{"_id":"6ae24b117c6e85d10e028c3d","slug":"a-glimpse-of-cultural-heritage-witnessed-in-the-city-of-kanha-mathura-news-c-29-1-mtr1025-627759-2026-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: कान्हा की नगरी में दिखी सांस्कृतिक विरासत की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: कान्हा की नगरी में दिखी सांस्कृतिक विरासत की झलक
विज्ञापन
मथुरा। धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड में ‘कलर्स ऑफ यूपी’ नृत्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग साकार हुए। कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा के निर्देशन में पौराणिक गाथाओं और देवी-देवताओं की महिमा को नृत्य-संगीत से जीवंत किया गया।
यह प्रस्तुति उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ब्रजरज उत्सव का हिस्सा थी। इसने दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का अनुभव कराया। प्रस्तुति की शुरुआत देवाधिदेव महादेव और माता सती की अमर गाथा से हुई। इसमें प्रेम, त्याग और समर्पण के भावों को नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया। इसके बाद प्रभु श्रीराम की महिमा और अयोध्या की धार्मिक विरासत के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इन प्रसंगों ने मर्यादा, धर्म और आदर्शों का संदेश दिया। अगली कड़ी में मां विंध्यवासिनी की आराधना के जरिये शक्ति, श्रद्धा और भक्ति के भाव दिखाए गए। राधा के विरह की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को प्रेम और संवेदना के रंगों से भर दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन, सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता, एमवीडीए सचिव आशीष कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव पाण्डेय आदि माैजूद रहे।
-- -- -- -- -- -- -- -
राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम का चित्रण
प्रस्तुति में श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा में राधा की व्याकुलता को नृत्य के जरिये उकेरा गया। उनकी स्मृतियों और अंतर्मन के भावों को खूबसूरती से दर्शाया गया। इस प्रसंग में प्रेम की वह अनुभूति दिखाई गई, जो सांसारिक भाव से आगे बढ़कर भक्ति और आध्यात्मिक समर्पण का रूप लेती है। कथक कलाकार शिवानी मिश्रा की इस प्रस्तुति का समापन मथुरा-वृंदावन की भक्ति परंपरा और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के चित्रण के साथ हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह प्रस्तुति उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ब्रजरज उत्सव का हिस्सा थी। इसने दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा का अनुभव कराया। प्रस्तुति की शुरुआत देवाधिदेव महादेव और माता सती की अमर गाथा से हुई। इसमें प्रेम, त्याग और समर्पण के भावों को नृत्य के माध्यम से दर्शाया गया। इसके बाद प्रभु श्रीराम की महिमा और अयोध्या की धार्मिक विरासत के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। इन प्रसंगों ने मर्यादा, धर्म और आदर्शों का संदेश दिया। अगली कड़ी में मां विंध्यवासिनी की आराधना के जरिये शक्ति, श्रद्धा और भक्ति के भाव दिखाए गए। राधा के विरह की भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को प्रेम और संवेदना के रंगों से भर दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मी नागप्पन, सीडीओ डॉ. पूजा गुप्ता, एमवीडीए सचिव आशीष कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव पाण्डेय आदि माैजूद रहे।
विज्ञापन
राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम का चित्रण
प्रस्तुति में श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा में राधा की व्याकुलता को नृत्य के जरिये उकेरा गया। उनकी स्मृतियों और अंतर्मन के भावों को खूबसूरती से दर्शाया गया। इस प्रसंग में प्रेम की वह अनुभूति दिखाई गई, जो सांसारिक भाव से आगे बढ़कर भक्ति और आध्यात्मिक समर्पण का रूप लेती है। कथक कलाकार शिवानी मिश्रा की इस प्रस्तुति का समापन मथुरा-वृंदावन की भक्ति परंपरा और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के चित्रण के साथ हुआ।
विज्ञापन