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Mainpuri News: पर्यटकों की बेरुखी से वीरान हुआ सारस सर्किट
Sat, 29 Nov 2025 02:44 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Sat, 29 Nov 2025 02:44 AM IST
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फोटो 14 सारस सर्किट क्षेत्र में मौजूद सारस। संवाद
करहल। जिले में सारस के संरक्षण और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बनाए गए सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र सूने पड़े हुए हैं। पर्यटकों में सारस को देखने ललक नहीं होने की वजह से उनकी यहां आमद भी नहीं होने से मायूसी छाई है। वहीं, इसकी वजह सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र में सुविधाओं का भी अभाव मानी जा रही है। जिले की पहचान सारस से भी की जाती है। पर्यटन विभाग के आंकड़ाें के अनुसार जिले में 2694 व्यस्क सारस और 210 अव्यस्क सारस हैं। सारसों के संरक्षण और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए जनपद में करीब 700 हेक्टेयर में वेटलैंड क्षेत्र विकसित किया गया है। जिसमें समान रामसर क्षेत्र 526 हेक्टेयर, सौज 108 हेक्टेयर, सहन 30 हेक्टेयर, विधूना 20 हेक्टेयर, भांवत 10 हेक्टेयर, हसैल नगला सारंग चार हेक्टेयर, सहस तीन हेक्टेयर, खुदैया दो हेक्टेयर, किरथुआ दो हेक्टेयर, नगला झडू तखरऊ एक हेक्टेयर में वेटलैंड क्षेत्र विकसित किया गया है।पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वेटलेंड क्षेत्रों मे वॉचटॉवर और पेड़ पौधे लगाए गए हैं। इसके बाद भी यहां पर पर्यटकों की संख्या न के बराबर ही है। पर्यटक यहां आने का मन नहीं बनाते है। इसका एक कारण यह भी है कि अधिकांश वेटलैंड एरिया सुदूर क्षेत्र में विकसित किए गए हैं। यहां तक पहुंचने में पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। करहल क्षेत्र में बने वेटलैंड क्षेत्रों को देखने के लिए कभी-कभी निजी स्कूलों के छात्र ही जाते हैं। स्कूलों से छात्रों को भेजा जाता है। छात्र यहां वेटलैंड की जानकारी प्राप्त करते हैं l
केवल समान पक्षी विहार में बना पार्क : किशनी के समान स्थित पक्षी विहार में तो पार्क बनाकर और पेड़ पौधे लगाए गए हैं। यहां पर झूले और सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य किसी वेटलैंड क्षेत्रों में पार्क नहीं बन पाए हैं। केवल वॉच टॉवर व सीमेंट की कुछ बेंच ही बनी हुई हैं। वेटलैंड क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए जलपान की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इन क्षेत्रों में कोई केंटीन नहीं बनाई गयी है। न ही कोई अन्य सुविधा है।
वेटलैंड एरिया की पहचान :नमी या दलदली भूमि वाले क्षेत्र को आर्द्रभूमि या वेटलैंड कहा जाता है। दरअसल वेटलैंड्स ऐसे क्षेत्र हैं, जहां भरपूर नमी पाई जाती है। इसके कई लाभ भी हैं। आर्द्रभूमि जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है। आर्द्रभूमि वह क्षेत्र है जो वर्ष भर आंशिक रूप से या पूरी तरह जल से भरा रहता है।
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पूर्व सीडीओ ने दिखाई थी दिलचस्पी : वित्तीय वर्ष 2021-2022 में तत्कालीन सीडीओ ईशा प्रिया के प्रयास से करहल क्षेत्र में सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र सहन विकसित किया गया। उसी समय वॉचटॉवर व पेड़ पौधे लगाए गए थे। इसके अलावा अन्य वेटलैंड क्षेत्रों में भी विकास कार्य कराया गया था l यहां पेड़-पौधे और पार्क विकसित नहीं हो पाया है।
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केवल समान पक्षी विहार में बना पार्क : किशनी के समान स्थित पक्षी विहार में तो पार्क बनाकर और पेड़ पौधे लगाए गए हैं। यहां पर झूले और सेल्फी पॉइंट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा अन्य किसी वेटलैंड क्षेत्रों में पार्क नहीं बन पाए हैं। केवल वॉच टॉवर व सीमेंट की कुछ बेंच ही बनी हुई हैं। वेटलैंड क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए जलपान की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इन क्षेत्रों में कोई केंटीन नहीं बनाई गयी है। न ही कोई अन्य सुविधा है।
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वेटलैंड एरिया की पहचान :नमी या दलदली भूमि वाले क्षेत्र को आर्द्रभूमि या वेटलैंड कहा जाता है। दरअसल वेटलैंड्स ऐसे क्षेत्र हैं, जहां भरपूर नमी पाई जाती है। इसके कई लाभ भी हैं। आर्द्रभूमि जल को प्रदूषण से मुक्त बनाती है। आर्द्रभूमि वह क्षेत्र है जो वर्ष भर आंशिक रूप से या पूरी तरह जल से भरा रहता है।
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पूर्व सीडीओ ने दिखाई थी दिलचस्पी : वित्तीय वर्ष 2021-2022 में तत्कालीन सीडीओ ईशा प्रिया के प्रयास से करहल क्षेत्र में सारस सर्किट पर्यटन क्षेत्र सहन विकसित किया गया। उसी समय वॉचटॉवर व पेड़ पौधे लगाए गए थे। इसके अलावा अन्य वेटलैंड क्षेत्रों में भी विकास कार्य कराया गया था l यहां पेड़-पौधे और पार्क विकसित नहीं हो पाया है।

फोटो 14 सारस सर्किट क्षेत्र में मौजूद सारस। संवाद