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फाइलें खंगाली तो मिली हाईकोर्ट के आदेश की प्रति
Mathura
Updated Thu, 24 Jan 2013 05:30 AM IST
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मथुरा। अफसरों की लापरवाही पर आखिर यमुना भक्तों का जज्बा भारी पड़ा। फाइलें खंगालने पर छह दिन बाद प्रशासन को कॉलोनियों में एसटीपी अनिवार्यता संबंधी आदेश की प्रति मिल गई। अब इसके अनुपालन के लिए फरमान जारी करने की तैयारी की जा रही है।
यमुना में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर उच्च न्यायालय ने विकसित होने वाली टाउनशिप मेंसीवेज ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी लगाए जाने के आदेश दिए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विकास प्राधिकरण की हीलाहवाली के चलते ये आदेश फाइलों में ही दबा रह गया। नतीजा ये कि जनपद में 60 से अधिक कॉलोनियां तथा एक दर्जन से अधिक छात्रावास वाले कॉलेज विकसित हो गए और इनका सीवेज नालियों के सहारे सीधा यमुना में गिर रहा है।
ये मुद्दा छह दिन पूर्व हुई यमुना कार्ययोजना की बैठक में उठा। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवगत कराया कि वो समय-समय पर पत्र लिखकर विप्रा अफसरों को आगाह कराते रहे लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। इधर विप्रा अफसरों ने ऐसे किसी आदेश के होने से ही इंकार कर दिया। बात बढ़ती देख नोडल अफसर व एडीएम प्रशासन अवधेश तिवारी ने आदेश दिखवाने की बात कही। आदेश की प्रति मिलने के बाद उसके अनुपालन के लिए दिशा-निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है।
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‘उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति मिल गई है। कॉलोनियों में एसटीपी लगवाने के लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।’
- अवधेश तिवारी
एडीएम व नोडल अफसर यमुना कार्ययोजना, मथुरा।
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यमुना में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर उच्च न्यायालय ने विकसित होने वाली टाउनशिप मेंसीवेज ट्रीटमेंट के लिए एसटीपी लगाए जाने के आदेश दिए थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विकास प्राधिकरण की हीलाहवाली के चलते ये आदेश फाइलों में ही दबा रह गया। नतीजा ये कि जनपद में 60 से अधिक कॉलोनियां तथा एक दर्जन से अधिक छात्रावास वाले कॉलेज विकसित हो गए और इनका सीवेज नालियों के सहारे सीधा यमुना में गिर रहा है।
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ये मुद्दा छह दिन पूर्व हुई यमुना कार्ययोजना की बैठक में उठा। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अवगत कराया कि वो समय-समय पर पत्र लिखकर विप्रा अफसरों को आगाह कराते रहे लेकिन आदेश का अनुपालन नहीं हुआ। इधर विप्रा अफसरों ने ऐसे किसी आदेश के होने से ही इंकार कर दिया। बात बढ़ती देख नोडल अफसर व एडीएम प्रशासन अवधेश तिवारी ने आदेश दिखवाने की बात कही। आदेश की प्रति मिलने के बाद उसके अनुपालन के लिए दिशा-निर्देश दिए जाने की बात कही जा रही है।
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‘उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति मिल गई है। कॉलोनियों में एसटीपी लगवाने के लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है।’
- अवधेश तिवारी
एडीएम व नोडल अफसर यमुना कार्ययोजना, मथुरा।