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तीर्थ स्थलों पर शराब-मांस की बिक्री पर लगे प्रतिबंध : देवकीनंदन
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होली महोत्सव के अवसर पर कथावाचक देवकीनंदन महाराज।
- फोटो : होली महोत्सव के अवसर पर कथावाचक देवकीनंदन महाराज।
वृंदावन(मथुरा)। ठा. श्रीप्रियाकान्तजु मंदिर में शुक्रवार को भव्य होली महोत्सव की शुरुआत हुई। महोत्सव के अंतर्गत 13 मार्च को हाइड्रोलिक होली खेली जाएगी।
शुभारंभ अवसर पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि ब्रज मंडल को पूरी तरह मांस और शराब मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने तीर्थ स्थलों पर मांस और शराब की बिक्री को धर्म और संस्कृति का अपमान बताया और सरकार से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों पर इन चीजों की बिक्री से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है।
इसी क्रम में प्रियाकान्तजु मंदिर में विश्व शांति प्रार्थना के साथ श्रीमद्भागवत कथा की भी शुरुआत हुई। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा के उद्धार का मार्ग है। उन्होंने भक्तों से कथा को मन से सुनने और उसमें भावनात्मक रूप से जुड़ने की अपील की। स अवसर पर हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास महाराज, सत्यमित्रानंद महाराज सहित कई संत महात्माओं ने कथा में भाग लिया और व्यासपीठ पूजन किया।
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मंदिर सचिव विजय शर्मा ने बताया कि 13 मार्च को होलिका दहन के दिन प्रियाकान्तजु मंदिर पर ब्रज की विभिन्न प्रकार की होली के दर्शन होंगे। इसमें लड्डू-जलेबी होली, रसिया होली, लठामार होली, छड़ीमार होली, रंग-गुलाल होली और हास-परिहास के साथ भव्य आयोजन किया जाएगा। देवकीनंदन महाराज हाइड्रोलिक पिचकारी से भक्तों पर रंग बरसाएंगे। इसके लिए मंदिर में टेसू के फूलों से तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाएगा।
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शुभारंभ अवसर पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि ब्रज मंडल को पूरी तरह मांस और शराब मुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने तीर्थ स्थलों पर मांस और शराब की बिक्री को धर्म और संस्कृति का अपमान बताया और सरकार से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थानों पर इन चीजों की बिक्री से सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है।
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इसी क्रम में प्रियाकान्तजु मंदिर में विश्व शांति प्रार्थना के साथ श्रीमद्भागवत कथा की भी शुरुआत हुई। कथावाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मा के उद्धार का मार्ग है। उन्होंने भक्तों से कथा को मन से सुनने और उसमें भावनात्मक रूप से जुड़ने की अपील की। स अवसर पर हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास महाराज, सत्यमित्रानंद महाराज सहित कई संत महात्माओं ने कथा में भाग लिया और व्यासपीठ पूजन किया।
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मंदिर सचिव विजय शर्मा ने बताया कि 13 मार्च को होलिका दहन के दिन प्रियाकान्तजु मंदिर पर ब्रज की विभिन्न प्रकार की होली के दर्शन होंगे। इसमें लड्डू-जलेबी होली, रसिया होली, लठामार होली, छड़ीमार होली, रंग-गुलाल होली और हास-परिहास के साथ भव्य आयोजन किया जाएगा। देवकीनंदन महाराज हाइड्रोलिक पिचकारी से भक्तों पर रंग बरसाएंगे। इसके लिए मंदिर में टेसू के फूलों से तैयार किए गए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाएगा।