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आधी रात खोज रहे थे खजाना, फायरिंग
Mathura
Updated Sat, 09 Aug 2014 05:30 AM IST
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नंदगांव। बरसाना क्षेत्र के संकेत गांव में खजाने के चक्कर में खोदे जा रहे गड्ढे ने बवाल करा दिया। मामला इतना बढ़ा की फायरिंग तक हो गई। खजाने की खोज और बलि की आशंकाओं के बीच लटके मामले को पंचायत के जरिये खत्म करा दिया गया। बरसाना पुलिस ने भी शिकायत न मिलने पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।
घटनाक्रम के अनुसार गुरुवार रात 12 बजे बरसाना के गांव संकेत के जंगल में कुछ युवक गड्ढा खोद रहे थे। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि किसी बाबा ने बताया था कि ऐसा करने से खजाना हासिल होगा। गड्ढा खोदने में जुटे युवकों के पास हथियार, पूजन सामग्री आदि थी। इसी बीच गोरक्षकों का दल रीठौरा मार्ग से गुजर रहा था। गांव के जंगलों में लाइट जलती देख दल के लोग रुक गये। गोरक्षकों को आशंका हुई कि गायों को यहां लाकर दफन किया जा रहा है। इसी के तहत गोरक्षकों ने विरोध किया। जवाब में खोदाई में जुटे युवकों की तरफ से फायरिंग कर दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर गांव संकेत, रीठौरा, बरसाना, राधा नगरी आदि गांवों से भी अनहोनी की आशंका में फायर होने लगे। गांव में चल रही रामलीला देखने जुटे लोग भी घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
इसके बाद ग्रामीणों ने निरंजन तथा बाबूलाल, लीले निवासी संकेत तथा मनोज निवासी रीठौरा को पकड़ लिया। घटना स्थल से ग्रामीणों को तीन बाइक मिली। पकड़े लोगों को मंदिर लाया गया। यहां सुबह से दोपहर तक पंचायत हुई। राधारमण मंदिर में चली पंचायत में पकड़े गए लोगों ने खजाने के चक्कर में गड्ढा खोदने की बात बताई। वहीं इसे बलि से जोड़ते हुए तेजी से क्षेत्र में अफवाह फैला दी गई। अफवाह फैलाने वालों का तर्क था कि वहां पूजन सामग्री मिली है।
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इन सबके बीच पंचों ने निरंजन, बाबू तथा लीले पर इक्कीस इक्कीस हजार तथा मनोज पर ग्यारह हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एसओ बरसाना का कहना है कि गांव के लड़के खजाने के खेल में उलझे थे। स्थानीय लोगों ने आपस में बैठकर मामला हल कर लिया है। शिकायत दर्ज कराने कोई नहीं आया।
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घटनाक्रम के अनुसार गुरुवार रात 12 बजे बरसाना के गांव संकेत के जंगल में कुछ युवक गड्ढा खोद रहे थे। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि किसी बाबा ने बताया था कि ऐसा करने से खजाना हासिल होगा। गड्ढा खोदने में जुटे युवकों के पास हथियार, पूजन सामग्री आदि थी। इसी बीच गोरक्षकों का दल रीठौरा मार्ग से गुजर रहा था। गांव के जंगलों में लाइट जलती देख दल के लोग रुक गये। गोरक्षकों को आशंका हुई कि गायों को यहां लाकर दफन किया जा रहा है। इसी के तहत गोरक्षकों ने विरोध किया। जवाब में खोदाई में जुटे युवकों की तरफ से फायरिंग कर दी गई। गोलियों की आवाज सुनकर गांव संकेत, रीठौरा, बरसाना, राधा नगरी आदि गांवों से भी अनहोनी की आशंका में फायर होने लगे। गांव में चल रही रामलीला देखने जुटे लोग भी घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े।
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इसके बाद ग्रामीणों ने निरंजन तथा बाबूलाल, लीले निवासी संकेत तथा मनोज निवासी रीठौरा को पकड़ लिया। घटना स्थल से ग्रामीणों को तीन बाइक मिली। पकड़े लोगों को मंदिर लाया गया। यहां सुबह से दोपहर तक पंचायत हुई। राधारमण मंदिर में चली पंचायत में पकड़े गए लोगों ने खजाने के चक्कर में गड्ढा खोदने की बात बताई। वहीं इसे बलि से जोड़ते हुए तेजी से क्षेत्र में अफवाह फैला दी गई। अफवाह फैलाने वालों का तर्क था कि वहां पूजन सामग्री मिली है।
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इन सबके बीच पंचों ने निरंजन, बाबू तथा लीले पर इक्कीस इक्कीस हजार तथा मनोज पर ग्यारह हजार रुपये का जुर्माना लगाया। एसओ बरसाना का कहना है कि गांव के लड़के खजाने के खेल में उलझे थे। स्थानीय लोगों ने आपस में बैठकर मामला हल कर लिया है। शिकायत दर्ज कराने कोई नहीं आया।