रंजिश में उसके चाचा की हत्या की है। पिंटू को लेकर बताया कि करीब दो साल पहले उनके घर में वह घुस आया था। तभी उसे पकड़कर पिटाई लगाई थी। थाने के हवाले भी किया था। मगर, गांव व राजनीतिक लोगों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। पिंटू के चाचा रामवीर से बीती दिवाली पर पटाखे चलाने को लेकर विवाद हो गया था। इसमें हथियार तक निकल आए थे। इधर, इस विवाद में भी समझौता हो गया था। प्रेम सिंह की हत्या के लिए यह सभी दुश्मन एक हो गए।
लूट की खातिर हत्या से पुलिस व परिजनों ने किया इन्कार
इस वारदात के पीछे लूट का भी उद्देश्य शुरुआत में सामने आया। मगर, पुलिस ने जैसे ही जांच शुरू की। कुछ ही देर में लूट की खातिर हत्या के एंगल से मना कर दिया। इधर, परिजनों ने भी इसको लेकर मना किया है। रत्न सिंह से भी पूछताछ हुई। उसने भी पुलिस को बताया कि हत्यारों ने पीछे से आकर सीधे सिर में हथियार सटाकर गोली मारी है। अगर, उनका इरादा लूट का होता तो वह रोकते, रकम, मोबाइल मांगते। कोई विरोध होने पर हत्या करते। मगर, ऐसा नहीं हुआ। इधर, स्व. छिद्दी सिंह के तीन बेटे थे। इनमें प्रीतम चौधरी सबसे बड़े थे, जो कि चेयरमैन रह चुके हैं। उनकी कैंसर की वजह से मौत हुई थी। प्रेम सिंह दूसरे नंबर के थे। अब परिवार में तीसरे नंबर का भाई रूपचंद ही बचे हैं। रूपचंद प्रॉपर्टी डीलर हैं। इस हत्याकांड के बाद मंगलवार रात से ही गांव में मातम पसर गया। बुधवार को गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
प्रेम की हत्या की खबर पाते ही शिमला से लौटा परिवार
प्रेम सिंह के भाई रूपचंद, उनकी पत्नी, तीनों बच्चे और प्रेम सिंह के दोनों बच्चे 24 जून को शिमला घूमने गए थे। मंगलवार रात को जैसे ही यह वारदात हुई। परिजनों ने उन्हें फोन पर तत्काल सूचना दी। सूचना पाते ही वह मथुरा के लिए वहां से रवाना हो लिए। बुधवार दोपहर बाद वह गांव लौटे। रूपचंद भाई का शव देख फफक-फफक कर रो उठे। शाम को प्रेम सिंह के शव को मुखाग्नि दी गई। दस वर्ष के बेटे अंश ने उनको मुखाग्नि दी।
वर्जन
घटना दुखद है। दो नकाबपोशों द्वारा वारदात को अंजाम देना बताया जा रहा है। हत्या के पीछे का उद्देश्य और कौन-कौन लोग इसमें शामिल हैं। इसकी जांच की जा रही है। खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया गया है। जल्द हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी