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अब गुरुजी देंगे विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट
Mathura
Updated Fri, 13 Dec 2013 05:40 AM IST
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मथुरा। परिषदीय विद्यालयाें में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए अब हर तीन माह में अधिकारियों को विद्यालय की प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसके लिए प्रपत्र फार्मेट का वितरण विद्यालयवार बीएसए कार्यालय से किया जा रहा है।
नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत समस्त प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयाें की गुणवत्ता संबंधी विभिन्न आयामाें की जानकारी प्रपत्राें में भरकर राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके आधार पर बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को निखारा जा सकेगा। इस प्रपत्र में सभी बच्चाें का प्रवेश, उपस्थिति, पाठ्य सामग्री का वितरण, विद्यालय प्रबंध समिति सहभागिता, निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा करना, पठन पाठन की क्रिया, बच्चों का आंकलन और शैक्षिक संप्राप्ति की जानकारी को अंकित किया जाएगा। इन प्रपत्रों को दो स्तरों पर भरा जाएगा। पहले स्तर पर प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा प्रपत्र भरा जाएगा। वहीं द्वितीय स्तर पर न्याय पंचायत स्तर पर जानकारियों का संकलन करते हुए उच्चाधिकारियाें को प्रत्येक तीन माह में प्रेषित किए जाएंगे। जनवरी माह से यह प्रक्रिया सुचारू रुप से संचालित हो जाएगी। वहीं मार्च माह में बीएसए कार्यालय द्वारा सभी सूचनाएं राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ भेजी जाएगी। यहां से साल में दो बार रिपोर्ट राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण को भी भेजी जाएगी।
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नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत समस्त प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयाें की गुणवत्ता संबंधी विभिन्न आयामाें की जानकारी प्रपत्राें में भरकर राज्य परियोजना कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके आधार पर बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को निखारा जा सकेगा। इस प्रपत्र में सभी बच्चाें का प्रवेश, उपस्थिति, पाठ्य सामग्री का वितरण, विद्यालय प्रबंध समिति सहभागिता, निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा करना, पठन पाठन की क्रिया, बच्चों का आंकलन और शैक्षिक संप्राप्ति की जानकारी को अंकित किया जाएगा। इन प्रपत्रों को दो स्तरों पर भरा जाएगा। पहले स्तर पर प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा प्रपत्र भरा जाएगा। वहीं द्वितीय स्तर पर न्याय पंचायत स्तर पर जानकारियों का संकलन करते हुए उच्चाधिकारियाें को प्रत्येक तीन माह में प्रेषित किए जाएंगे। जनवरी माह से यह प्रक्रिया सुचारू रुप से संचालित हो जाएगी। वहीं मार्च माह में बीएसए कार्यालय द्वारा सभी सूचनाएं राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ भेजी जाएगी। यहां से साल में दो बार रिपोर्ट राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण को भी भेजी जाएगी।
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