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कान्हा के गुलाल से होली खेलेंगे बाबा बद्रीनाथ
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मथुरा। चारों धाम में शामिल बाबा बद्रीनाथ होली के मौके पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के अबीर-गुलाल से होली खेलेंगे। श्रीकृष्ण जन्मभूमि से गुलाल लेकर एक भक्त बाइक से बृहस्पतिवार की सुबह पांच बजे बद्रीनाथ रवाना होंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पुजारी सत्यपति ने केशवदेव मंदिर से गुलाल चढ़वाकर बद्रीनाथ के भक्त अजय तिवारी को दिया। नौ वर्ष पहले शुरू हुई परंपरा को वह आगे बढ़ा रहे हैं। मूल रूप से इटावा के रहने वाले अजय ने बताया कि मथुरा जन्मभूमि से प्रतिवर्ष यह गुलाल उत्तराखंड स्थित जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में पहुंचाया जाता है, जहां बद्रीनाथ का शीतकालीन प्रवास है।
होली के दिन यह गुलाल भगवान बद्रीनाथ सहित कुबेरजी सहित अनेक देवी-देवताओं को लगाकर होली खेली जाती है। नगरवासी मथुरा से लाए गुलाल से होली खेलकर आनंदित होते हैं। यही गुलाल नगरवासी अपने घर ले जाते हैं, जहां वह अपने देवी-देवताओं से होली खेलते हैं।
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उन्होंने बताया कि यह उनकी बाइक से 104वीं बद्रीनाथ की यात्रा होगी। बाबा बद्रीनाथ के कपाट इस समय बंद हैं। बाबा बद्रीनाथ जी की पूजा इस समय जोशीमठ में स्थित नर्सिंग मंदिर में होती है, वहीं कुबेर जी पंदूकेश्वर में विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 9 वर्ष पूर्व गुलाल लेकर जाने की शुरू हुई उनकी यह यात्रा लगातार जारी है।
वहीं, बाइक से मथुरा से बद्रीनाथ यात्रा का 104वीं यात्रा भी है। उन्होंने बताया की वो पिछले 20 वर्षों से लगातार बाइक से दर्शन करने जाते हैं। इस दौरान काफी परेशानियां भी आती हैं, मगर बाबा बद्रीनाथ जी हमेशा उनको दूर कर देते हैं।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के पुजारी सत्यपति ने केशवदेव मंदिर से गुलाल चढ़वाकर बद्रीनाथ के भक्त अजय तिवारी को दिया। नौ वर्ष पहले शुरू हुई परंपरा को वह आगे बढ़ा रहे हैं। मूल रूप से इटावा के रहने वाले अजय ने बताया कि मथुरा जन्मभूमि से प्रतिवर्ष यह गुलाल उत्तराखंड स्थित जोशीमठ के नृसिंह मंदिर में पहुंचाया जाता है, जहां बद्रीनाथ का शीतकालीन प्रवास है।
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होली के दिन यह गुलाल भगवान बद्रीनाथ सहित कुबेरजी सहित अनेक देवी-देवताओं को लगाकर होली खेली जाती है। नगरवासी मथुरा से लाए गुलाल से होली खेलकर आनंदित होते हैं। यही गुलाल नगरवासी अपने घर ले जाते हैं, जहां वह अपने देवी-देवताओं से होली खेलते हैं।
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उन्होंने बताया कि यह उनकी बाइक से 104वीं बद्रीनाथ की यात्रा होगी। बाबा बद्रीनाथ के कपाट इस समय बंद हैं। बाबा बद्रीनाथ जी की पूजा इस समय जोशीमठ में स्थित नर्सिंग मंदिर में होती है, वहीं कुबेर जी पंदूकेश्वर में विराजमान हैं। उन्होंने बताया कि वह पिछले 9 वर्ष पूर्व गुलाल लेकर जाने की शुरू हुई उनकी यह यात्रा लगातार जारी है।
वहीं, बाइक से मथुरा से बद्रीनाथ यात्रा का 104वीं यात्रा भी है। उन्होंने बताया की वो पिछले 20 वर्षों से लगातार बाइक से दर्शन करने जाते हैं। इस दौरान काफी परेशानियां भी आती हैं, मगर बाबा बद्रीनाथ जी हमेशा उनको दूर कर देते हैं।