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चुपके से आए कमिश्नर, निरीक्षण कर चले गए
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Sat, 29 Apr 2017 11:28 PM IST
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चुपके से आए कमिश्नर, निरीक्षण कर चले गए
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार को कमिश्नर आगरा मंडल के राममोहन राव चुपके से आए और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। वे लगभग आधा घंटे तक अस्पताल परिसर में रुके रहे। स्टाफ के साथ ही मरीजों से पूछताछ की और इसके बाद चले गए। कुछ स्टाफ ने उनसे पूछा भी कि आप कौन हैं तो जवाब मिला कि मरीज के साथ आए हैं। इससे भी बुरा हाल उन्हें विकास भवन में मिला। वहां आधे से भी अधिक कर्मचारी अनुपस्थित मिले। उक्त कर्मचारियों के नाम नोट कर कमिश्नर ले गए।
कमिश्नर ने बताया कि जिला अस्पताल और विकास भवन में जो कमियां मिली हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखा जाएगा।
शनिवार को कमिश्नर आगरा मंडल पहले फिरोजाबाद पहुंचे। वहां उन्होंने जिला अस्पताल में छापा मारा। वहां कार्रवाई करने के बाद वे वहां से मैनपुरी। पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने किसी भी अधिकारी को कोई सूचना नहीं दी। एक गाड़ी में एक अन्य आदमी के साथ वह लगभग दो बजे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां वे जनरल वार्ड में पहुंचे। वहां उन्होंने मौके पर मौजूद रोगियों से बातचीत की। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं के अलावा दवाएं कहां से मिल रही हैं कौन सा डाक्टर बाहर की दवाएं लिख रहा है। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें चिकित्सक बाहर से दवाएं लिखते हैं। इस पर उन्होंने चिकित्सकों के नाम नोट कर लिए। इसी दौरान एक स्टाफ नर्स उनके पास पहुंची और उनसे इस पूछताछ के संबंध में पूछा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि वे एक मरीज के साथ आएं हैं इसलिए पूछताछ कर रहे हैं। इसके बाद नर्स वहां से चली गई।
वहीं इसके बाद कमिश्नर सीधे विकास भवन पहुंचे। वहां पर उन्हें आधे से अभी अधिक स्टाफ अनुपस्थित मिला। यही नहीं गंदगी के साथ ही तमाम अन्य शिकायतें भी उन्हें मिलीं। वहां के हालात देखकर उन्हें काफी अचंभा हुआ। उन्होंने वहां अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची भी बनाई। देर शाम फोन पर कमिश्नर के राममोहन राव ने बताया कि वे गोपनीय रूप से अस्पताल व विकास भवन की चेकिंग पर गए थे। वहां काफी कुछ सही नहीं मिला। विकास भवन में हालात अधिक खराब मिले। साथ ही मरीजों ने कुछ चिकित्सकों की शिकायत भी की है। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को भी उक्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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बगल में खड़े कमिश्नर को नहीं पहचान सके
कमिश्नर के राममोहन राव जब विकास भवन पहुंचे तो वहां खड़े होकर कर्मचारियों के संबंध में पूछने लगे। इसी दौरान एक अन्य कर्मचारी वहां आया और कमिश्नर के सामने ही साथी क्लर्क से पूछने लगा कि आज तो कमिश्नर साहब चेकिंग के लिए आने वाले थे क्या हुआ अभी तक आए नहीं। यह सब सुनकर भी कमिश्नर चुप खड़े रहे। उन्होंने उक्त कर्मचारी का भी नाम अपनी डायरी में नोट कर लिया है। उल्लेखनीय है कि निरीक्षण गोपनीय होने के कारण उनके साथ कोई अर्दली आदि नहीं था।
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कमिश्नर ने बताया कि जिला अस्पताल और विकास भवन में जो कमियां मिली हैं उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखा जाएगा।
शनिवार को कमिश्नर आगरा मंडल पहले फिरोजाबाद पहुंचे। वहां उन्होंने जिला अस्पताल में छापा मारा। वहां कार्रवाई करने के बाद वे वहां से मैनपुरी। पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने किसी भी अधिकारी को कोई सूचना नहीं दी। एक गाड़ी में एक अन्य आदमी के साथ वह लगभग दो बजे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां वे जनरल वार्ड में पहुंचे। वहां उन्होंने मौके पर मौजूद रोगियों से बातचीत की। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं के अलावा दवाएं कहां से मिल रही हैं कौन सा डाक्टर बाहर की दवाएं लिख रहा है। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें चिकित्सक बाहर से दवाएं लिखते हैं। इस पर उन्होंने चिकित्सकों के नाम नोट कर लिए। इसी दौरान एक स्टाफ नर्स उनके पास पहुंची और उनसे इस पूछताछ के संबंध में पूछा। इस पर कमिश्नर ने कहा कि वे एक मरीज के साथ आएं हैं इसलिए पूछताछ कर रहे हैं। इसके बाद नर्स वहां से चली गई।
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वहीं इसके बाद कमिश्नर सीधे विकास भवन पहुंचे। वहां पर उन्हें आधे से अभी अधिक स्टाफ अनुपस्थित मिला। यही नहीं गंदगी के साथ ही तमाम अन्य शिकायतें भी उन्हें मिलीं। वहां के हालात देखकर उन्हें काफी अचंभा हुआ। उन्होंने वहां अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची भी बनाई। देर शाम फोन पर कमिश्नर के राममोहन राव ने बताया कि वे गोपनीय रूप से अस्पताल व विकास भवन की चेकिंग पर गए थे। वहां काफी कुछ सही नहीं मिला। विकास भवन में हालात अधिक खराब मिले। साथ ही मरीजों ने कुछ चिकित्सकों की शिकायत भी की है। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। वहीं संबंधित अधिकारियों को भी उक्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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बगल में खड़े कमिश्नर को नहीं पहचान सके
कमिश्नर के राममोहन राव जब विकास भवन पहुंचे तो वहां खड़े होकर कर्मचारियों के संबंध में पूछने लगे। इसी दौरान एक अन्य कर्मचारी वहां आया और कमिश्नर के सामने ही साथी क्लर्क से पूछने लगा कि आज तो कमिश्नर साहब चेकिंग के लिए आने वाले थे क्या हुआ अभी तक आए नहीं। यह सब सुनकर भी कमिश्नर चुप खड़े रहे। उन्होंने उक्त कर्मचारी का भी नाम अपनी डायरी में नोट कर लिया है। उल्लेखनीय है कि निरीक्षण गोपनीय होने के कारण उनके साथ कोई अर्दली आदि नहीं था।