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पेयजल टंकियों के आसपास पसरी गंदगी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:48 PM IST
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पसरी गंदगी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शहर में बनी पेयजल टंकियों के आसपास गंदगी के ढेर लगे हैं। इसके चलते कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते हैं। वहीं पालिका के अधिकारियाें का कहना है कि साल में दो बार टंकियों की सफाई कराई जाती है।
उल्लेखनीय है कि शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए पानी की टंकियां बनी हैं। इनकी साफ-सफाई के लिए पालिका साल में दो बार पूरी खाली कराकर क्लोरिन से सफाई कराती है। ताकि पानी दूषित न हो सकें और लोगों का पानी के कारण स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव न पड़े। टंकियों की सफाई बारिश से पहले और गर्मी शुरू से पहले कराई जाती है। जून 2016 में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई थी। वहीं पानी की तो सफाई करा दी जाती है, लेकिन उसके आसपास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इससे कभी संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
लोगों का कहना है कि टंकियों के आसपास सफाई न होने से पानी दूषित होने का डर लगा रहता है। वहीं कई बार नलों में दूषित पानी भी आता है। इससे लोग चिंतित रहते हैं। शहर के मोहल्ला छपट्टी स्थित पानी की टंकी के आसपास कूड़ा कचरा फैला रहता है। इसकी सफाई के कोई इंतजाम नहीं है। वहीं ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल परिसर, करहल रोड स्थित टंकियों का हाल है।
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नलों में आता है दूषित पानी
मैनपुरी (ब्यूरो)। पालिका भले ही साल में दो बार पेयजल टंकियों की सफाई कराने का दावा करे, लेकिन सच्चाई इससे इतर है। कई बार नलों में दूषित पानी आता है। मोहल्ला छपट्टी निवासी रामकुमार, राहुल राठौर, रूबी खान आदि का कहना है कि आए दिन नलों में दूषित पानी आता है। कभी-कभी तो कीड़े भी आते हैं। इससे लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है।
साल में दो बार पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाती है। फिर यदि कुछ क्षेत्रों से दूषित पानी आने की सूचना मिलती है तो दोबारा करा दी जाती है। गर्मी शुरू हो रही हैं इसके चलते शीघ्र ही पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाएगी।
-रामपाल यादव, ईओ, नगरपालिका
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उल्लेखनीय है कि शहर में पेयजल व्यवस्था के लिए पानी की टंकियां बनी हैं। इनकी साफ-सफाई के लिए पालिका साल में दो बार पूरी खाली कराकर क्लोरिन से सफाई कराती है। ताकि पानी दूषित न हो सकें और लोगों का पानी के कारण स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव न पड़े। टंकियों की सफाई बारिश से पहले और गर्मी शुरू से पहले कराई जाती है। जून 2016 में पानी की टंकियों की सफाई कराई गई थी। वहीं पानी की तो सफाई करा दी जाती है, लेकिन उसके आसपास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। इससे कभी संक्रामक रोग फैल सकते हैं।
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लोगों का कहना है कि टंकियों के आसपास सफाई न होने से पानी दूषित होने का डर लगा रहता है। वहीं कई बार नलों में दूषित पानी भी आता है। इससे लोग चिंतित रहते हैं। शहर के मोहल्ला छपट्टी स्थित पानी की टंकी के आसपास कूड़ा कचरा फैला रहता है। इसकी सफाई के कोई इंतजाम नहीं है। वहीं ऐसा ही हाल रेलवे स्टेशन, जिला अस्पताल परिसर, करहल रोड स्थित टंकियों का हाल है।
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नलों में आता है दूषित पानी
मैनपुरी (ब्यूरो)। पालिका भले ही साल में दो बार पेयजल टंकियों की सफाई कराने का दावा करे, लेकिन सच्चाई इससे इतर है। कई बार नलों में दूषित पानी आता है। मोहल्ला छपट्टी निवासी रामकुमार, राहुल राठौर, रूबी खान आदि का कहना है कि आए दिन नलों में दूषित पानी आता है। कभी-कभी तो कीड़े भी आते हैं। इससे लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है।
साल में दो बार पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाती है। फिर यदि कुछ क्षेत्रों से दूषित पानी आने की सूचना मिलती है तो दोबारा करा दी जाती है। गर्मी शुरू हो रही हैं इसके चलते शीघ्र ही पेयजल टंकियों की सफाई कराई जाएगी।
-रामपाल यादव, ईओ, नगरपालिका