{"_id":"2-48391","slug":"Mathura-48391-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्वालिटी तिराहा को लग रहा ’जाम का करंट’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्वालिटी तिराहा को लग रहा ’जाम का करंट’
Mathura
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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मथुरा। सड़क किनारे ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा और तांगों का लगा जमावड़ा। जंक्शन, बस अड्डा, और भरतपुर गेट जाने वाली सवारियों को आवाज लगाते इन वाहनाें के चालक। जाम से में फंसे वाहनों के हार्न का शोर। जी हां, जनाब आप शहर के क्वालिटी तिराहे पर हैं। आपका यह अजीज चौराहा हर रोज जाम का करंट खा-खाकर बेदम हो चुका है।
वैसे तो शहर का हर चौराहा और तिराहा जाम के झाम से जूझ रहा है लेकिन क्वालिटी तिराहे की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब है। यहां ऑटो रिक्शा, तांगे के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन हर वक्त जाम को न्योता देते हैं। अन्य स्थानों की तरह ही यहां भी यातायात पुलिस की भूमिका महज तमाशबीन की ही है। इसी मार्ग पर सबसे अधिक जाम की समस्या संस्कृत महाविद्यालय के समीप सकरी सड़क होने के कारण भी पैदा होती है। विकास बाजार के समीप खडे़ आड़े तिरछे वाहनों भी जाम लगाने में काफी हद तक सहायक हैं। यह हालत तब है जब क्वालिटी तिराहे पर हर समय पुलिस की पिकेट रहती है।
पर्सनैलिटी फोटो नंबर 6,7,8,9
...तो ऐसा मिल सकती है मुक्ति
मथुरा। शहर की सड़कें अतिक्रमण और वाहनों के दबाव के चलते काफी सकरी हो गई हैं। इसके चलते लोगों को पैदल चलने तक में दिक्कत महसूस होती है।
- कम दूर जाने को पैदल जाएं
32 साल पहले गुजरात को छोड़ कर भगवान कृष्ण की नगरी में गायत्री तपो भूमि में निवास करने वाले घनश्याम भाई का कहना है कि जिस समय वह यहां आए थे। शहर की किसी सड़क पर भी भीड़ नजर नहीं आती थी। आज शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं जहां से गुजरने पर जाम का सामना न करना पड़े। घनश्याम भाई कहते हैं कि जाम में फंस कर अधिक समय बर्बाद न हो इसके कारण वाहन को छोड़ कर पैदल ही विकास बाजार आए हैं।
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- मार्ग हो जाए वन-वे
ट्रांस्पोर्टर सहगलपुरा कोतवाली निवासी किशोर गौतम कहते हैं कि क्वालिटी तिराहे और जंक्शन जाने वाले मार्ग पर जाम से वहां से निकलने में उन्हें काफी समय लगता है। उनका कहना है कि जब इस मार्ग पर वन-वे था तब जाम नहीं लगता था। इस मार्ग को अगर फिर से वन-वे कर दिया जाए तो जाम के झाम से निजात मिल सकती है।
- पुलिस हो सक्रिय
हनुमान टीला निवासी अधिवक्ता इकरार हुसैन कहते हैं कि इस मार्ग से उन्हें कचहेरी के लिए गुजरना पड़ता है। अकसर जाम में फंस जाते हैं। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
- हटे अतिक्रमण
अंबाखार निवासी व्यवसाई ओमप्रकाश कहते हैं कि जाम से उन्हें हर रोज दो चार होना पड़ता है। क्वालिटी तिराह पर जाम लगने की वजह एक तो सड़क पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण और दूसरे चालकों द्वारा वाहनों को आड़े तिरछा खड़ा करना है।
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वैसे तो शहर का हर चौराहा और तिराहा जाम के झाम से जूझ रहा है लेकिन क्वालिटी तिराहे की स्थिति कुछ ज्यादा ही खराब है। यहां ऑटो रिक्शा, तांगे के साथ-साथ सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन हर वक्त जाम को न्योता देते हैं। अन्य स्थानों की तरह ही यहां भी यातायात पुलिस की भूमिका महज तमाशबीन की ही है। इसी मार्ग पर सबसे अधिक जाम की समस्या संस्कृत महाविद्यालय के समीप सकरी सड़क होने के कारण भी पैदा होती है। विकास बाजार के समीप खडे़ आड़े तिरछे वाहनों भी जाम लगाने में काफी हद तक सहायक हैं। यह हालत तब है जब क्वालिटी तिराहे पर हर समय पुलिस की पिकेट रहती है।
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पर्सनैलिटी फोटो नंबर 6,7,8,9
...तो ऐसा मिल सकती है मुक्ति
मथुरा। शहर की सड़कें अतिक्रमण और वाहनों के दबाव के चलते काफी सकरी हो गई हैं। इसके चलते लोगों को पैदल चलने तक में दिक्कत महसूस होती है।
- कम दूर जाने को पैदल जाएं
32 साल पहले गुजरात को छोड़ कर भगवान कृष्ण की नगरी में गायत्री तपो भूमि में निवास करने वाले घनश्याम भाई का कहना है कि जिस समय वह यहां आए थे। शहर की किसी सड़क पर भी भीड़ नजर नहीं आती थी। आज शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं जहां से गुजरने पर जाम का सामना न करना पड़े। घनश्याम भाई कहते हैं कि जाम में फंस कर अधिक समय बर्बाद न हो इसके कारण वाहन को छोड़ कर पैदल ही विकास बाजार आए हैं।
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- मार्ग हो जाए वन-वे
ट्रांस्पोर्टर सहगलपुरा कोतवाली निवासी किशोर गौतम कहते हैं कि क्वालिटी तिराहे और जंक्शन जाने वाले मार्ग पर जाम से वहां से निकलने में उन्हें काफी समय लगता है। उनका कहना है कि जब इस मार्ग पर वन-वे था तब जाम नहीं लगता था। इस मार्ग को अगर फिर से वन-वे कर दिया जाए तो जाम के झाम से निजात मिल सकती है।
- पुलिस हो सक्रिय
हनुमान टीला निवासी अधिवक्ता इकरार हुसैन कहते हैं कि इस मार्ग से उन्हें कचहेरी के लिए गुजरना पड़ता है। अकसर जाम में फंस जाते हैं। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
- हटे अतिक्रमण
अंबाखार निवासी व्यवसाई ओमप्रकाश कहते हैं कि जाम से उन्हें हर रोज दो चार होना पड़ता है। क्वालिटी तिराह पर जाम लगने की वजह एक तो सड़क पर दुकानदारों द्वारा किया गया अतिक्रमण और दूसरे चालकों द्वारा वाहनों को आड़े तिरछा खड़ा करना है।