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डीएम कार्यालय पर दुहराई गई आत्मदाह की कहानी
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:52 PM IST
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फरियादी अब जल रहा है। जलने की सच्ची कहानी इस बार बरेली के फरियादी ने दोहराई है। इसके पहले बलदेव के गोपाल ने खुद को आग के हवाले किया था और घटनास्थल तब भी कलेक्ट्रेट ही था।
जिला प्रशासन से आमजन का विश्वास डगमगा रहा है। प्रार्थना पत्र देने का सिलसिला चलता रहता है और ठोस नतीजा नहीं निकल पाता। यह दूसरा मौका है जब डीएम आफिस के समक्ष किसी ने आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की है, वह भी महज आठ माह के छोटे से अंतराल के बाद।
सोमवार को बरेली के अजय कुमार गुप्ता पुत्र बीके गुप्ता ने काफी देर डीएम का इंतजार किया लेकिन जिला प्रशासन से उनका विश्वास इस कदर उठ चुका था कि डीएम आफिस के सामने ही खुद को आग लगा ली। इसके बाद छटपटाते हुए एडीएम आफिस के सामने दौड़ लगाई। आग से जल रहे व्यक्ति को एडीएम वित्त महेन्द्र प्रताप और एडीएम प्रशासन एके अवस्थी ने बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन तब तक वह काफी जल चुका था। ऐसे में सवाल यह है कि अजय की समस्या पर प्रशासन गंभीर होता तो शायद उन्हें आज यह दिन न देखना पड़ता।
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आठ माह पहले भी डीएम आफिस के सामने बलदेव के 38 वर्षीय युवक ने केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उसे आगरा रेफर किया था। कोतवाली पुलिस की कारस्तानी और पत्नी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया था। उस दौरान उपस्थित लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की थी। मथुरा कोतवाली पुलिस ने उसे शिकायत करने पर ही शांति भंग में उसका चालान कर दिया था। इस पर उसे जमानत करानी पड़ी। उस वक्त भी डीएम राजेश कुमार थे।
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जिला प्रशासन से आमजन का विश्वास डगमगा रहा है। प्रार्थना पत्र देने का सिलसिला चलता रहता है और ठोस नतीजा नहीं निकल पाता। यह दूसरा मौका है जब डीएम आफिस के समक्ष किसी ने आग लगाकर आत्मदाह की कोशिश की है, वह भी महज आठ माह के छोटे से अंतराल के बाद।
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सोमवार को बरेली के अजय कुमार गुप्ता पुत्र बीके गुप्ता ने काफी देर डीएम का इंतजार किया लेकिन जिला प्रशासन से उनका विश्वास इस कदर उठ चुका था कि डीएम आफिस के सामने ही खुद को आग लगा ली। इसके बाद छटपटाते हुए एडीएम आफिस के सामने दौड़ लगाई। आग से जल रहे व्यक्ति को एडीएम वित्त महेन्द्र प्रताप और एडीएम प्रशासन एके अवस्थी ने बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन तब तक वह काफी जल चुका था। ऐसे में सवाल यह है कि अजय की समस्या पर प्रशासन गंभीर होता तो शायद उन्हें आज यह दिन न देखना पड़ता।
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आठ माह पहले भी डीएम आफिस के सामने बलदेव के 38 वर्षीय युवक ने केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था। गंभीर हालत में उसे आगरा रेफर किया था। कोतवाली पुलिस की कारस्तानी और पत्नी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया था। उस दौरान उपस्थित लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की थी। मथुरा कोतवाली पुलिस ने उसे शिकायत करने पर ही शांति भंग में उसका चालान कर दिया था। इस पर उसे जमानत करानी पड़ी। उस वक्त भी डीएम राजेश कुमार थे।