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नौ साल के बेटे ने दिलाई पिता के हत्यारे को सजा

Tue, 18 Dec 2012 06:03 PM IST
फैजाबाद/ब्यूरो
फैजाबाद/ब्यूरो Updated Tue, 18 Dec 2012 06:03 PM IST
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man gets punishment for his brother murder

‘सर! जिस दिन मेरे चाचा गड़ासा लेकर गए उसके 10वें दिन उन्होंने मेरा और मेरे भाई का सिर मुड़वा दिया था। घटना वाले दिन स्कूल जाते समय खेत में चाचा और पापा को देखा था। तबसे पापा वापस नहीं आए। चाचा से शाम को पूछा तो उन्होंने कहा कि वह लखनऊ कमाने गए हैं।’

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कक्षा तीन में पढ़ने वाले नौ वर्षीय शिवाकांत के इन्हीं शब्दों ने पिता के हत्यारे चाचा को जेल के सीखचों के पीछे भेज दिया। सोमवार को अदालत ने सगे भाई के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सात हजार रुपये जुर्माना भी किया है। फैसला अपर जिला जज फरीदुल हक की अदालत से हुआ। मामला फैजाबाद जिले में खंडासा थाना क्षेत्र के सैदखानपुर गांव का है।
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जमीन के लिए हत्या
एडीजीसी साहिर नईम सफवी ने बताया कि घटना की रवींद्र कुमार की पत्नी रामावती ने 21 फरवरी 2010 को रिपोर्ट लिखाई थी। रिपोर्ट में कहा था कि उसके पति रवींद्र कुमार दो भाई थे। देवर सुनील कुमार की कोई संतान नहीं है। वह उसके पति के हिस्से की जमीन बेंच देना चाहता था। आठ माह पहले इलाज के लिए वह अपने मायके चली गई। 20-25 दिन पहले सुनील ने उसके पति रवींद्र की हत्या करके लाश छिपा दी। सिर गांव की ही प्राणपती के खेत में मिला है।
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विवेचना में मृतक के कपड़े और अन्य सामान बरामद हुए। सुनवाई के दौरान मृतक की पत्नी रामावती और लड़के शिवाकांत की गवाही हुई, जिसमें शिवाकांत की गवाही घटना की कड़ियां जोड़ने में सहायक हुईं और उसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।

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