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Mathura News: वृंदावन में आश्रम पर हमला, मारपीट और लूटपाट का आरोप
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वृंदावन। मोहन भक्ति आश्रम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। संत और उनकी पत्नी से मारपीट और लूटपाट करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है।
आचार्य कृष्णभूषण किंकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 30 मई को रणवीर ठाकुर, केदार बाबा, जितेंद्र मेवाराम और एक जटा वाले बाबा और कुछ अन्य लोगों ने आश्रम में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। आरोपियों ने आचार्य कृष्णभूषण किंकर और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। बदमाशों ने एक फोन और 17800 रुपये छीन लिए और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आचार्य की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
वहीं दूसरे पक्ष से राज रानी ने बताया कि उक्त प्लाॅट उनकी निजी संपत्ति है। जिसका मोहन भक्ति आश्रम नाम रखकर उनके पति द्वारा साधु सेवा की जा रही थी। पति की मौत के बाद वह आश्रम पर आती जाती रहती थीं। जिसकी देखरेख का जिम्मा आश्रम पर रहने वाले साधु चेतन दास व केदार बाबा को सौंप दिया गया।
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इसी बीच कृष्णभूषण किंकर अपनी पत्नी के साथ आश्रम पर रहने लगा। जो कुछ दिन बाद एक फर्जी नोटरी तैयार कर आश्रम पर अपना हक जताने का दावा करने लगा। जिसकी शिकायत 28 मई को क्षेत्राधिकारी सदर कार्यालय में की थी। उनके पक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संवाद
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आचार्य कृष्णभूषण किंकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि 30 मई को रणवीर ठाकुर, केदार बाबा, जितेंद्र मेवाराम और एक जटा वाले बाबा और कुछ अन्य लोगों ने आश्रम में घुसकर मारपीट और लूटपाट की। आरोपियों ने आचार्य कृष्णभूषण किंकर और उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। बदमाशों ने एक फोन और 17800 रुपये छीन लिए और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आचार्य की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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वहीं दूसरे पक्ष से राज रानी ने बताया कि उक्त प्लाॅट उनकी निजी संपत्ति है। जिसका मोहन भक्ति आश्रम नाम रखकर उनके पति द्वारा साधु सेवा की जा रही थी। पति की मौत के बाद वह आश्रम पर आती जाती रहती थीं। जिसकी देखरेख का जिम्मा आश्रम पर रहने वाले साधु चेतन दास व केदार बाबा को सौंप दिया गया।
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इसी बीच कृष्णभूषण किंकर अपनी पत्नी के साथ आश्रम पर रहने लगा। जो कुछ दिन बाद एक फर्जी नोटरी तैयार कर आश्रम पर अपना हक जताने का दावा करने लगा। जिसकी शिकायत 28 मई को क्षेत्राधिकारी सदर कार्यालय में की थी। उनके पक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संवाद