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मनमानी: नक्शा स्वीकृत करवाया पर नहीं बनाया रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 200 बिल्डर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बनाना भूल गए हैं। मानचित्र की स्वीकृति के दौरान उनके द्वारा जमा की गई राशि भी उन्होंने वापस नहीं ली है। अब ऐसे बिल्डरों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट नहीं है।
शासन की नीति के तहत मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने 2021 की नियमावली में 300 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले भवन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता की थी। नक्शा स्वीकृति से पूर्व ही इसके लिए तय राशि विकास प्राधिकरण को बतौर जमानत जमा करनी होती र्है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बनने के बाद बिल्डर को जमा राशि वापस करने का प्रावधान है। पिछले पांच सालों के दौरान करीब 200 बिल्डरों ने राशि जमा करते हुए नक्शे स्वीकृत कराए, लेकिन उन्होंने इस राशि को वापस नहीं लिया है।
संभावना जताई जा रही है कि इन बिल्डरों ने संबंधित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की स्थापना नहीं की है। पिछले दिनों रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विकास प्राधिकरण से कहा था कि सरकारी और गैर सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की अनिवार्यता की जाए। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित को पहले नोटिस जारी करें फिर नियमानुसार जमानत राशि जब्त करते कार्रवाई की जाए। विप्रा सचिव राजेश कुमार ने बताया कि ऐसे भवनों की सूची तैयार कर ली गई है।
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शासन की नीति के तहत मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने 2021 की नियमावली में 300 वर्ग मीटर या इससे अधिक क्षेत्रफल में बनने वाले भवन के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता की थी। नक्शा स्वीकृति से पूर्व ही इसके लिए तय राशि विकास प्राधिकरण को बतौर जमानत जमा करनी होती र्है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बनने के बाद बिल्डर को जमा राशि वापस करने का प्रावधान है। पिछले पांच सालों के दौरान करीब 200 बिल्डरों ने राशि जमा करते हुए नक्शे स्वीकृत कराए, लेकिन उन्होंने इस राशि को वापस नहीं लिया है।
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संभावना जताई जा रही है कि इन बिल्डरों ने संबंधित भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की स्थापना नहीं की है। पिछले दिनों रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने विकास प्राधिकरण से कहा था कि सरकारी और गैर सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट की अनिवार्यता की जाए। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित को पहले नोटिस जारी करें फिर नियमानुसार जमानत राशि जब्त करते कार्रवाई की जाए। विप्रा सचिव राजेश कुमार ने बताया कि ऐसे भवनों की सूची तैयार कर ली गई है।
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