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Mathura News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.88 लाख वादों का हुआ निस्तारण
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मथुरा। जिला जज व विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष विकास कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में 3.70 लाख वादों के सापेक्ष 2.88 लाख वादों का निस्तारण किया गया। इसमें 35 पारिवारिक वादों के साथ-साथ पांच दंपती का समझौता भी कराया। इसी तरह विभिन्न वादों पर सुनवाई हुई और निस्तारण कराया गया।
न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज ने 44 सिविल वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश ने 35 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश अरविंद्र कुमार यादव ने 34 वादों का निस्तारण किया। वहीं पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों से संबंधित 110 वादों सुने और उनका निस्तारण किया। साथ ही 12.66 करोड़ रुपये की राशि पीड़ित पक्षकारों को देने का आदेश दिया।
इसी तरह प्रकीर्ण वादों, फौजदारी संबंधित, चेक बाउंस वाद, उपभोक्ता फोरम, प्री-लिटिगेशन वाद समेत 2.88 वादों का निस्तारण किया। जिला व तहसील स्तर पर स्थापित प्रशासनिक न्यायालयों वादों को सुना और वादकारों को न्याय दिया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आशीष जैन, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ब्रह्मतेज चतुर्वेदी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेंद्र प्रसाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्सव गौरव राज, अध्यक्ष बार एसोसिएशन प्रदीप कुमार शर्मा, सचिव शिवकुमार लवानियां सहित समस्त न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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जेल में निर्मित सामान की लगाई प्रदर्शनी
न्यायालय परिसर में कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित सामानों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें हथकरघा की सूती साड़ियां, तौलिए, अंगोछा, रुई से बनाई गई बत्तियां, भगवान की पोशाक एवं मुकुट आदि सामान शामिल हैं। जिला जज ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कुछ सामग्री की खरीदारी की।
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न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज ने 44 सिविल वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश ने 35 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश अरविंद्र कुमार यादव ने 34 वादों का निस्तारण किया। वहीं पीठासीन अधिकारी राजेश चौधरी ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों से संबंधित 110 वादों सुने और उनका निस्तारण किया। साथ ही 12.66 करोड़ रुपये की राशि पीड़ित पक्षकारों को देने का आदेश दिया।
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इसी तरह प्रकीर्ण वादों, फौजदारी संबंधित, चेक बाउंस वाद, उपभोक्ता फोरम, प्री-लिटिगेशन वाद समेत 2.88 वादों का निस्तारण किया। जिला व तहसील स्तर पर स्थापित प्रशासनिक न्यायालयों वादों को सुना और वादकारों को न्याय दिया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आशीष जैन, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ब्रह्मतेज चतुर्वेदी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुरेंद्र प्रसाद, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उत्सव गौरव राज, अध्यक्ष बार एसोसिएशन प्रदीप कुमार शर्मा, सचिव शिवकुमार लवानियां सहित समस्त न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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जेल में निर्मित सामान की लगाई प्रदर्शनी
न्यायालय परिसर में कारागार के बंदियों द्वारा निर्मित सामानों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें हथकरघा की सूती साड़ियां, तौलिए, अंगोछा, रुई से बनाई गई बत्तियां, भगवान की पोशाक एवं मुकुट आदि सामान शामिल हैं। जिला जज ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कुछ सामग्री की खरीदारी की।