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Mainpuri News: भूमि विवाद मुक्त बनेंगे गांव, बरसों पुरानी रार करेंगे दूर
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मैनपुरी। जनवरी 2026 से तीन जुलाई, 2026 तक सबसे ज्यादा राजस्व की शिकायतें मैनपुरी देहात से मिली हैं। इसी तरह से अन्य 29 गांव चुने गए हैं, जहां सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों का निस्तारण करने के लिए मिशन समाधान के बाद हर शुक्रवार को राजस्व और पुलिस विभाग की टीम विवादों का निस्तारण करने जाएगी। जब तक संबंधित गांव की शिकायत का निस्तारण नहीं हो जाएगा, तब तक टीम लगातार वहां जाकर समाधान करने में जुटेगी।
जिलाधिकारी कार्यालय में रोजाना सैकड़ों शिकायतें आती हैं। इनमें करीब 80 फ़ीसदी शिकायतें राजस्व से संबंधित होती हैं। इन शिकायतों का निस्तारण करने और इनमें कमी लाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों के 30 ऐसे गांव चिह्नित किए हैं, जहां से सबसे ज्यादा राजस्व संबंधी शिकायत कार्यालय आ रही हैं। उन्होंने इन शिकायतों का निस्तारण करने के लिए हर तहसील में टीमों का गठन किया है, जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व, थाना अध्यक्ष, बीडीओ, एडीओ पंचायत और सचिव शामिल होंगे। हर शुक्रवार को संबंधित तहसील के तीन गांव चिह्नित किए जाएंगे, जहां पर यह टीम जाएंगी।
गांव में जाने के बाद टीम पक्ष और विपक्ष के साथ समन्वय स्थापित करेगी। उनकी शिकायत को गंभीरता से सुनेगी और मौके पर ही निस्तारण करने की कोशिश करेगी। अगर प्रथम दिन इनकी शिकायत का निस्तारण नहीं होता है तो टीम रोजाना गांव में जाएगी और जब तक पूर्ण रूप से निस्तारण न हो तब तक यह क्रम जारी रहेगा।
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सबसे ज्यादा शिकायत मैनपुरी देहात की
जिला कार्यालय पर आने वाली शिकायतों की लंबे समय से मॉनिटरिंग की जा रही थी। 1 जनवरी 2026 से 3 जुलाई तक ऐसे सभी गांव को चिह्नित किया गया, जिनमें से सबसे ज्यादा राजस्व की शिकायतें आती थीं। इसके अनुसार पहले स्थान पर मैनपुरी देहात, दूसरे पर करहल देहात, तीसरे पर घिरोर खास, चौथे पर अगौंथा और पांचवें स्थान पर मनौना गांव है।
6 तहसीलों में 30 गांव किए चिह्नित
जिले की 6 तहसीलों में मैनपुरी, करहल, भोगांव, कुरावली, किशनी और घिरोर शामिल हैं। मैनपुरी, करहल और भोगांव तहसील में 6-6 गांव चिह्नित किए गए हैं। वहीं किशनी, कुरावली और घिरोर तहसील में चार-चार गांव चिह्नित किए हैं।
विवाद मुक्त होने पर विकास के लिए मिलेगा बजट
गांव में मिलने वाले विवाद के खत्म होने पर प्रशासन की ओर विकास के लिए बजट भी दिया जाएगा। ये बजट 50 लाख रुपये तक का हो सकता है। इससे ग्रामीण एक राय होकर विकास कार्य का प्रस्ताव दे सकेंगे।
वर्जन
जिला कार्यालय पर अधिकतर राजस्व की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को कम करने के लिए हर शुक्रवार को गठित की गई टीम अपने क्षेत्र में जाकर शिकायतों का मौके पर निस्तारण करेगी। जब तक शिकायत दूर नहीं होती तब तक टीम संबंधित गांव में जाएगी। डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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जिलाधिकारी कार्यालय में रोजाना सैकड़ों शिकायतें आती हैं। इनमें करीब 80 फ़ीसदी शिकायतें राजस्व से संबंधित होती हैं। इन शिकायतों का निस्तारण करने और इनमें कमी लाने के लिए जिला प्रशासन ने सभी तहसीलों के 30 ऐसे गांव चिह्नित किए हैं, जहां से सबसे ज्यादा राजस्व संबंधी शिकायत कार्यालय आ रही हैं। उन्होंने इन शिकायतों का निस्तारण करने के लिए हर तहसील में टीमों का गठन किया है, जिसमें एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व, थाना अध्यक्ष, बीडीओ, एडीओ पंचायत और सचिव शामिल होंगे। हर शुक्रवार को संबंधित तहसील के तीन गांव चिह्नित किए जाएंगे, जहां पर यह टीम जाएंगी।
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गांव में जाने के बाद टीम पक्ष और विपक्ष के साथ समन्वय स्थापित करेगी। उनकी शिकायत को गंभीरता से सुनेगी और मौके पर ही निस्तारण करने की कोशिश करेगी। अगर प्रथम दिन इनकी शिकायत का निस्तारण नहीं होता है तो टीम रोजाना गांव में जाएगी और जब तक पूर्ण रूप से निस्तारण न हो तब तक यह क्रम जारी रहेगा।
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सबसे ज्यादा शिकायत मैनपुरी देहात की
जिला कार्यालय पर आने वाली शिकायतों की लंबे समय से मॉनिटरिंग की जा रही थी। 1 जनवरी 2026 से 3 जुलाई तक ऐसे सभी गांव को चिह्नित किया गया, जिनमें से सबसे ज्यादा राजस्व की शिकायतें आती थीं। इसके अनुसार पहले स्थान पर मैनपुरी देहात, दूसरे पर करहल देहात, तीसरे पर घिरोर खास, चौथे पर अगौंथा और पांचवें स्थान पर मनौना गांव है।
6 तहसीलों में 30 गांव किए चिह्नित
जिले की 6 तहसीलों में मैनपुरी, करहल, भोगांव, कुरावली, किशनी और घिरोर शामिल हैं। मैनपुरी, करहल और भोगांव तहसील में 6-6 गांव चिह्नित किए गए हैं। वहीं किशनी, कुरावली और घिरोर तहसील में चार-चार गांव चिह्नित किए हैं।
विवाद मुक्त होने पर विकास के लिए मिलेगा बजट
गांव में मिलने वाले विवाद के खत्म होने पर प्रशासन की ओर विकास के लिए बजट भी दिया जाएगा। ये बजट 50 लाख रुपये तक का हो सकता है। इससे ग्रामीण एक राय होकर विकास कार्य का प्रस्ताव दे सकेंगे।
वर्जन
जिला कार्यालय पर अधिकतर राजस्व की शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों को कम करने के लिए हर शुक्रवार को गठित की गई टीम अपने क्षेत्र में जाकर शिकायतों का मौके पर निस्तारण करेगी। जब तक शिकायत दूर नहीं होती तब तक टीम संबंधित गांव में जाएगी। डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी