फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   8crores bridge in bad condition

मथुरा: 80 करोड़ की लागत से बना यमुना पुल जर्जर, खुल रहीं घोटाले की परतें

Tue, 25 Feb 2020 12:53 PM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: आगरा ब्यूरो Updated Tue, 25 Feb 2020 12:53 PM IST
विज्ञापन
8crores bridge in bad condition
जर्जर पुल - फोटो : Amar Ujala
मथुरा में दो साल पहले 80 करोड़ की लागत से बना यमुना पुल जर्जर होने के साथ-साथ जानलेवा होता जा रहा है, लेकिन सेतु निगम के अधिकारी आंखें मूंदे हैं। अब इस पुल के निर्माण में बड़े घोटाले की बू आने लगी है। कारण साफ है कि दो साल में ही पुल की परतें उखड़ रही हैं और सरिया बाहर आ गई हैं। सरिया न सिर्फ वाहनों के टायर खराब कर रही हैं बल्कि हादसों का कारण भी बन रही हैं। रविवार की देर शाम दो गाड़ियां पुल के गड्ढों से बचाने में भिड़ीं और चार लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि गाड़ियों की स्पीड तेज होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।
विज्ञापन


2014 में यमुना पर पुल का निर्माण शुरू हुआ और 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। मथुरा से गोकुल बैराज होकर अलीगढ़, सादाबाद, हाथरस जाने वाले बड़े और छोटे वाहन इसी पुल से गुजरते हैं। उद्घाटन के छह महीने बाद ही पुल की बीच के हिस्सा समेत कई स्थानों पर जर्जर होना शुरू हो गया। बीच के हिस्स में सरिया पुल से बाहर निकल आईं तो वाहन चालकों को परेशानी होने लगी।
विज्ञापन


अमर उजाला में कई बार पुल की जर्जर हालत का मुद्दा उठाया गया। कुछ महीने पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य वृंदावन दर्शन करने आए तो यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया। उन्होंने जांच की बात कही, लेकिन पुल की हालत में सुधार नहीं हुआ। दो महीने पहले पुल की हालत ज्यादा खराब हुई तो सरिया काटकर अलग कर दी गईं और गड्ढों को भर दिया गया, लेकिन स्थिति फिर खराब हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री से की घोटाले की शिकायत
प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजना प्रचार प्रसार अभियान के जिलाध्यक्ष देवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि यमुना पुल की हालत जानलेवा होती जा रही है। अक्सर गड्ढों से बचने में वाहन पलटने से बचे हैं। बीच पुल पर सरिया निकली होने के कारण वाहनों के टायर खराब हो रहे हैं। मात्र दो साल में पुल कैसे जर्जर हो सकता है। पुल के निर्माण में बड़े घोटाले से इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर पुल के निर्माण में घोटाले की शिकायत की है तथा जांच की मांग की गई है।

ऊपरी लेयर में मिली तकनीकी खराबी, रिपोर्ट शासन को भेजी
सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि पीडब्लयूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से पुल के जर्जर होने की शिकायत के बाद जांच कमेटी बनी थी। कमेटी में पीडब्लयूडी और सेतु निगम के इंजीनियर थे। जांच में पुल की पहली लेयर में तकनीकी खराबी पाई गई है, जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। पूरी लेयर बदलने के बाद ही इस समस्या का समाधान हो सकता है। इस कार्य के लिए टेंडर निकाला जा रहा है। जल्द ही पहली लेयर को बदलने का काम शुरू हो जाएगा।


2015 में निर्माण के दौरान यमुना में गिरा था चेंबर
2014 में पुल का निर्माण शुरू हुआ। 2015 में पुल के बीच में निर्माण के दौरान एक चेंबर यमुना में गिर गया था। यह मामला जब चर्चा में आया था तो जांच की गई और तकनीकी खराबी सामने आई थी। यानी निर्माण के दौरान ही यह मामला सामने आने के बाद भी सतर्कता नहीं बरती गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed