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Mathura News: जीजा की हत्या में साली की गवाही से ससुर-साले सहित 5 को उम्रकैद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 03:13 AM IST
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5 including father-in-law and brother-in-law get life imprisonment due to sister-in-law's testimony in brother-in-law's murder
मथुरा। एडीजे एफटीसी द्वितीय सुशील कुमार की अदालत ने शनिवार को दामाद की हत्या में ससुर सहित पांच ससुरालियों को उम्रकैद व प्रत्येक को 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले की सबसे खास बात यह रही कि अदालत में मृतक की साली ने जीजा की हत्या की सच्चाई बयां करते हुए पिता व भाई सहित परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ गवाही दी।
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इधर, मृतक की बेटी ने भी पिता की हत्या के संबंध में चश्मदीद के तौर पर बयान दिए। कोर्ट ने मृतक की साली की गवाही को आधार बनाते हुए सजा सुनाई। सजा पाते ही दोषी अदालत में फूट-फूट कर रोने लगे। दोपहर बाद उनको सजा काटने के लिए जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि एक सितंबर 2012 को ग्राम पींगरी, शेरगढ़ निवासी सुभाष का शव बरसाना थाना क्षेत्र के कामा रोड पर ग्राम लौहारवाटी में बलवीर के खेत में पेड़ के पास पड़ा मिला था। उसके पेट में गोली लगी थी। शव की पहचान होने पर मृतक के पिता प्रताप को बुलाया गया। उन्होंने थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
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उन्होंने ग्राम धिलावटी, कामा, भरतपुर, राजस्थान निवासी बेटे के ससुर रामदेव, तईया ससुर भगवान सिंह, चचिया ससुर राजवीर, राजेंद्र और साले सुभाष पर बेटे की हत्या में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने सभी नामजदों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे एफटीसी द्वितीय सुशील कुमार की अदालत में हुई। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अदालत ने राजेंद्र, रामदेव, भगवान सिंह, राजवीर व सुभाष को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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पिता की शह पर चाचा ने मारी थी जीजा को गोली

सुभाष की हत्या में उसकी साली (पत्नी की बहन) कृपा ने पिता रामदेव, ताऊ भगवान सिंह, चारा राजवीर, राजेंद्र और भाई सुभाष के खिलाफ बयान दिए। उसने बताया कि जीजा सुभाष पत्नी जलवती को लेने आए थे। जीजा ने बहन को साथ ले जाने को कहा। इसी बात पर पिता, ताऊ, भाई और चाचाओं ने मना कर दिया। वे जीजा सुभाष की पिटाई करने लगे। इसी बीच चाचा राजेंद्र ने उन्हें गोली मार दी। खुद मृतक की बेटी मन्नू, जो कि वारदात के समय नाना के घर थी। उसने भी नाना, मामा व अन्य द्वारा पिता की गोली मारकर हत्या करना बताया।


हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज

मथुरा। जिला जज आशीष गर्ग की अदालत ने शनिवार को हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। बरसाना क्षेत्र निवासी पृथ्वी सिंह का शव 13 सितंबर 2014 को गांव कोंकेरा के जंगल में पेड़ पर लटका मिला था। पुलिस ने मामला आत्महत्या का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया था। इसके बाद पिता कैलाश बेटे की मौत का इंसाफ पाने के लिए अदालत पहुंचे। कोर्ट के आदेश पर रामकिशन आदि के खिलाफ पृथ्वी सिंह की हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। जेल में निरुद्ध रामकिशन ने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत के लिए जिला जज की अदालत में अर्जी दी, जिसे खारिज कर दिया है। संवाद
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