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जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर खतरा!
Mathura
Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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मथुरा। रालोद के नेतृत्व वाली जिला पंचायत में अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में आ गई है। डीएम द्वारा एक बार अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिए जाने के बाद 18 सदस्यों ने फिर से अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया। इसे स्वीकारते हुए डीएम ने इस पर मतदान की तिथि तीन सितंबर तय कर दी है। डीएम के इस फैसले ने जिले की राजनीति में खलबली मचा दी है।
दो दिन पहले ही जिला पंचायत सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष चेतन मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। लेकिन, निर्धारित प्रपत्र पर प्रस्ताव न होने के कारण इसे डीएम ने खारिज कर दिया। इसी के साथ ही सोमवार को ही जिला पंचायत के 18 सदस्यों ने फिर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया। इस बार निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के कारण डीएम ने इसे स्वीकारते हुए जिला पंचायत की बैठक तीन सितंबर को आहूत कर दी है। इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को विधिवत पूर्ण कराए जाने के लिए डीएम ने जिला जज से अनुरोध किया है।
डीएम द्वारा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकारने से ही रालोद के नेतृत्व वाली जिला पंचायत में अध्यक्ष चेतन मलिक की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। गौरतलब रहे कि जिला पंचायत में 19 सदस्य रालोद के निर्वाचित हुए थे, लेकिन अनूप चौधरी, रामवीर भरंगर सहित कई सदस्यों ने अध्यक्ष के चयन को लेकर विद्रोह कर दिया। अब यह स्थिति और गंभीर हो गई है। 18 सदस्यों की ओर से आए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में आठ सदस्य रालोद के भी हैं। इससे अध्यक्ष चेतन मलिक की कुर्सी पलटती नजर आ रही है।
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दो दिन पहले ही जिला पंचायत सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष चेतन मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। लेकिन, निर्धारित प्रपत्र पर प्रस्ताव न होने के कारण इसे डीएम ने खारिज कर दिया। इसी के साथ ही सोमवार को ही जिला पंचायत के 18 सदस्यों ने फिर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया। इस बार निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के कारण डीएम ने इसे स्वीकारते हुए जिला पंचायत की बैठक तीन सितंबर को आहूत कर दी है। इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मतदान होगा। अविश्वास प्रस्ताव की बैठक को विधिवत पूर्ण कराए जाने के लिए डीएम ने जिला जज से अनुरोध किया है।
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डीएम द्वारा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकारने से ही रालोद के नेतृत्व वाली जिला पंचायत में अध्यक्ष चेतन मलिक की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। गौरतलब रहे कि जिला पंचायत में 19 सदस्य रालोद के निर्वाचित हुए थे, लेकिन अनूप चौधरी, रामवीर भरंगर सहित कई सदस्यों ने अध्यक्ष के चयन को लेकर विद्रोह कर दिया। अब यह स्थिति और गंभीर हो गई है। 18 सदस्यों की ओर से आए अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वालों में आठ सदस्य रालोद के भी हैं। इससे अध्यक्ष चेतन मलिक की कुर्सी पलटती नजर आ रही है।
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