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पुलिस मौन, बेनीराम जिंदा है तो मरा कौन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:08 AM IST
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लूट के मामले की जांच करती पुलिस और पीड़ित व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला
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यह मामला किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। 10 दिन पहले नगला गुलाल के समीप पुलिस को एक शव मिलता है। उसकी पहचान नहीं होती। पुलिस अज्ञात में शव का अंतिम संस्कार करा देती है। दो दिन पहले टूंडला निवासी एक परिवार कपड़ों के आधार पर मरने वाले की पहचान बेनीराम भगत निवासी गांव एलाऊ खेड़ा टूंडला के रूप में कर देता है। उसकी बहन के देवर पर हत्या का आरोप लगा देता है। शनिवार को थाने पहुंचे बेनीराम भगत ने थानेदार से कहां साहब मैं मरा नहीं हूं, जिंदा हूं। मामले की गुत्थी उलझ गई है। पुलिस भी फंस गई है। बेनीराम जिंदा हैं तो फिर मरने वाला कौन था ?
थाना दन्नाहार क्षेत्र के नगला गुलाल के समीप 15 सितंबर की शाम पीले वस्त्र पहने एक वृद्ध का शव मिला था। शिनाख्त न होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार को थाना दन्नाहार पहुंचे टूंडला निवासी एक परिवार ने मृतक की शिनाख्त बेनीराम भगत के रूप में की थी। शिनाख्त करने वालों ने कोतवाली क्षेत्र के ग्वालटोली निवासी बेनीराम की बहन के देवर पर हत्या का आरोप भी लगाया था। पुलिस हत्यारोपी के खिलाफ कार्रवाई कर ही रही थी कि शनिवार को एक वृद्ध दन्नाहार थाने पहुंच गया। थानेदार को बताया कि साहब आप जिस बेनीराम की हत्या में कार्रवाई करने जा रहे हो वह जिंदा है। मैं ही बेनीराम भगत हूं। नगला गुलाल के समीप जो शव मिला था वो उसका नहीं है। उसका भाई से जमीन का विवाद है, इस कारण घर छोड़कर ब्रह्मचारी आश्रम में रह रहा है। बहन के देवर से कोई विवाद नहीं है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
वृद्ध के बयान दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है बेनीराम जिंदा है तो वह शव किसका था। लोगों ने गलत शिनाख्त क्यों की ?
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शुजात हुसैन, थानाध्यक्ष दन्नाहार
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थाना दन्नाहार क्षेत्र के नगला गुलाल के समीप 15 सितंबर की शाम पीले वस्त्र पहने एक वृद्ध का शव मिला था। शिनाख्त न होने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार को थाना दन्नाहार पहुंचे टूंडला निवासी एक परिवार ने मृतक की शिनाख्त बेनीराम भगत के रूप में की थी। शिनाख्त करने वालों ने कोतवाली क्षेत्र के ग्वालटोली निवासी बेनीराम की बहन के देवर पर हत्या का आरोप भी लगाया था। पुलिस हत्यारोपी के खिलाफ कार्रवाई कर ही रही थी कि शनिवार को एक वृद्ध दन्नाहार थाने पहुंच गया। थानेदार को बताया कि साहब आप जिस बेनीराम की हत्या में कार्रवाई करने जा रहे हो वह जिंदा है। मैं ही बेनीराम भगत हूं। नगला गुलाल के समीप जो शव मिला था वो उसका नहीं है। उसका भाई से जमीन का विवाद है, इस कारण घर छोड़कर ब्रह्मचारी आश्रम में रह रहा है। बहन के देवर से कोई विवाद नहीं है। उसे झूठा फंसाया जा रहा है।
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वृद्ध के बयान दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस पता लगाने का प्रयास कर रही है बेनीराम जिंदा है तो वह शव किसका था। लोगों ने गलत शिनाख्त क्यों की ?
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शुजात हुसैन, थानाध्यक्ष दन्नाहार