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अक्षय पुण्य अर्जित करने की रही होड़
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 09 Nov 2016 11:55 PM IST
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मथुरा वृंदावन की परिक्रमा
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अक्षय नवमी को पुण्य अर्जित करने की होड़ में पंचकोसीय परिक्रमा मार्ग में मानव शृंखला बन गई। मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मंदिरों में दर्शन करने वालों की कतार लगी रही। परिक्रमार्थियों के स्वागत के लिए जगह-जगह जलपान की स्टॉल लगाई गई।
वाराह पुराण में वर्णित है कि वाराणसी में एक हजार दिन निवास करने के बाद जितना पुण्य अर्जित होता है उतना ब्रज में एक दिन निवास करने से ही मिल जाता है। कार्तिक शुक्ल नवमी (अक्षय नवमी) को अर्जित किया जाने वाले पुण्य का कभी भी क्षय नहीं होता है।
इसी मान्यता के चलते बुधवार को भोर से ही मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा की होड़ मच गई। जगह-जगह चाय-नाश्ता, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया गया। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह पत्थर, कंकरीट और कांटों ने परिक्रमार्थियों की कड़ी परीक्षा ली। संग्रहालय के निकट, कंकाली निकट, महाविद्या आदि क्षेत्र में पथरीले रास्तों ने परिक्रमार्थियों को परेशानी में डाल दिया। महिलाओं ने सुबह आंवले के वृक्ष की पूजा अर्चना कर अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की।
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सरस्वती कुंड पर मेले सा नजारा
परिक्रमा मार्ग में सरस्वती कुंड पर मेले से नजारे ने परिक्रमा कर रहे बच्चों का उत्साह दोगुना कर दिया। यहां झूले, चाट-पकौड़ी के ठेलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बच्चों के खेलने के खिलौने की दुकानों पर खिलौनों के लिए बच्चे मचलते नजर आए। बंगलामुखी भक्त मंडल की ओर से कचौड़ी का नाश्ता श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। इस अवसर पर महंत वीरु पंडा, मनोज धारवाल, राकेश अधिवक्ता आदि मौजूद थे।
गन्ने की खरीदारी के लिए मची होड़
अक्षय नवमी को गन्ना खाने के महात्म्य के चलते परिक्रमार्थियों ने गन्ने की जमकर खरीदारी की। इस दौरान गन्ने की कीमत 10 रुपये प्रति नग से उछलकर 30 रुपये तक पहुंच गई।
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वाराह पुराण में वर्णित है कि वाराणसी में एक हजार दिन निवास करने के बाद जितना पुण्य अर्जित होता है उतना ब्रज में एक दिन निवास करने से ही मिल जाता है। कार्तिक शुक्ल नवमी (अक्षय नवमी) को अर्जित किया जाने वाले पुण्य का कभी भी क्षय नहीं होता है।
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इसी मान्यता के चलते बुधवार को भोर से ही मथुरा की पंचकोसीय परिक्रमा की होड़ मच गई। जगह-जगह चाय-नाश्ता, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का इंतजाम किया गया। परिक्रमा मार्ग में जगह-जगह पत्थर, कंकरीट और कांटों ने परिक्रमार्थियों की कड़ी परीक्षा ली। संग्रहालय के निकट, कंकाली निकट, महाविद्या आदि क्षेत्र में पथरीले रास्तों ने परिक्रमार्थियों को परेशानी में डाल दिया। महिलाओं ने सुबह आंवले के वृक्ष की पूजा अर्चना कर अपने सुहाग की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की।
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सरस्वती कुंड पर मेले सा नजारा
परिक्रमा मार्ग में सरस्वती कुंड पर मेले से नजारे ने परिक्रमा कर रहे बच्चों का उत्साह दोगुना कर दिया। यहां झूले, चाट-पकौड़ी के ठेलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बच्चों के खेलने के खिलौने की दुकानों पर खिलौनों के लिए बच्चे मचलते नजर आए। बंगलामुखी भक्त मंडल की ओर से कचौड़ी का नाश्ता श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। इस अवसर पर महंत वीरु पंडा, मनोज धारवाल, राकेश अधिवक्ता आदि मौजूद थे।
गन्ने की खरीदारी के लिए मची होड़
अक्षय नवमी को गन्ना खाने के महात्म्य के चलते परिक्रमार्थियों ने गन्ने की जमकर खरीदारी की। इस दौरान गन्ने की कीमत 10 रुपये प्रति नग से उछलकर 30 रुपये तक पहुंच गई।