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Mathura News: पेपर सप्लाई के नाम पर व्यापारी से 2.10 लाख की ठगी
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मथुरा। ए-4 साइज पेपर की सप्लाई के नाम पर साइबर ठगों ने गोविंदपुर स्थित गुरुकृपा वाटिका निवासी व्यापारी से 2.10 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर मुंबई की फर्म का विजिटिंग कार्ड, जीएसटी नंबर और रेट लिस्ट भेजकर भरोसा जीता। रुपये मिलने के बाद माल की आपूर्ति नहीं की। जांच में संबंधित फर्म फर्जी निकली। पीड़ित की शिकायत पर थाना हाईवे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुरुकृपा वाटिका निवासी विभूति कुमार अग्रवाल मैसर्स यशी इन्फोकोम के नाम से कारोबार करते हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम नरेंद्र कुमार बताया और खुद को मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित मैसर्स रुतिका एंटरप्राइजेज का प्रतिनिधि बताया। उसने फर्म को ए-4 साइज पेपर का थोक सप्लायर बताया।
इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर फर्म का विजिटिंग कार्ड, जीएसटी नंबर, रेट लिस्ट और 100 कार्टन पेपर का एस्टीमेट भेजा। 18 सितंबर को दोबारा फोन कर ऑर्डर बुक होने और माल रवाना करने की बात कही। भरोसे में आकर व्यापारी ने 18 से 22 सितंबर के बीच बताए गए बैंक खाते में कुल 2.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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कई दिन बीतने के बाद भी माल नहीं पहुंचा तो व्यापारी ने छानबीन की। इसमें फर्म और उसका पता फर्जी होने की जानकारी मिली। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। सीओ रिफाइनरी प्रवीन तिवारी ने बताया कि अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गुरुकृपा वाटिका निवासी विभूति कुमार अग्रवाल मैसर्स यशी इन्फोकोम के नाम से कारोबार करते हैं। पुलिस को दी तहरीर में उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अपना नाम नरेंद्र कुमार बताया और खुद को मुंबई के मुलुंड ईस्ट स्थित मैसर्स रुतिका एंटरप्राइजेज का प्रतिनिधि बताया। उसने फर्म को ए-4 साइज पेपर का थोक सप्लायर बताया।
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इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर फर्म का विजिटिंग कार्ड, जीएसटी नंबर, रेट लिस्ट और 100 कार्टन पेपर का एस्टीमेट भेजा। 18 सितंबर को दोबारा फोन कर ऑर्डर बुक होने और माल रवाना करने की बात कही। भरोसे में आकर व्यापारी ने 18 से 22 सितंबर के बीच बताए गए बैंक खाते में कुल 2.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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कई दिन बीतने के बाद भी माल नहीं पहुंचा तो व्यापारी ने छानबीन की। इसमें फर्म और उसका पता फर्जी होने की जानकारी मिली। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। सीओ रिफाइनरी प्रवीन तिवारी ने बताया कि अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।