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खतरे में प्रचीन केशीघाट
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 18 Sep 2016 12:02 AM IST
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केशीघाट
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वृंदावन में यमुना किनारे घाटों के सौंदर्य का प्रतिनिधित्व कर रहा केशी घाट जर्जर हालत में है। यमुना का पानी उतरने से इसकी स्थिति साफ देखी जा सकती है। इसके अलावा यमुना फ्रंट विकास योजना के तहत हो रहे कार्य के कारण भी घाट पर खतरा मंडरा रहा है।
बता दें कि वृंदावन के प्राचीन घाट का सौंदर्य भारत ही नहीं विश्व में विख्यात है। भरतपुर के राजा सूरजमल की रानी लक्ष्मी ने 1760 में केशीघाट का निर्माण कराया था। इस घाट से बीते दिनों यमुना का पानी दूर हो गया। पानी उतरने के बाद घाट की स्थिति साफ देखी जा सकती है।
साथ ही यमुना फ्रंट विकास योजना के अंतर्गत यमुना के केशीघाट पर बीते चार महीने से विकास कार्य चल रहा है। इसके लिए दर्जनों पाइपलाइन मशीनों के साथ-साथ क्रेन से कार्य किया जा रहा है। इससे आसपास भारी कंपन और घर्षण भी घाट के लिए नुकसान माना जा रहा है। शोधार्थी राजेश शर्मा के अनुसार प्राचीन घाट के पास मशीनों से कार्य कराया जाना भी घाट के लिए खतरे का कारण है।
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बता दें कि वृंदावन के प्राचीन घाट का सौंदर्य भारत ही नहीं विश्व में विख्यात है। भरतपुर के राजा सूरजमल की रानी लक्ष्मी ने 1760 में केशीघाट का निर्माण कराया था। इस घाट से बीते दिनों यमुना का पानी दूर हो गया। पानी उतरने के बाद घाट की स्थिति साफ देखी जा सकती है।
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साथ ही यमुना फ्रंट विकास योजना के अंतर्गत यमुना के केशीघाट पर बीते चार महीने से विकास कार्य चल रहा है। इसके लिए दर्जनों पाइपलाइन मशीनों के साथ-साथ क्रेन से कार्य किया जा रहा है। इससे आसपास भारी कंपन और घर्षण भी घाट के लिए नुकसान माना जा रहा है। शोधार्थी राजेश शर्मा के अनुसार प्राचीन घाट के पास मशीनों से कार्य कराया जाना भी घाट के लिए खतरे का कारण है।
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