{"_id":"681bb3cc43ab49cfbe0680fe","slug":"bombing-caused-a-stampede-teams-arrived-after-the-siren-sounded-mathura-news-c-369-1-mt11009-129223-2025-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बम गिरने से मची भगदड़, सायरन बजने के बाद पहुंचीं टीमें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बम गिरने से मची भगदड़, सायरन बजने के बाद पहुंचीं टीमें
विज्ञापन
मथुरा। मॉकड्रिल के दौरान घायल युवक।
- फोटो : mathura
मथुरा। रिफाइनरी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बम गिरने से भगदड़ मच गई। सायरन बजते ही आनन-फानन सुरक्षाकर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। लोगों को सतर्क करने के लिए पीए सिस्टम में सुरिक्षत स्थान पहुंचने की आवाज गूंजने लगी। अग्निशमन दल, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के कर्मचारी बचाव में जुट गए।
ये नजारा बुधवार को हुई सिविल डिफेंस मॉकड्रिल और ब्लैक आउट में देखने को मिला। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने युद्ध के दौरान बचने का अभ्यास किया।
7:30 से 7:45 बजे तक रहा ब्लैक आउट से रिफाइनरी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में अंधेरा छा गया। सायरन की आवाज सुनने के बाद लोग बचने के लिए अपने-अपने घरों में छिप गए। इसका मकसद यह जांचना था कि जंग में मिसाइल हमले या हवाई हमलों के दौरान आम जनता कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दे सकती है।
विज्ञापन
मॉकड्रिल में भी जंग के असल हालात जैसे दृश्य पेश किए, हवाई हमले के दौरान सायरन बजने लगे। इसके बाद आम लोगों को हमलों से बचते-बचाते सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास किया गया। इसमें अफरा-तफरी से बचाव, घबराहट को कम करना और लोगों की जान बचाने के अलावा ब्लॉक आउट का भी अभ्यास कराया।
डीएम चंद्रप्रकाश सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार ने रिफाइनरी में अभ्यास किया। दोनों अधिकारियों आम लोगों को बचाने का प्रयास करते नजर आए। वहीं कर्मचारियों ने जमीन पर लेट कर धीमी-धीमी खिसकते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ते नजर आए। ऐसे ही तमाम प्रकार से प्रशिक्षण किया गया और आम लोगों को युद्ध के दौरान बचने के लिए जागरूक किया।
--
इधर से उधर दौड़ती रहीं गाड़ियां
ब्लैक आउट होने के बाद विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों की गाड़ियां इधर से उधर दौड़ती रहीं। वहीं बम के धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट से शहरवासी डर गए। बाद में पता चला कि ये युद्ध का पूर्वाअभ्यास है तो राहत मिली। इस दौरान शहर की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस बल तैनात कर अभ्यास किया गया। साथ ही मॉकड्रिल में कैडेट्स, सिविल डिफेंस के वालंटियर आदि को बताया गया कि किसी भी हमले की स्थिति में आम लोगों की रक्षा किस तरह करनी है।
विज्ञापन
ये नजारा बुधवार को हुई सिविल डिफेंस मॉकड्रिल और ब्लैक आउट में देखने को मिला। विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारियों ने युद्ध के दौरान बचने का अभ्यास किया।
विज्ञापन
7:30 से 7:45 बजे तक रहा ब्लैक आउट से रिफाइनरी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि क्षेत्र में अंधेरा छा गया। सायरन की आवाज सुनने के बाद लोग बचने के लिए अपने-अपने घरों में छिप गए। इसका मकसद यह जांचना था कि जंग में मिसाइल हमले या हवाई हमलों के दौरान आम जनता कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दे सकती है।
विज्ञापन
मॉकड्रिल में भी जंग के असल हालात जैसे दृश्य पेश किए, हवाई हमले के दौरान सायरन बजने लगे। इसके बाद आम लोगों को हमलों से बचते-बचाते सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अभ्यास किया गया। इसमें अफरा-तफरी से बचाव, घबराहट को कम करना और लोगों की जान बचाने के अलावा ब्लॉक आउट का भी अभ्यास कराया।
डीएम चंद्रप्रकाश सिंह व एसएसपी श्लोक कुमार ने रिफाइनरी में अभ्यास किया। दोनों अधिकारियों आम लोगों को बचाने का प्रयास करते नजर आए। वहीं कर्मचारियों ने जमीन पर लेट कर धीमी-धीमी खिसकते हुए लक्ष्य की ओर बढ़ते नजर आए। ऐसे ही तमाम प्रकार से प्रशिक्षण किया गया और आम लोगों को युद्ध के दौरान बचने के लिए जागरूक किया।
इधर से उधर दौड़ती रहीं गाड़ियां
ब्लैक आउट होने के बाद विभिन्न अधिकारियों व कर्मचारियों की गाड़ियां इधर से उधर दौड़ती रहीं। वहीं बम के धमाके और गोलियों की तड़तड़ाहट से शहरवासी डर गए। बाद में पता चला कि ये युद्ध का पूर्वाअभ्यास है तो राहत मिली। इस दौरान शहर की ऊंची इमारतों पर भी पुलिस बल तैनात कर अभ्यास किया गया। साथ ही मॉकड्रिल में कैडेट्स, सिविल डिफेंस के वालंटियर आदि को बताया गया कि किसी भी हमले की स्थिति में आम लोगों की रक्षा किस तरह करनी है।