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पहले पेपर में ही फेल हुईं व्यवस्थाएं
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 18 Feb 2016 11:06 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं जिले में गुरुवार से प्रारंभ हो गईं। पहले ही दिन विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मोबाइल एप के हाईटेक इंतजाम तो फेल हुए ही, एक प्रश्नपत्र ही दूसरा आ गया था। हिंदी का पेपर होने के बाद भी नकल का बोलबाला रहा। दोनों पालियों के पेपर के दौरान 10 छात्र नकल करते पकड़े गए। एक छात्र कापी लेकर परीक्षा केंद्र से भाग गया।
जिले में हाईस्कूल के 9680 पहला पेपर ही देने नहीं आए। हिंदी जैसे आसान समझे जाने वाले विषय में भी परीक्षार्थी बगलें झांक रहे थे। सुबह पहला प्रश्न पत्र होने के चलते प्रशासन भी नकल रोकने के प्रयास करता दिखाई दिया। यही कारण रहा कि पहली पाली में हाईस्कूल के हिंदी के प्रश्न पत्र के दौरान छह छात्रों को नकल के आरोप में पकड़ लिया गया।
सचल दल नंबर पांच के प्रमोद और संदेश की टीम ने सुरीर के लाखा सिंह उमा विद्यालय हरनौल से दो, राजकीय इंटर कालेज लोहवन से दो, राया के राष्ट्रीय इंटर कालेज में एक, राधागोपाल उमा विद्यालय राया में एक छात्र को नकल करते दबोचा। मनकामेश्वरी इंटर कालेज राया का एक छात्र कापी लेकर भाग गया।
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वहीं इंटमीडिएट की परीक्षा के दौरान डीआईओएस मुकेश रायजादा ने अक्रूर इंटर कालेज से दो, एडीआईओएस राघवेंद्र सिंह ने लक्ष्य इंटर कालेज से एक छात्रा और गांधी इंटर कालेज छाता से एक छात्र को नकल करते पकड़ा। सभी 11 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इधर शिक्षा विभाग की व्यवस्था का हाल ये था कि पहली बार परीक्षार्थियाें की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शुरू किया गया मोबाइल एप चालू नहीं हो सका। केंद्र व्यवस्थापकों की शिकायत रही कि उनको दी गई सिम ही एक्टिवेट नहीं हुई। कई जगह से कंट्रोल रूम पर एप के कार्य न करने की शिकायत आती रही। इसके चलते मैनुअल तरीके से ही उपस्थिति दर्ज कराई गई।
गुरुवार को पहली पाली की परीक्षा के बाद 100 से अधिक परीक्षाकेंद्रों ने अतिरिक्त कक्ष निरीक्षकों की मांग की। जबकि मांग के अनुरूप पहले ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए थे। अब विभाग ने बेसिक के शिक्षकों की भी कक्ष निरीक्षक के तौर पर ड्यूटी लगाने की बात कही है।
सामान्य हिंदी की जगह आया साहित्यिक का प्रश्नपत्र
जिले के कई विद्यालयों के इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म भरते समय सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्रों के कोड के स्थान पर साहित्यिक हिंदी के कोड भर दिए थे। इससे डीआईओएस कार्यालय को साहित्यिक हिंदी के प्रश्नपत्र प्राप्त हो गए। परीक्षा केंद्रों पर इसकी जानकारी हुई तो सबके होश उड़ गए।
केंद्र संचालकों को परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटने का डर सताने लगा। जानकारी पर एडीआईओएस राघवेंद्र सिंह ने प्रश्न पत्रों की व्यवस्था कराई। इनमें श्रीकृष्ण इंटर कालेज पटलौनी और गांधी इंटर कालेज छाता परीक्षा केंद्र शामिल रहे।
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जिले में हाईस्कूल के 9680 पहला पेपर ही देने नहीं आए। हिंदी जैसे आसान समझे जाने वाले विषय में भी परीक्षार्थी बगलें झांक रहे थे। सुबह पहला प्रश्न पत्र होने के चलते प्रशासन भी नकल रोकने के प्रयास करता दिखाई दिया। यही कारण रहा कि पहली पाली में हाईस्कूल के हिंदी के प्रश्न पत्र के दौरान छह छात्रों को नकल के आरोप में पकड़ लिया गया।
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सचल दल नंबर पांच के प्रमोद और संदेश की टीम ने सुरीर के लाखा सिंह उमा विद्यालय हरनौल से दो, राजकीय इंटर कालेज लोहवन से दो, राया के राष्ट्रीय इंटर कालेज में एक, राधागोपाल उमा विद्यालय राया में एक छात्र को नकल करते दबोचा। मनकामेश्वरी इंटर कालेज राया का एक छात्र कापी लेकर भाग गया।
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वहीं इंटमीडिएट की परीक्षा के दौरान डीआईओएस मुकेश रायजादा ने अक्रूर इंटर कालेज से दो, एडीआईओएस राघवेंद्र सिंह ने लक्ष्य इंटर कालेज से एक छात्रा और गांधी इंटर कालेज छाता से एक छात्र को नकल करते पकड़ा। सभी 11 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इधर शिक्षा विभाग की व्यवस्था का हाल ये था कि पहली बार परीक्षार्थियाें की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए शुरू किया गया मोबाइल एप चालू नहीं हो सका। केंद्र व्यवस्थापकों की शिकायत रही कि उनको दी गई सिम ही एक्टिवेट नहीं हुई। कई जगह से कंट्रोल रूम पर एप के कार्य न करने की शिकायत आती रही। इसके चलते मैनुअल तरीके से ही उपस्थिति दर्ज कराई गई।
गुरुवार को पहली पाली की परीक्षा के बाद 100 से अधिक परीक्षाकेंद्रों ने अतिरिक्त कक्ष निरीक्षकों की मांग की। जबकि मांग के अनुरूप पहले ही पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए गए थे। अब विभाग ने बेसिक के शिक्षकों की भी कक्ष निरीक्षक के तौर पर ड्यूटी लगाने की बात कही है।
सामान्य हिंदी की जगह आया साहित्यिक का प्रश्नपत्र
जिले के कई विद्यालयों के इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म भरते समय सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्रों के कोड के स्थान पर साहित्यिक हिंदी के कोड भर दिए थे। इससे डीआईओएस कार्यालय को साहित्यिक हिंदी के प्रश्नपत्र प्राप्त हो गए। परीक्षा केंद्रों पर इसकी जानकारी हुई तो सबके होश उड़ गए।
केंद्र संचालकों को परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटने का डर सताने लगा। जानकारी पर एडीआईओएस राघवेंद्र सिंह ने प्रश्न पत्रों की व्यवस्था कराई। इनमें श्रीकृष्ण इंटर कालेज पटलौनी और गांधी इंटर कालेज छाता परीक्षा केंद्र शामिल रहे।