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Mathura News: जनपद में बनेंगे 100 मॉडल तालाब, सूची तैयार
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मथुरा। जनपद में जल्द ही मेरा तालाब मेरी जिम्मेदारी अभियान से शुरू किया जाएगा। इस अभियान के जरिए पूरे भर में 100 मॉडल तालाब बनाए जाएंगे। पहले चरण में यह अभियान 5000 की आबादी वाले गांवों में चलाया जाएगा।
जिला पंचायती राज विभाग द्वारा अभियान को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलाया जाएगा। ये मॉडल तालाब ग्रे वाटर और प्लास्टिक से मुक्त होंगे। इससे जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और मच्छरजनित रोगों में कमी आएगी। गांव पंचायतों से तालाब में प्लास्टिक अपशिष्ट न फेंकने का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। तालाब में गिरने वाली नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जाली, फिल्टर चैंबर लगाया जाएगा। इससे प्लास्टिक और गंदगी तालाब में जाने से पहले ही रुक जाएगी।
वहीं ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे ग्रे वाटर का प्रवाह सीधे तालाब में न हो। इसके लिए नाली के अंत में बायो फिल्टर सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें कंकड़, रेत के इस्तेमाल के अलावा केली और केना (एक किस्म का खरपतवार) के पौधे लगाए जाएंगे। जनपद में 495 गांव पंचायतों में ऐसी गांव पंचायतों को चिह्नित किया जाएगा, जिसमें 5000 से अधिक की आबादी हो। जिला पंचायती राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि मॉडल तालाब विकसित होने से तालाब प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा, ग्रे वाटर का स्थायी समाधान होगा वहीं जल के स्वच्छ और सुरक्षित होने से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पर्यावरण में सुधार होगा।
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जिला पंचायती राज विभाग द्वारा अभियान को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चलाया जाएगा। ये मॉडल तालाब ग्रे वाटर और प्लास्टिक से मुक्त होंगे। इससे जल की गुणवत्ता में सुधार होगा और मच्छरजनित रोगों में कमी आएगी। गांव पंचायतों से तालाब में प्लास्टिक अपशिष्ट न फेंकने का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। तालाब में गिरने वाली नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप वाली जाली, फिल्टर चैंबर लगाया जाएगा। इससे प्लास्टिक और गंदगी तालाब में जाने से पहले ही रुक जाएगी।
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वहीं ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे ग्रे वाटर का प्रवाह सीधे तालाब में न हो। इसके लिए नाली के अंत में बायो फिल्टर सिस्टम लगाया जाएगा। इसमें कंकड़, रेत के इस्तेमाल के अलावा केली और केना (एक किस्म का खरपतवार) के पौधे लगाए जाएंगे। जनपद में 495 गांव पंचायतों में ऐसी गांव पंचायतों को चिह्नित किया जाएगा, जिसमें 5000 से अधिक की आबादी हो। जिला पंचायती राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि मॉडल तालाब विकसित होने से तालाब प्लास्टिक मुक्त हो जाएगा, ग्रे वाटर का स्थायी समाधान होगा वहीं जल के स्वच्छ और सुरक्षित होने से ग्रामीण स्वास्थ्य एवं पर्यावरण में सुधार होगा।
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