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एसआईटी ने तीन शिक्षक और लखनऊ तलब किए
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 12 May 2016 11:15 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फर्जी डिग्री प्रकरण में जिले के तीन और शिक्षक जांच के दायरे में आ गए हैं। डाक्टर भीमराव अंबेडकर विवि के फर्जी डिग्री घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने इन शिक्षकों को नोटिस भेज कर 17 मई को लखनऊ में तलब किया है।
एसआईटी ने जांच के दौरान पाया है कि विश्वविद्यालय से वर्ष 2007 से 2011 के बीच लगभग 25 हजार युवक और युवतियों ने बीएड की फर्जी डिग्री ली है। इस मामले में चार विश्वविद्यालय कर्मियों के खिलाफ एसआईटी एफआईआर भी दर्ज करा चुकी है। अब विकास खंड घिरोर के प्राथमिक विद्यालय नगला अमर सिंह में तैनात शिक्षक अनिल कुमार, ब्लाक बेवर के प्राथमिक विद्यालय विरयान में तैनात सर्वेश राठौर, और दिनेश चंद्र की बीएड की डिग्री फर्जी होने के सबूूत एसआईटी को मिले हैं। दिनेश चंद्र किस विकास खंड और किस जिले में तैनात है। इसका पता विभाग को नहीं चल पा रहा है। एसआईटी के नोटिस आने के बाद से विभाग ने उक्त शिक्षकों से संबंधित जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। बता दें, इससे पूर्व जनवरी में सात और फरवरी में तीन शिक्षकों को एसआईटी लखनऊ बुला चुकी है। ये शिक्षक विकास खंड घिरोर, बरनाहल और बेवर में तैनात हैं। जिन शिक्षकों को एसआईटी ने तलब किया गया है। विभाग ने उनका वेतन भी रोक दिया है। विभाग का मानना है कि जब तक एसआईटी संबंधित शिक्षकों को क्लीन चिट नहीं दे देती तब तक उनको वेतन भुगतान करना परेशानी का कारण बन सकता है। दोषी पाए जाने पर इन शिक्षकों से रिकवरी में परेशानी भी आएगी।
इस संबंध में शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही संबंधित एबीएसए को निर्देश दिए हैं कि जो शिक्षक लखनऊ में न जाएं उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए।
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भारती शाक्य, प्रभारी बीएसए, मैनपुरी
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एसआईटी ने जांच के दौरान पाया है कि विश्वविद्यालय से वर्ष 2007 से 2011 के बीच लगभग 25 हजार युवक और युवतियों ने बीएड की फर्जी डिग्री ली है। इस मामले में चार विश्वविद्यालय कर्मियों के खिलाफ एसआईटी एफआईआर भी दर्ज करा चुकी है। अब विकास खंड घिरोर के प्राथमिक विद्यालय नगला अमर सिंह में तैनात शिक्षक अनिल कुमार, ब्लाक बेवर के प्राथमिक विद्यालय विरयान में तैनात सर्वेश राठौर, और दिनेश चंद्र की बीएड की डिग्री फर्जी होने के सबूूत एसआईटी को मिले हैं। दिनेश चंद्र किस विकास खंड और किस जिले में तैनात है। इसका पता विभाग को नहीं चल पा रहा है। एसआईटी के नोटिस आने के बाद से विभाग ने उक्त शिक्षकों से संबंधित जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है। इससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। बता दें, इससे पूर्व जनवरी में सात और फरवरी में तीन शिक्षकों को एसआईटी लखनऊ बुला चुकी है। ये शिक्षक विकास खंड घिरोर, बरनाहल और बेवर में तैनात हैं। जिन शिक्षकों को एसआईटी ने तलब किया गया है। विभाग ने उनका वेतन भी रोक दिया है। विभाग का मानना है कि जब तक एसआईटी संबंधित शिक्षकों को क्लीन चिट नहीं दे देती तब तक उनको वेतन भुगतान करना परेशानी का कारण बन सकता है। दोषी पाए जाने पर इन शिक्षकों से रिकवरी में परेशानी भी आएगी।
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इस संबंध में शिक्षकों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही संबंधित एबीएसए को निर्देश दिए हैं कि जो शिक्षक लखनऊ में न जाएं उनको तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाए।
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भारती शाक्य, प्रभारी बीएसए, मैनपुरी