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Mathura News: 5 हजार रुपये पुलिस के, 35 हजार मेरे और साहब के हैं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:47 AM IST
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5 thousand rupees belong to the police, 35 thousand belong to me and sir
- तीन दिन की रेकी के बाद सीबीआई ने एएसआई कर्मी को रिश्वत लेते दबोचा
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- पल-पल के घटनाक्रम को सीबीआई ने किया रिकॉर्ड, लगाया गोपनीय कैमरा
- बड़ी मात्रा में नकदी और जेवरात के साथ खाली चेक बरामद होने की चर्चा

संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। चंदनवन में रिश्वत लेते दबोचे गए एएसआई कर्मी रविंद्र चाहर के लिए सीबीआई ने तीन दिन तक मथुरा में रेकी की थी। पल-पल के घटनाक्रम को गोपनीय कैमरों और वॉयस रिकार्डर की मदद से रिकाॅर्ड भी किया गया। यह भी पता लगाया गया कि रिश्वत के इस खेल में कौन-कौन और शामिल हैं। करीब 40-45 लोगों ने इस ऑपरेशन को अंजाम देते हुए एएसआई कर्मी के घर, गांव, ससुराल और आफिस में दबिश दी। चर्चा हैं कि इन स्थानों पर सीबीआई को करोड़ों रुपये के जेवरात, नकदी और बैंक खातों संबंधी रिकाॅर्ड मिले हैं। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने रविंद्र चाहर को कोर्ट में पेश किया है।
सीबीआई के कहने पर शिकायतकर्ता अमोघ आचार्य और रामवीर सिंह यादव ने रिश्वत देने के लिए एएसआई रविंद्र चाहर को चंदनवन में बुलाया। वह पुलिस लिखी मोटरसाइकिल से आया था। रामवीर और अमोघ ने रविंद्र चाहर को रंग लगे नोटों की गड्डी थमाई और नोटों की गिनती भी कराई। ताकि अदृश्य रंग उसके हाथों पर चढ़ जाए। इतना ही नहीं उसकी बातचीत रिकॉर्ड करने के लिए रामवीर ने यह भी पूछा कि यह राशि किस-किस के हिस्से की है। अब कोई और तो नहीं आ जाएगा। इस पर रविंद्र चाहर ने कहा कि अब ठाठ से मकान बनाओ कोई रोकेगा नहीं। इसमें 5 हजार रुपये पुलिस के हैं, 35 हजार मेरे और साहब के हैं।
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मकान निर्माण के बाद कोई नोटिस मिले
अमोघ आचार्य चंदनवन में मकान बनवा रहे हैं। 17 अगस्त को छावनी परिषद ने इसे अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया और इसकी सूचना हाईवे पुलिस को दी। आचार्य ने अपने जवाब में छावनी परिषद को बताया कि उसका निर्माण छावनी क्षेत्र से बाहर है। अब हाईवे पुलिस काम रुकवाने का दबाव बनाने लगी है। पीड़ित ने इसकी शिकायत डीएम और एसएसपी से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान एएसआई ने इस निर्माण को संरक्षित कोस मीनार से 130 की दूरी पर बताते हुए काम रोकने को कहा। एक नोटिस भी इस आशय का जारी कर दिया।
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आरोपी कई लोगों से वसूल चुका है राशि
एएसआई कर्मी रविंद्र चाहर निर्माणाधीन मकान तुड़वाने की धमकी देते हुए 50 हजार रुपये की मांग करने लगा। ऐसी ही मांग एएसआई कर्मी ने क्षेत्र में कई अन्य लोगों से निर्माण के एवज में की, कई से पैसे वसूल भी कर दिए, लेकिन अमोघ आचार्य ने रामवीर सिंह यादव और टीटू गुप्ता के साथ मिलकर सीबीआई की मदद ली। तीन दिन पहले आई सीबीआई टीम ने रेकी का काम किया। बुधवार को 40-45 सदस्यीय टीम ने चंदनवन में एएसआई कर्मी रविंद्र चाहर को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते दबोच लिया।

एएसआई कर्मी के घर और गांव में भी दबिश
सीबीआई ने रविंद्र चाहर के टाउनशिप में किराए के मकान, आगरा में गांव और ससुराल में भी दबिश दी है। इस दौरान करोड़ों की नकदी, जेवरात और किसी बिल्डर के हस्ताक्षरित चैक भी बरामद होने की चर्चा है। कंकाली टीला स्थित एएसआई कार्यालय से सीबीआई ने उपस्थिति रजिस्टर, अवैध निर्माण के लिए जारी होने वाले संदिग्ध नोटिस सहित विभिन्न रिकाॅर्ड भी जब्त किए हैं। उपस्थिति रजिस्टर पर रविंद्र चाहर के 48 दिन से हस्ताक्षर नहीं थे। नोटिसों पर पत्रांक नहीं मिले। हालांकि इस दौरान सीबीआई की टीम को खुद को अधिकारी बताने वाले ने आंखे भी दिखाई, लेकिन आगरा से पुष्टि होने के बाद सभी की जमीन खिसक गई। प्राचीन स्मारकों के एएसआई संरक्षण के नाम पर मथुरा जनपद में चल रहे वसूली के इस खेल में शामिल लोगों की जानकारी भी सीबीआई ने रविंद्र से जुटाई है।
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